Ranchi Murder: रांची में पैसे न देने पर कलयुगी बेटे ने पिता को कुदाल से काटा, मौके पर ही गोविंद साहू की मौत, आरोपी कमल गिरफ्तार
राजधानी रांची के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में जुआरी बेटे ने पैसे न देने पर अपने पिता गोविंद साहू की कुदाल से काटकर हत्या कर दी है। कमल साहू की गिरफ्तारी और नशे व जुए के इस खौफनाक अंजाम की पूरी इनसाइड रिपोर्ट यहाँ देखें।
रांची/झारखंड, 8 अप्रैल 2026 – झारखंड की राजधानी रांची के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र अंतर्गत हाराटांड़ में रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है। जुए की लत में डूबे एक बेटे ने चंद रुपयों के लिए अपने सगे पिता की कुदाल से काटकर बेरहमी से हत्या कर दी। मृतक की पहचान गोविंद साहू के रूप में हुई है, जो अपने ही घर में खून से लथपथ मृत पाए गए। नशे और जुए के दलदल में धंसे 32 वर्षीय कमल साहू ने गुस्से में आकर अपने पिता पर तब तक प्रहार किया जब तक उनकी सांसें नहीं थम गईं। इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और पुलिस ने आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया है।
कुदाल से वार और मौके पर मौत: जुए की लत ने बनाया कातिल
रांची के हाराटांड़ में मंगलवार की शाम एक सामान्य शाम की तरह शुरू हुई थी, लेकिन कमल साहू के सिर पर सवार जुए के जुनून ने इसे 'ब्लैक डे' में बदल दिया।
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पैसे का विवाद: आरोपी कमल साहू पिछले काफी समय से जुआ खेलने का आदी था। हाल ही में वह जुए में एक बड़ी रकम हार चुका था और उसे अपने दांव जारी रखने के लिए और पैसों की सख्त जरूरत थी।
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पिता का इनकार: कमल ने अपने पिता गोविंद साहू से पैसों की मांग की। गोविंद साहू अपने बेटे की इस बुरी लत से वाकिफ थे और उन्होंने पैसे देने से साफ मना कर दिया। पिता ने कमल को सुधारने की कोशिश की, लेकिन कमल पर इसका उल्टा असर हुआ।
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ताबड़तोड़ हमला: बार-बार इनकार सुनने के बाद कमल का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया। उसने पास में रखी कुदाल उठाई और अपने पिता पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। कुदाल के प्रहार इतने गहरे थे कि गोविंद साहू को संभलने का मौका तक नहीं मिला और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई।
पुलिसिया कार्रवाई: मौके से दबोचा गया 'कलयुगी' बेटा
वारदात की खबर जैसे ही गांव में फैली, लोगों का हुजूम गोविंद साहू के घर के बाहर जुट गया। सूचना मिलते ही एयरपोर्ट थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँचे।
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गिरफ्तारी: पुलिस ने भागने की कोशिश कर रहे कमल साहू को घेराबंदी कर धर दबोचा। हत्या में इस्तेमाल की गई कुदाल को भी पुलिस ने साक्ष्य के रूप में जब्त कर लिया है।
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पोस्टमार्टम: पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रिम्स (RIMS) भेज दिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
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सन्नाटा: हाराटांड़ जैसे शांत इलाके में सगे बेटे द्वारा पिता की हत्या की खबर ने सामाजिक ताने-बाने पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जुआ और अपराध का बढ़ता गठजोड़
रांची का एयरपोर्ट थाना क्षेत्र और हाराटांड़ इलाका ऐतिहासिक रूप से मध्यमवर्गीय परिवारों और खेती-किसानी से जुड़ा रहा है, लेकिन शहरीकरण के साथ यहाँ की चुनौतियां बदली हैं।
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जुए के अड्डे: स्थानीय लोगों का आरोप है कि इलाके के कुछ सुनसान ठिकानों और बस्तियों में जुए के अवैध अड्डे संचालित होते हैं। कमल जैसे युवा इन अड्डों पर अपनी मेहनत की कमाई और घर का सुकून लुटा रहे हैं।
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पारिवारिक हिंसा का ग्राफ: रांची में पिछले कुछ वर्षों में 'इंट्रा-फैमिली' यानी परिवार के भीतर होने वाले अपराधों में बढ़ोतरी देखी गई है। नशे और जुए की लत इन अपराधों का मुख्य केंद्र बनकर उभरी है।
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पुलिस की गश्त: एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि जुए के इन अड्डों पर पहले कार्रवाई हुई होती, तो शायद आज एक पिता की जान बच जाती।
जेल की सलाखें और कानूनी शिकंजा
एयरपोर्ट थाना पुलिस अब कमल साहू के खिलाफ हत्या की सुसंगत धाराओं के तहत केस दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया में जुट गई है।
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चार्जशीट की तैयारी: पुलिस फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की मदद ले रही है ताकि कोर्ट में कमल के खिलाफ पुख्ता सबूत पेश किए जा सकें।
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गांव में तनाव: गोविंद साहू एक मिलनसार व्यक्ति थे, उनकी हत्या से गांव के बुजुर्गों में काफी गुस्सा है। पुलिस ने एहतियात के तौर पर इलाके में गश्त बढ़ा दी है।
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सीडीआर की जांच: पुलिस यह भी जांच रही है कि क्या कमल ने हत्या से पहले किसी और से भी पैसे मांगे थे या वह किसी बड़े सट्टेबाज के दबाव में था।
रांची की यह घटना दिल दहला देने वाली है। एक पिता ने जिस बेटे को उंगली पकड़कर चलना सिखाया, उसी बेटे ने जुए के लालच में कुदाल से अपने पिता के जीवन का अंत कर दिया। यह केवल एक परिवार की कहानी नहीं है, बल्कि उस खोखले समाज की चेतावनी है जहाँ नशे और जुए की लत रिश्तों पर हावी हो रही है। कमल साहू अब जेल की सलाखों के पीछे अपने किए पर पछता रहा होगा, लेकिन गोविंद साहू अब कभी वापस नहीं लौटेंगे।
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