Jamshedpur Navy Day: 1971 के शौर्य को याद करते ही छा गया उत्साह, टेल्को में हुई जश्न
जमशेदपुर में क्यों मनाया गया 'ऑपरेशन ट्राइडेंट' का जलवा। 1971 युद्ध की नींव रखने वाली अचूक रणनीति क्या थी। 176 नौसैनिकों की शहादत और कैप्टन मुल्ला के त्याग को क्यों किया गया याद। पूर्व सैनिकों ने देशभक्ति के गीतों पर झूमकर कैसे मनाया यह ऐतिहासिक दिन।
जमशेदपुर, 8 दिसंबर 2025 – भारतीय नौसेना की दक्षता, समन्वय और अपार वीरता को दर्शाने वाले ऐतिहासिक नौसेना दिवस के अवसर पर जमशेदपुर का टेल्को क्षेत्र देशभक्ति के उत्साह से भर उठा। अखिल भारतीय पूर्व सेवा परिषद की जमशेदपुर इकाई ने सोमवार को इस गौरवशाली दिन को याद किया, जिसका संबंध 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में भारतीय नौसेना के अचूक रणनीतिक हमले ‘ऑपरेशन ट्राइडेंट’ से है।
शहीदों को नमन और संगठन गीत से शुरुआत
टेल्को में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन समारोह वीरता को समर्पित रहा। अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद के झारखंड प्रांत के मुख्य अधिकारी सिद्धनाथ सिंह और महामंत्री जितेंद्र कुमार सिंह ने भारत माता के चित्र और शहीद स्मारक पर फूल माला अर्पित की।
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इतिहास का स्मरण: परिषद के संस्थापक नरेंद्र गांगुली द्वारा संगठन गीत प्रस्तुत करते ही वातावरण में गर्मजोशी आ गई। इसके बाद, पूर्व सैनिकों ने नौसेना दिवस के विषय में गहराई से बताया। पूर्व सैनिक सुखविंदर सिंह और योगेश कुमार ने 1971 के युद्ध में विजय की नींव रखने वाली नौसेना की अचूक रणनीति और अपूर्व पराक्रम को विस्तार से समझाया।
खुकरी के शहीदों को श्रद्धांजलि
नौसेना दिवस केवल जीत का ही नहीं, बल्कि बलिदान का भी दिन है। पूर्व नौसैनिक जयप्रकाश और निर्दोष कुमार ने अपने विचार साझा करते हुए भारतीय नौसेना के बलिदानों को याद किया।
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वीरता के पोत: आर ठाकुर और एसपी सिंह ने युद्ध के दौरान शामिल जहाजों भारतीय नौसेना पोत (आईएनस) वीर, निफ्ट और निर्घट के साथ ही राजपूत और अक्षय जैसे पोतों और उनकी तकनीकी विशेषताओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह शौर्यमय दिन हम सभी को सदा याद रखना चाहिए।
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कैप्टन मुल्ला का समर्पण: इस अवसर पर 1971 के युद्ध में डूबे आईएनस खुकरी के 176 बहादुर नौसैनिकों की शहादत को श्रद्धांजलि दी गई। खुकरी के कमान अधिकारी कैप्टन महेंद्रनाथ मुल्ला का त्याग और समर्पण आज भी नौसैनिक मूल्यों का उदाहरण है, जिन्हें विशेष रूप से याद किया गया।
देशभक्ति और स्वाद का संगम
शौर्य की गाथाओं के बाद कार्यक्रम में देशभक्ति और उत्साह का माहौल छा गया। कार्यक्रम में शामिल सदस्यों ने देशभक्ति के गीतों पर झूमते हुए सैनिक परिवार के साथ खुशनुमा माहौल का आनंद लिया।
इस अवसर पर आयोजकों द्वारा विशेष भोजन की व्यवस्था की गई थी, जिसमें चाट, चाउमीन, कॉर्न चाट, केसर दूध, कॉफी, बर्फीले आइस क्रीम के साथ-साथ शाकाहारी और मांसाहारी व्यंजनों का भी भरपूर लुत्फ उठाया गया। सभी उपस्थित लोगों ने इन स्वादिष्ट व्यंजनों और देशभक्ति के रंग में रंगे इस कार्यक्रम की खूब सराहना की।
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