Mango Raid: मानगो पुल पर ब्राउन शुगर के साथ दबोचा गया महावीर, वसीम बच्चा फरार, नशे के बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश
मानगो पुल के पास ब्राउन शुगर के साथ महावीर बिरूली को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। फरार साथी वसीम बच्चा की तलाश और जमशेदपुर में फैले नशे के काले कारोबार की पूरी इनसाइड रिपोर्ट यहाँ देखें।
जमशेदपुर/मानगो, 11 अप्रैल 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर में 'सफेद जहर' के खिलाफ पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी घेराबंदी शुरू कर दी है। मानगो पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर मानगो पुल के पास सघन छापेमारी कर नशे के एक सौदागर को रंगे हाथ दबोच लिया है। पुलिस की इस कार्रवाई में उलीडीह निवासी महावीर बिरूली को ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तार किया गया है, जबकि उसका शातिर साथी वसीम बच्चा अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा। इस गिरफ्तारी के बाद शहर के नशे के सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है और पुलिस अब उन 'बड़े चेहरों' तक पहुँचने की तैयारी में है जो मानगो की गलियों में युवाओं की नसें खोखली कर रहे हैं।
पुल पर घेराबंदी: 1.52 ग्राम ब्राउन शुगर और ड्रग्स का नेटवर्क
मानगो पुलिस को सटीक जानकारी मिली थी कि पुल के पास नशे की एक बड़ी डील होने वाली है।
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गुप्त सूचना पर दबिश: सिटी एसपी के निर्देश पर मानगो पुलिस ने सादे लिबास में जाल बिछाया। जैसे ही महावीर बिरूली वहां पहुँचा, पुलिस ने उसे चारों तरफ से घेर लिया।
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पकड़ा गया महावीर: तलाशी के दौरान महावीर बिरूली के पास से 1.52 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुई। वह उलीडीह थाना क्षेत्र के एसबीसी फुटबॉल मैदान के पास का रहने वाला है।
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वसीम बच्चा फरार: पुलिस की इस दबिश के दौरान आजाद बस्ती रोड नंबर 2 निवासी वसीम बच्चा पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। पुलिस के अनुसार, वसीम इस नेटवर्क का एक अहम हिस्सा है।
पूछताछ में खुलासा: खुलेंगे आजाद बस्ती के 'काले राज'
महावीर बिरूली की गिरफ्तारी केवल एक प्यादा है, असली खेल तो पूछताछ के बाद शुरू हुआ है।
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साथियों के नाम आए सामने: थाने में हुई सघन पूछताछ के दौरान महावीर ने शहर के कई ड्रग पेडलर्स और सप्लायर्स के नाम उगले हैं।
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सप्लाई चेन की पहचान: पुलिस यह पता लगा रही है कि यह ब्राउन शुगर आखिर कहाँ से जमशेदपुर लाई जा रही थी। क्या इसके तार बाहरी राज्यों से जुड़े हैं?
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छापेमारी जारी: फरार वसीम बच्चा की गिरफ्तारी के लिए आजाद बस्ती और उलीडीह के संभावित ठिकानों पर पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
अपराध की नर्सरी से 'ड्रग हब' तक का डरावना सफर
मानगो का इलाका जमशेदपुर के आपराधिक इतिहास में हमेशा से चर्चा का केंद्र रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में यहाँ अपराध का स्वरूप बदला है।
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बदलता डार्क जोन: 90 के दशक में मानगो का नाम गैंगवार और रंगदारी के लिए जाना जाता था, लेकिन 2010 के बाद यहाँ 'ब्राउन शुगर' ने अपने पैर पसारने शुरू किए। स्वर्णरेखा नदी के किनारे और मानगो पुल के नीचे का सुनसान हिस्सा अपराधियों के लिए सुरक्षित अड्डा बन गया।
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आजाद बस्ती का कनेक्शन: आजाद बस्ती और उलीडीह जैसे घनी आबादी वाले इलाके नशे के कारोबारियों के लिए 'सॉफ्ट टारगेट' रहे हैं। इतिहास गवाह है कि यहाँ से पहले भी कई बड़े ड्रग सिंडिकेट्स का भंडाफोड़ हुआ है, लेकिन हर बार एक नया 'वसीम बच्चा' खड़ा हो जाता है।
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युवाओं पर प्रहार: मानगो के फुटबॉल मैदानों और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास नशे की बढ़ती उपलब्धता ने यहाँ की एक पूरी पीढ़ी को जोखिम में डाल दिया है। पुलिस की मौजूदा 'जीरो टॉलरेंस' नीति इसी खतरे को रोकने की एक कोशिश है।
वसीम बच्चा पर शिकंजा और बड़ी गिरफ्तारियों की तैयारी
मानगो पुलिस ने इस मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है और जांच का दायरा बढ़ा दिया है।
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टेक्निकल सर्विलांस: पुलिस फरार आरोपी वसीम बच्चा के मोबाइल लोकेशन और कॉल रिकॉर्ड्स (CDR) खंगाल रही है ताकि उसके छिपे होने के स्थान का पता लगाया जा सके।
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आजाद बस्ती में रेड: पुलिस सूत्रों के अनुसार, आजाद बस्ती रोड नंबर 2 के आसपास के संदिग्ध घरों पर पैनी नजर रखी जा रही है। पुलिस का दावा है कि वसीम ज्यादा दिनों तक कानून की पकड़ से दूर नहीं रह पाएगा।
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नाकाबंदी: शहर के बाहर जाने वाले रास्तों और बस स्टैंडों पर पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है।
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