Jamshedpur Arrest : जमशेदपुर का वो आदमी जो 'ISI एजेंट' के लिए बनाता था नकली पासपोर्ट, मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार करके किए बड़े खुलासे

क्या आप जानते हैं कि जमशेदपुर के मानगो में 'एशियन इंटरनेशनल' नामक कार्यालय चलाने वाले मोनाजिर खान को मुंबई पुलिस ने ISI एजेंट के लिए नकली पासपोर्ट बनाने के आरोप में क्यों गिरफ्तार किया? मोनाजिर ने 'एलेक्जेंडर' नाम से फर्जी पासपोर्ट और वीजा किसके लिए बनवाया था? उसका भाई दानिश खान किस तरह से विदेश भेजने का रैकेट चला रहा था? 15 वर्षों से चल रहे इस नेटवर्क से उन्होंने कितनी करोड़ों की संपत्ति बनाई? पूरी जानकारी पढ़ें!

Nov 1, 2025 - 13:48
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Jamshedpur Arrest : जमशेदपुर का वो आदमी जो 'ISI एजेंट' के लिए बनाता था नकली पासपोर्ट, मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार करके किए बड़े खुलासे
Jamshedpur Arrest : जमशेदपुर का वो आदमी जो 'ISI एजेंट' के लिए बनाता था नकली पासपोर्ट, मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार करके किए बड़े खुलासे

जमशेदपुर, 1 नवंबर 2025 – झारखंड के औद्योगिक शहर जमशेदपुर के मानगो क्षेत्र से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय अपराध और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच एक खतरनाक कड़ी जोड़ दी है। मानगो चौक पर 'एशियन इंटरनेशनल' नामक कार्यालय चलाने वाले मोनाजिर खान को मुंबई पुलिस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के एक एजेंट के लिए नकली पासपोर्ट बनवाने के आरोप में गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी जमशेदपुर में चल रहे एक गहरे और व्यापक फर्जी पासपोर्ट वीजा रैकेट के खुलासे की ओर इशारा करती है, जो पिछले 15 वर्षों से सक्रिय था। पुलिस अब मोनाजिर से जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों की जांच में जुटी है।

ISI कनेक्शन: क्यों हुई मुंबई पुलिस की गिरफ्तारी

मोनाजिर खान को मुंबई पुलिस ने 26 अक्तूबर को गिरफ्तार किया। इस गिरफ्तारी की जड़ें दिल्ली और मुंबई में हुए दो अलग-अलग हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारियों से जुड़ी हैं।

  • मुख्य कड़ी: दिल्ली पुलिस ने आदिल हुसैन को गिरफ्तार किया था, जबकि उसके भाई अख्तर हुसैन को मुंबई पुलिस की स्पेशल सेल ने पकड़ा।

  • नाम का खुलासा: पूछताछ में दोनों ने मोनाजिर खान का नाम लिया। इसके बाद मुंबई पुलिस जमशेदपुर पहुंची और उसे ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई ले गई।

  • फर्जी पासपोर्ट: जांच में यह सामने आया कि मोनाजिर ने अख्तर हुसैन के लिए 'एलेक्जेंडर' नाम से फर्जी पासपोर्ट और वीजा बनवाया था। अख्तर हुसैन का नाम वर्ष 2004 के परमाणु जासूसी प्रकरण में भी जुड़ा था।

करोड़ों का रैकेट: भाई के साथ चलाता था नेटवर्क

पुलिस सूत्रों के अनुसार, मोनाजिर खान अपने भाई दानिश खान के साथ मिलकर यह पूरा पासपोर्ट-वीजा रैकेट चला रहा था।

  • नेटवर्क की संरचना: दानिश खान मानगो स्थित स्काई वर्ल्ड ऑफिस से लोगों को विदेश भेजने का काम करता था। मोनाजिर विदेशी कंपनियों की भर्ती की जानकारी देता था, और दानिश नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से लाखों रुपये वसूलता था।

  • 15 साल का इतिहास: चौंकाने वाली बात यह है कि यह नेटवर्क पिछले 15 वर्षों से सक्रिय था।

  • संपत्ति: बताया जा रहा है कि मोनाजिर और उसके भाई ने पिछले पांच वर्षों में करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित की है।

आपराधिक रिकॉर्ड और गोपनीयता

सूत्रों के अनुसार, मोनाजिर का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से रहा है। वर्ष 2017 में उसने मानगो अधिसूचित क्षेत्र समिति (MNAC) कार्यालय में कंप्यूटर की हार्ड डिस्क तोड़कर चोरी की थी और जेल भी गया था।

  • सामान जब्त: पुलिस ने उसके कार्यालय से चार हार्ड डिस्क, एक लैपटॉप, एक सीपीयू और कई संदिग्ध दस्तावेज जब्त किए हैं।

  • गोपनीयता: गिरफ्तारी को छिपाने के लिए परिजनों ने अगले दिन भी उसका कार्यालय खोला, ताकि किसी को शक हो।

मुंबई पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई से जमशेदपुर में सक्रिय अवैध पासपोर्ट और वीजा बनाने वाले गिरोहों की कमर टूटने की संभावना है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।