Jamshedpur Kartik Purnima : जमशेदपुर में कार्तिक पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालु उमड़े, क्षत्रिय संघ की महिलाओं ने लगातार 12 साल क्यों जारी रखी यह सेवा और 7000 लोगों को पिलाई चाय
क्या आप जानते हैं कि कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर जमशेदपुर की नदियों में स्नान करने के लिए लाखों श्रद्धालु क्यों उमड़ते हैं? झारखंड क्षत्रिय संघ की महिलाएं लगातार 12 वर्षों से दो मोहनी सोनारी में सेवा शिविर क्यों लगाती आ रही हैं? महासचिव मंजू सिंह ने सिर्फ 5 घंटे में 7000 से अधिक लोगों को चाय पिलाने के बाद क्या कहा? इस पुण्य के काम में संघ के अध्यक्ष शंभू नाथ सिंह ने सेवा क्यों दी? पूरी जानकारी पढ़ें!
जमशेदपुर, 5 नवंबर 2025 – धर्म और आस्था की नगरी जमशेदपुर में आज कार्तिक पूर्णिमा का पर्व अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। मान्यता है कि कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर नदी में स्नान करके भगवान सूर्य की आराधना करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। यही कारण है कि आज शहर की नदियों और घाटों पर श्रद्धालुओं की संख्या लाखों में पहुंच गई। इस भीड़ और ठंड के मौसम में, झारखंड क्षत्रिय संघ की महिलाओं द्वारा लगातार 12 वर्षों से चलाया जा रहा सेवा शिविर मानवता और श्रद्धा का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया। सोनारी के दो मोहनी घाट पर लगाए गए इस शिविर ने लाखों श्रद्धालुओं को सहूलियत दी।
लगातार 12 वर्ष: अटूट श्रद्धा का सेवा भाव
झारखंड क्षत्रिय महिला संघ ने प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी दो मोहनी सोनारी में सेवा शिविर का सफल आयोजन किया।
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सेवा का संकल्प: संघ की महिलाएं पिछले 12 वर्षों से लगातार बिना किसी ब्रेक के इस शिविर को आयोजित करती आ रही हैं।
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उपलब्ध सुविधाएं: शिविर में श्रद्धालुओं के लिए चाय, बिस्किट, पीने के पानी तथा किसी भी आपातकालीन स्थिति के लिए फर्स्ट एड की विशेष व्यवस्था की गई थी।
5 घंटे में 7000 लोगों को सेवा: महासचिव को मिली आत्म संतुष्टि
सेवा शिविर में उत्साह और समर्पण का भाव देखने लायक था।
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सेवकों का समर्पण: महासचिव मंजू सिंह ने बताया कि इस वर्ष स्नान करने वालों की संख्या पहले से ज्यादा थी।
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रिकॉर्ड तोड़ सेवा: मंजू सिंह ने कहा, "आज सुबह 4:00 बजे से लेकर 9:00 बजे तक हम सभी बहनों ने लगातार सेवा दी और लगभग 7000 से ऊपर लोगों को हमने चाय पिलाई।" उन्होंने आगे कहा कि "हम सभी बहनों को इस कार्य के बाद बहुत ही आत्म संतुष्टि होती है।"
अध्यक्ष का पुण्य भाव: कला संस्कृति का भी मिलाप
इस पुण्य के कार्य में महिला संघ को झारखंड क्षत्रिय संघ के अध्यक्ष श्री शंभू नाथ सिंह का भी सहयोग मिला।
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पुण्य का काम: शंभू नाथ सिंह ने स्वयं भी सेवा दी और उनका मानना है कि यह बहुत ही पुण्य का काम है।
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परिवार के साथ आस्था: संघ की महिला अध्यक्ष डॉ. कविता परमार ने कहा कि लोग पूरे परिवार के साथ बहुत ही श्रद्धा से स्नान करने आते हैं, क्योंकि पूर्णिमा का बहुत बड़ा महत्व है। उनके सफल नेतृत्व में यह आयोजन सफल रहा।
इस शिविर में सीमा सिन्हा, रीता सिंह, पुष्पा सिंह, संध्या सिंह, सुनीता सिंह, सरिता सिंह, आशा सिंह सहित सभी इकाई की बहनों ने सक्रिय सेवा दी।
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