Jadugora Tragedy: राखा माइंस स्टेशन पर ट्रेन हादसे में करीम सिटी कॉलेज के छात्र वरुण महतो की दर्दनाक मौत, सुबह घर से निकला था मासूम
जमशेदपुर-खड़गपुर रेल खंड के राखा माइंस रेलवे स्टेशन पर ट्रेन हादसे में करीम सिटी कॉलेज के 19 वर्षीय छात्र वरुण महतो की मौत हो गई। घाटशिला जीआरपी ने शव को जादूगोड़ा यूसील अस्पताल के शव गृह में रखवाया है। पूरी लाइव अपडेट रिपोर्ट यहाँ देखें।
जादूगोड़ा/जमशेदपुर, 21 मई 2026 – जमशेदपुर-खड़गपुर रेल खंड पर स्थित राखा माइंस रेलवे स्टेशन से गुरुवार को एक बेहद हृदयविदारक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ बुधवार की दोपहर करीब एक बजे करीम सिटी कॉलेज (जमशेदपुर) के एक 19 वर्षीय होनहार छात्र वरुण महतो की ट्रेन की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। मृतक छात्र चांडिल थाना क्षेत्र के लेटेंमदा पंचायत अंतर्गत टोला दारूदा का रहने वाला था, जिसके पिता का नाम धीरेंद्र नाथ महतो है। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे चांडिल और जादूगोड़ा इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। सुबह तड़के जो लड़का हंसते-खेलते कॉलेज जाने के लिए घर से निकला था, दोपहर होते-होते उसका क्षत-विक्षत शव राखा माइंस स्टेशन के ट्रैक से बरामद किया गया। घाटशिला जीआरपी (Government Railway Police) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शव को पटरियों से उठाया और कागजी कार्रवाई के बाद फिलहाल जादूगोड़ा के यूसील (UCIL) अस्पताल के शव गृह (मर्चुरी) में सुरक्षित रखवा दिया है।
हादसे की दास्तां: सुबह 5 बजे छूटा था घर, राखा माइंस ट्रैक पर बिखरीं सांसें और जीआरपी की तफ्तीश
घाटशिला जीआरपी और जादूगोड़ा यूसील अस्पताल के सूत्रों से मिली एक्सक्लूसिव ग्राउंड इनपुट के अनुसार, यह पूरी घटना एक गहरे सस्पेंस और दर्दनाक हादसे का मिलाजुला रूप है।
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कॉलेज के लिए निकला था छात्र: पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, 19 वर्षीय वरुण महतो बुधवार की सुबह करीब पांच बजे अपने चांडिल स्थित दारूदा घर से जमशेदपुर के साकची स्थित करीम सिटी कॉलेज जाने की बात कहकर निकला था। वह पढ़ाई में बेहद होनहार था और रोजाना की तरह समय पर घर से निकला था।
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राखा माइंस पर अचानक क्या हुआ: बुधवार दोपहर करीब 1:00 बजे जमशेदपुर-खड़गपुर डाउन लाइन पर राखा माइंस स्टेशन के पास ड्यूटी पर तैनात रेलकर्मियों ने एक युवक का शव पटरियों के बीच क्षत-विक्षत हालत में देखा। रफ्तार से गुजर रही किसी सुपरफास्ट या मालगाड़ी की चपेट में आने के कारण शव की स्थिति बेहद दयनीय हो चुकी थी।
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यूसील मर्चुरी में रखा गया शव: घटना की सूचना मिलते ही घाटशिला रेलवे पुलिस (GRP) मौके पर पहुंची। युवक के पास मिले पहचान पत्र और दस्तावेजों से उसकी शिनाख्त करीम सिटी कॉलेज के छात्र वरुण महतो के रूप में हुई, जिसके बाद तुरंत उसके परिजनों को चांडिल में सूचना दी गई। पुलिस ने शव को पंचनामा के बाद जादूगोड़ा के यूसील अस्पताल भिजवाया, जहां पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
प्रशासनिक रुख: सुसाइड या रेस-वॉकिंग, हर एंगल से जांच कर रही है रेलवे पुलिस
घाटशिला जीआरपी प्रभारी ने बताया कि पहली नजर में यह एक दुर्घटना का मामला लग रहा है, लेकिन पुलिस तकनीकी जांच से पीछे नहीं हट रही है।
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ईयरफोन एंगल की जांच: जीआरपी इस बात की जांच कर रही है कि क्या ट्रैक पार करते समय वरुण के कान में ईयरफोन लगा था, जिसके कारण उसे ट्रेन की आवाज सुनाई नहीं दी। अक्सर छात्र पटरियों के किनारे मोबाइल देखते हुए चलते हैं जो जानलेवा साबित होता है।
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स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज खंगाले: पुलिस राखा माइंस रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म और आउटर के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देख रही है कि वरुण किस ट्रेन से वहाँ उतरा था और हादसे के वक्त वह अकेला था या उसके साथ कोई और भी था।
छोटे रेलवे स्टेशनों पर फुटओवर ब्रिज का विस्तार और ट्रैक फेंसिंग बेहद जरूरी
घाटशिला जीआरपी और जादूगोड़ा यूसील अस्पताल प्रशासन ने अपनी कानूनी प्रक्रिया को तेज कर वरुण के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंपने की तैयारी पूरी कर ली है। लेकिन इस दुखद हादसे ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था और यात्रियों की जागरूकता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 19 साल के एक युवा छात्र का इस तरह दुनिया से चले जाना पूरे समाज के लिए एक बड़ी क्षति है। रेलवे बोर्ड को तुरंत राखा माइंस जैसे छोटे लेकिन व्यस्त स्टेशनों के आउटर इलाकों में 'ट्रैक फेंसिंग' (लोहे की जालीदार बाड़) लगानी चाहिए ताकि कोई भी व्यक्ति शॉर्टकट के चक्कर में मुख्य पटरियों पर न आ सके। इसके साथ ही कॉलेजों में भी छात्रों को रेलवे ट्रैक के खतरों के प्रति जागरूक करना बेहद जरूरी है।
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