Mango Tragedy: डिमना रोड ब्लू बेल्स स्कूल के पास भीषण लू से अज्ञात मजदूर की तड़पकर मौत, सड़क पर चलते-चलते अचानक खाया चक्कर
जमशेदपुर के मानगो डिमना रोड स्थित ब्लू बेल्स स्कूल के पास भीषण गर्मी और लू की चपेट में आने से एक अज्ञात मजदूर की सड़क पर ही मौत हो गई। एमजीएम अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया है। पूरी चश्मदीद रिपोर्ट यहाँ देखें।
जमशेदपुर, 21 मई 2026 – सूर्यदेव के रौद्र रूप और भीषण हीटवेव (Heatwave) के कारण लौहनगरी जमशेदपुर में हाहाकार मचा हुआ है। पिछले तीन दिनों से लगातार जारी रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के बीच गुरुवार को मानगो थाना क्षेत्र में एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। मानगो के सबसे व्यस्त व्यावसायिक रूट डिमना रोड स्थित ब्लू बेल्स स्कूल के समीप दोपहर के वक्त तीखी धूप और लू लगने से एक अज्ञात मजदूर की तड़पकर मौत होने की गंभीर आशंका जताई जा रही है। चश्मदीदों के अनुसार, गुरुवार दोपहर करीब एक बजे जब आसमान से आग बरस रही थी, तब यह असहाय मजदूर सड़क के किनारे पैदल चल रहा था। इसी दौरान भीषण तपिश और पानी की कमी के कारण वह अचानक चक्कर खाकर बीच सड़क पर गिर पड़ा और बेहोश हो गया। राहगीरों की सूचना पर मानगो थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अचेत मजदूर को तुरंत इलाज के लिए महात्मा गांधी मेमोरियल (MGM) मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने गहन जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। खबर लिखे जाने तक मृतक मजदूर की पहचान नहीं हो सकी थी।
हादसे की दास्तां: दोपहर 1 बजे का वो तीखा सन्नाटा, डिमना रोड पर चीख-पुकार और डॉक्टरों का जवाब
मानगो थाना पुलिस और डिमना रोड के स्थानीय दुकानदारों से मिले लाइव और ऑन-फील्ड इनपुट के अनुसार, यह मौत शहर के भीतर बढ़ते तापमान और मजदूरों की बेबसी का जीता-जागता उदाहरण है।
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सड़क पर चलते-चलते गिरा मजदूर: गुरुवार दोपहर 1:00 बजे के करीब डिमना रोड ब्लू बेल्स स्कूल के पास हमेशा की तरह भारी ट्रैफिक था। तीखी धूप के कारण लोग अपने चेहरों को ढके हुए थे। इसी बीच फटे-पुराने कपड़ों में एक करीब 45 वर्षीय अज्ञात मजदूर हांफते हुए आगे बढ़ रहा था। अचानक उसके पैर लड़खड़ाए और वह मुंह के बल पक्की सड़क पर गिर गया।
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राहगीरों ने दिखाई इंसानियत: मजदूर को तड़पता देख स्थानीय राहगीरों और दुकानदारों ने तुरंत उसे छांव में करने की कोशिश की और उसके मुंह पर पानी की छींटें मारे, लेकिन उसके शरीर में कोई हलचल नहीं हुई। फौरन इसकी सूचना मानगो पीसीआर वैन को दी गई।
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एमजीएम में डॉक्टरों ने तोड़ा ढाढस: मौके पर पहुंची मानगो पुलिस ने बिना एक पल गंवाए मजदूर को अपनी गाड़ी में लादा और एमजीएम इमरजेंसी वार्ड लेकर भागे। मगर, अत्यधिक हीटस्ट्रोक (Heatstroke) के कारण उसका शरीर अंदरूनी रूप से डैमेज हो चुका था और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को सुरक्षित रखवाकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
प्रशासनिक रुख: पहचान के लिए थानों में हुलिया भेजा, लू से बचाव के लिए एडवाइज़री जारी
सिटी एसपी और मानगो थाना प्रभारी ने इस दुखद मौत के बाद अपनी छानबीन और सुरक्षा इंतजामों को कड़ा कर दिया है।
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शिनाख्त के लिए 72 घंटे का समय: मानगो पुलिस ने मृतक मजदूर के हुलिए और कपड़ों की डिटेल आसपास की दिहाड़ी मजदूर मंडियों, जैसे साकची बस स्टैंड और मानगो गोलचक्कर के ठेकेदारों को भेजी है ताकि उसकी पहचान कर परिजनों को सूचित किया जा सके। शव का पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली मेडिकल वजह साफ होगी।
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दोपहर में काम न करने की अपील: जिला प्रशासन ने इस घटना के बाद कड़ा रुख अपनाते हुए बिल्डरों और ठेकेदारों को हिदायत दी है कि वे दोपहर 11 से 3 बजे के बीच खुले आसमान के नीचे मजदूरों से काम न कराएं।
प्रमुख चौराहों पर वाटर-एटीएम (ओआरएस बूथ) और रैन बसेरों में कूलिंग शेल्टर समय की मांग
मानगो थाना पुलिस और एमजीएम अस्पताल की टीम ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजकर अपनी प्राथमिक कागजी प्रक्रिया तो पूरी कर ली है, लेकिन डिमना रोड पर हुई इस गरीब मजदूर की मौत ने प्रशासनिक और सामाजिक दावों की पोल खोलकर रख दी है। जब शहर का तापमान 44 डिग्री को पार कर रहा हो, तब मानगो नगर निगम और जिला प्रशासन द्वारा डिमना रोड जैसे व्यस्त रास्तों पर पीने के पानी के लिए 'प्याऊ' या ओआरएस (ORS) काउंटर न होना बेहद शर्मनाक है। प्रशासन को तुरंत युद्ध स्तर पर सभी मुख्य सड़कों और चौराहों पर मोबाइल वाटर एटीएम और 'कूलिंग शेल्टर' की स्थापना करनी चाहिए, ताकि धूप में झुलस रहे राहगीरों और मजदूरों को समय पर पानी और प्राथमिक उपचार मिल सके। जब तक हम समाज के इस सबसे निचले तबके को सुरक्षा नहीं देंगे, तब तक इस औद्योगिक प्रगति का कोई मायने नहीं है।
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