Bistupur Incident: टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) में सिक्योरिटी गार्ड का खूनी तांडव, बीमार बुजुर्ग के सामने मां को जमीन पर पटका, बिस्टुपुर थाने में भारी बवाल

जमशेदपुर के बिस्टुपुर स्थित टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) के इमरजेंसी वार्ड में सिक्योरिटी गार्ड द्वारा मरीज के परिजनों से धक्का-मुक्की और मारपीट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बिस्टुपुर थाने में दर्ज शिकायत की पूरी लाइव रिपोर्ट यहाँ देखें।

May 21, 2026 - 14:29
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Bistupur Incident: टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) में सिक्योरिटी गार्ड का खूनी तांडव, बीमार बुजुर्ग के सामने मां को जमीन पर पटका, बिस्टुपुर थाने में भारी बवाल
Bistupur Incident: टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) में सिक्योरिटी गार्ड का खूनी तांडव, बीमार बुजुर्ग के सामने मां को जमीन पर पटका, बिस्टुपुर थाने में भारी बवाल

जमशेदपुर, 21 मई 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर के सबसे प्रतिष्ठित और बड़े चिकित्सा संस्थान टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) में एक बार फिर खाकी वर्दी के रसूख और सुरक्षाकर्मियों की अमानवीय गुंडागर्दी का बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है। बिस्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित टीएमएच के इमरजेंसी वार्ड में बुधवार की सुबह एक सुरक्षा गार्ड ने इलाज कराने आए एक बीमार बुजुर्ग और उनके परिवार के साथ न केवल बदसलूकी की, बल्कि सरेआम धक्का-मुक्की कर बुजुर्ग महिला को जमीन पर पटक दिया। इस दुस्साहसिक घटना के बाद अस्पताल परिसर से लेकर बिस्टुपुर थाने तक भारी हंगामा और बवाल देखने को मिला। पीड़ित परिवार और आक्रोशित स्थानीय लोग इंसाफ की मांग को लेकर पहले टीएमएच प्रबंधन के पास और फिर सीधे बिस्टुपुर थाना पहुंचे, जहां आरोपी गार्ड और संबंधित सिक्योरिटी एजेंसी के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है।

वारदात की दास्तां: सुबह 9:30 बजे की वो चीख-पुकार, इमरजेंसी वार्ड में धक्का और मां का गिरा शरीर

बिस्टुपुर थाना पुलिस और पीड़ित प्रत्यक्षदर्शी मोहम्मद असीम से मिली ऑन-फील्ड और लाइव इनपुट के अनुसार, यह पूरी घटना टीएमएच की सुरक्षा व्यवस्था के तानाशाही रवैये को उजागर करती है।

  • गंभीर पिता के इलाज के लिए पहुंचे थे: पीड़ित मोहम्मद असीम ने बताया कि बुधवार सुबह करीब 9:30 बजे वह अपनी मां इसरत और गंभीर रूप से बीमार पिता मोहम्मद सलीम को लेकर टीएमएच आए थे। उनके पिता रीढ़ की हड्डी (Backbone Pain) के असहनीय दर्द से तड़प रहे थे, जिसके कारण असीम उन्हें लेकर तुरंत इमरजेंसी वार्ड के भीतर दाखिल हुए।

  • गार्ड का तानाशाही फरमान और धक्का-मुक्की: इमरजेंसी वार्ड में तैनात एक निजी सुरक्षा एजेंसी के गार्ड ने असीम को तुरंत बाहर निकलने का फरमान सुनाया। असीम ने गिड़गिड़ाते हुए कहा कि पिता की हालत गंभीर है, वे डॉक्टर के देखते ही थोड़े समय में बाहर चले जाएंगे। लेकिन रसूख में चूर गार्ड ने बात सुनने के बजाय असीम को बेरहमी से धक्का देना शुरू कर दिया।

  • मां को आई गंभीर चोटें, सस्पेंशन का नाटक: इस धक्का-मुक्की के बीच बीच-बचाव करने आई असीम की बूढ़ी मां इसरत को गार्ड ने ऐसा जोरदार धक्का दिया कि वह पक्के फर्श पर सिर के बल गिर पड़ीं। बुजुर्ग महिला को गिरता देख वहां मौजूद अन्य मरीजों के परिजन भड़क गए और उन्होंने महिला को उठाया। बवाल बढ़ता देख टीएमएच के सुरक्षा अधिकारियों ने मौके पर आकर माफी मांगी और आरोपी गार्ड को 'निलंबित' (Suspend) करने का दावा किया, लेकिन आक्रोशित लोग सख्त कानूनी कार्रवाई पर अड़े रहे।

प्रशासनिक रुख: बिस्टुपुर थाने में लिखित शिकायत, सीसीटीवी फुटेज जब्त करने की मांग

बिस्टुपुर थाना प्रभारी ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत जांच अधिकारियों को टीएमएच भेजा।

  1. सुरक्षा एजेंसी पर कस सकता है शिकंजा: पीड़ित मोहम्मद असीम की शिकायत पर बिस्टुपुर पुलिस ने आर्म्स और असॉल्ट की धाराओं के तहत जांच शुरू कर दी है। पुलिस टीएमएच के इमरजेंसी वार्ड में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि गार्ड की इस हरकत का पुख्ता सबूत निकाला जा सके।

  2. मरीजों की सुरक्षा सर्वोपरि: बिस्टुपुर पुलिस ने टीएमएच प्रबंधन को निर्देश दिया है कि वे अपनी सुरक्षा एजेंसी के जवानों को मरीजों और उनके तीमारदारों से मानवीय व्यवहार करने की काउंसलिंग दें।

अस्पतालों में बाउंसर राज पर रोक और डिजिटल शिकायत डेस्क की परमानेंट स्थापना समय की मांग

बिस्टुपुर थाना पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज कर जांच तो शुरू कर दी है, लेकिन टीएमएच जैसी बड़ी संस्था में इस तरह का 'बाउंसर राज' बेहद चिंताजनक है। अस्पताल जैसी जगह पर लोग गंभीर संकट और मानसिक तनाव की स्थिति में आते हैं। ऐसे में सुरक्षाकर्मियों का काम व्यवस्था बनाना होना चाहिए, न कि मरीजों की मां-बहनों पर हाथ उठाना। टीएमएच प्रबंधन को केवल गार्ड को सस्पेंड करने का नाटक बंद कर उस पूरी सुरक्षा एजेंसी का टेंडर रद्द करना चाहिए जो अपने कर्मियों को तमीज नहीं सिखा सकती। जिला प्रशासन को सभी बड़े अस्पतालों में एक 'परमानेंट पुलिस सहायता केंद्र' और डिजिटल शिकायत डेस्क बनानी चाहिए, ताकि किसी भी बदसलूकी की लाइव रिपोर्ट सीधे सिटी एसपी तक पहुंचे और सफेदपोश अपराधियों पर नकेल कसी जा सके।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।