Adityapur Raid: आदित्यपुर में पीला पंजा चला, सड़क किनारे सैकड़ों अवैध निर्माण ध्वस्त
सरायकेला के आदित्यपुर में प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ दिया है। पान दुकान चौक से संस्थान मोड़ तक बुलडोजर चलाकर अवैध कब्जे हटाए गए हैं। राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए की गई इस कार्यवाही से दुकानदारों में भारी रोष व्याप्त है।
आदित्यपुर, 17 दिसंबर 2025 – सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर नगर परिषद क्षेत्र में बुधवार को प्रशासन का भारी दबदबा देखने को मिला। शहर की सड़कों को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए चलाए गए इस विशेष अभियान में पान दुकान चौक से लेकर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान मोड़ तक भारी मशीनों की मदद से अवैध निर्माणों को जमींदोज कर दिया गया। इस कार्यवाही के दौरान दुकानदारों और प्रशासन के बीच तल्खी भी देखने को मिली, क्योंकि अचानक हुई इस तोड़फोड़ से कई व्यापारियों को लाखों का नुकसान झेलना पड़ा है।
राष्ट्रपति का दौरा और प्रशासनिक सख्ती
इस बड़ी कार्यवाही के पीछे मुख्य कारण आगामी $29$ दिसंबर को होने वाला देश के राष्ट्रपति का आगमन है। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान में आयोजित होने वाले विशेष कार्यक्रम में महामहिम की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा और सौंदर्यकरण के लिहाज से सड़कों को चौड़ा और साफ रखना अनिवार्य है। यही कारण है कि नगर प्रशासन किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को बख्शने के मूड में नहीं है।
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नुकसान का दर्द: प्रभावित दुकानदारों का आरोप है कि उन्हें सामान हटाने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया। दुकानदारों के अनुसार, यदि प्रशासन एक दिन पूर्व भी चेतावनी दे देता, तो वे स्वयं अपना कीमती सामान सुरक्षित स्थान पर ले जाते। कार्यवाही के दौरान कई दुकानों के ढांचे के साथ-साथ भीतर रखा माल भी मलबे में तब्दील हो गया।
औद्योगिक नगर आदित्यपुर का बदलता स्वरूप
आदित्यपुर एशिया के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्रों में से एक रहा है। दशकों से यहाँ की सड़कों पर लघु उद्यमियों और छोटे दुकानदारों का कब्जा बढ़ता गया है। इतिहास गवाह है कि जब भी शहर में किसी अति विशिष्ट अतिथि का आगमन होता है, प्रशासन सक्रिय हो जाता है। किन्तु स्थानीय निवासियों की मांग है कि सौंदर्यकरण के साथ-साथ उनकी रोजी-रोटी के लिए कोई स्थायी बाजार विकसित किया जाना चाहिए।
मौके पर अधिकारियों की चुप्पी
अभियान का नेतृत्व उप नगर आयुक्त पारुल सिंह, आदित्यपुर थाना प्रभारी विनोद तिर्की और आरआईटी थाना प्रभारी संजीव कुमार सिंह कर रहे थे। जब आक्रोशित दुकानदारों ने अपनी समस्याएं रखीं और नुकसान की भरपाई पर सवाल पूछा, तो अधिकारियों ने कोई भी स्पष्ट उत्तर देने से मना कर दिया। भारी संख्या में आरक्षी बल की मौजूदगी के कारण विरोध उग्र नहीं हो सका, लेकिन जनता के बीच असंतोष की लहर स्पष्ट दिखाई दे रही है।
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भविष्य की चेतावनी: प्रशासन ने कड़े शब्दों में हिदायत दी है कि सड़क के किनारे पुनः अतिक्रमण किए जाने पर भारी जुर्माना वसूला जाएगा और कानूनी कार्यवाही भी की जाएगी।
आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या प्रशासन इस सफाई को स्थायी बनाए रख पाता है अथवा राष्ट्रपति के जाते ही स्थितियाँ पुनः पुरानी रफ्तार पर लौट आएंगी।
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