Jamshedpur Action: जमशेदपुर में निगरानी अभियान से मचा हड़कंप, विधानसभा उपचुनाव से पहले 2.93 करोड़ रुपये की जब्ती, आखिर क्या पकड़ा गया
क्या आप जानते हैं कि जमशेदपुर विधानसभा उपचुनाव से पहले जिला प्रशासन ने सघन जांच में 2 करोड़ 93 लाख रुपये से अधिक की जब्ती क्यों की? निगरानी दलों ने बॉर्डर चेकपोस्ट पर नकदी, शराब और 'फ्रीबीज' के रूप में क्या-क्या जब्त किया? आज एक ही दिन में 2 लाख 41 हजार रुपये की कीमती सामग्री क्यों पकड़ी गई? आम नागरिक सी-विजिल एप का इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं? पूरी जानकारी पढ़ें!
जमशेदपुर, 1 नवंबर 2025 – झारखंड में आगामी विधानसभा उपचुनाव (Assembly By-Election-2025) को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए जमशेदपुर जिला प्रशासन हाई अलर्ट पर है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी के कड़े निर्देशानुसार पूरे जिले में सघन निगरानी अभियान चलाया जा रहा है। इस सतत और कड़ी कार्रवाई के तहत प्रशासन ने अब तक करीब 3 करोड़ रुपये के अवैध सामान और नकदी की जब्ती करके राजनीतिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है। यह जब्ती साफ संकेत देती है कि चुनाव को प्रभावित करने के लिए पर्दे के पीछे बड़े पैमाने पर वितरण की साजिश रची जा रही थी।
चेकपोस्ट पर कड़ी निगरानी: फ्रीबीज पर सबसे बड़ी कार्रवाई
जिला प्रशासन ने अन्तर्राज्यीय (Inter-State) और अंतरजिला (Inter-District) सीमाओं पर चेकपोस्ट स्थापित करके वाहनों की सघन जांच शुरू कर दी है।
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विभिन्न दलों की सक्रियता: फ्लाइंग स्क्वॉड टीम, स्थैतिक निगरानी दल, आबकारी विभाग, पुलिस विभाग एवं जिला स्तरीय व्यय निगरानी दल संयुक्त रूप से इस अभियान को चला रहे हैं।
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आज की जब्ती: इसी क्रम में आज (1 नवंबर 2025) 2 लाख 41 हजार रुपये मूल्य का फ्रिबिज (Freebies) व अन्य सामग्री जब्त की गई।
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इतिहास में रिकॉर्ड: चुनाव सुधार और पारदर्शिता के इतिहास में, चुनाव आयोग ने हमेशा नकदी और अवैध सामग्री के वितरण पर लगाम कसने पर जोर दिया है।
आंकड़ों में जब्ती: 2 करोड़ 93 लाख की रिकॉर्ड तोड़ वसूली
विभिन्न प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा अब तक की गई कुल जब्तियों के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। कुल जब्ती का आंकड़ा 2 करोड़ 93 लाख 61 हजार रुपये तक पहुंच चुका है।
| जब्त की गई सामग्री | मात्रा / मूल्य |
| नकदी राशि | 42 लाख 71 हजार रुपये |
| शराब | 12,837.55 लीटर (बाजार मूल्य ₹10.11 लाख) |
| ड्रग्स व मादक पदार्थ | 5 लाख 10 हजार रुपये |
| फ्रीबीज व अन्य सामग्री | 2 करोड़ 35 लाख 69 हजार रुपये |
| कुल जब्ती | 2 करोड़ 93 लाख 61 हजार रुपये |
जब्ती के इन आंकड़ों में 'फ्रीबीज' यानी प्रलोभन के तौर पर वितरित की जाने वाली वस्तुओं का मूल्य सबसे अधिक है, जो लगभग 2.35 करोड़ रुपये है। यह साफ संकेत देता है कि मतदाताओं को लुभाने के लिए बड़ी साजिश रची जा रही थी।
प्रशासन की अपील: सी-विजिल एप से करें शिकायत
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस निगरानी अभियान में सक्रिय भागीदारी दें और लोकतंत्र की शुचिता बनाए रखने में मदद करें।
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अवैध गतिविधि की सूचना: नागरिकों से अपील की गई है कि वे निर्वाचन प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले किसी भी अवैध गतिविधि, धन या वस्तु वितरण की सूचना तुरंत दें।
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कार्रवाई का माध्यम: ऐसी सूचना देने के लिए 'सी-विजिल एप' (C-VIGIL App) का इस्तेमाल किया जा सकता है। प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि ऐसी सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
यह अभियान स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन की कटिबद्धता को दर्शाता है।
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