Jamshedpur Dowry: गोविंदपुर दहेज उत्पीड़न की जाँच तेज, पति समेत 6 लोगों पर धोखाधड़ी का आरोप
जमशेदपुर की शिवानी कुमारी के दहेज उत्पीड़न और धोखे से शादी के मामले में पुलिस उपाधीक्षक कर रहे हैं जाँच। पति ने पहली शादी की बात क्यों छुपाई। ससुराल पक्ष बिहार क्यों भागा। पुलिस ने नोटिस भेजकर दी बड़ी चेतावनी। शादी के दस्तावेज और वीडियो क्या राज खोलेंगे।
जमशेदपुर, 10 दिसंबर 2025 – जमशेदपुर के गोविंदपुर की रहने वाली शिवानी कुमारी द्वारा दहेज उत्पीड़न और धोखाधड़ी के मामले की जाँच अब उच्च स्तर पर पहुँच गई है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के सीधे निर्देश पर इस पूरे मामले की निगरानी अब पुलिस उपाधीक्षक को सौंपी गई है। पुलिस दल आरोपियों की भूमिका, घटनाक्रम और सबूतों के हर पहलू की गहराई से जाँच कर रहा है।
पुलिस उपाधीक्षक ने लिया पूरे मामले का विवरण
बुधवार को पुलिस उपाधीक्षक ने स्वयं पीड़िता शिवानी कुमारी से मुलाकात की और पूरे मामले की विस्तृत जानकारी ली। जाँच के दौरान पुलिस दल ने कई अहम सामग्री अपने कब्जे में ली है।
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अहम सामग्री: पुलिस ने शादी से जुड़े सभी दस्तावेज, फोटो, वीडियो और मोबाइल पर हुई बातचीत जैसे महत्वपूर्ण सबूत जब्त कर लिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि ये सभी सामग्री इस मामले की सच्चाई सामने लाने में मुख्य भूमिका निभाएगी। जाँच की यह उच्च स्तरीय निगरानी दिखाती है कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से ले रहा है।
पहली शादी छिपाकर की दूसरी शादी
पीड़िता शिवानी ने गंभीर आरोप लगाया है कि उसके पति अनिल कुमार राज ने अपनी पहली शादी की जानकारी उससे छिपाकर विवाह किया। जब सच्चाई सामने आई, तो उसे न केवल मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, बल्कि दहेज की मांग को लेकर शारीरिक उत्पीड़न भी किया गया।
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दहेज की मांग: शिवानी ने बताया कि शादी के कुछ ही दिनों के अंदर ससुराल पक्ष के सभी सदस्यों ने मिलकर उस पर दहेज लाने का भारी दबाव बनाना शुरू कर दिया। जब उसने इसका विरोध किया, तो उसे घर से निकाल दिया गया।
बिहार के आरोपियों को चेतावनी
शिवानी ने अपने पति अनिल कुमार राज, ससुर वीर बहादुर पासवान, सास अनिता राज, देवर सुनील कुमार, पति की पहली पत्नी संगीता देवी समेत ससुराल पक्ष के कई लोगों को इस मामले में आरोपी बनाया है। सभी आरोपी बिहार के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
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गिरफ्तारी का आदेश: पुलिस की ओर से सभी आरोपियों को नोटिस भेज दिया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नोटिस के बाद भी अगर आरोपी जाँच में सहयोग नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। पुलिस का दावा है कि उपलब्ध सबूतों के आधार पर जल्द ही मामले को निष्कर्ष तक पहुँचाया जाएगा। पीड़िता ने उम्मीद जताई है कि उसे न्याय मिलेगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
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