Bistupur Arrest: जमशेदपुर के कीनन स्टेडियम के पास महिला से लूट करने वाले बदमाश गिरफ्तार, पर्स और बाइक बरामद
बिष्टुपुर पुलिस ने कीनन स्टेडियम गोलचक्कर के पास महिला से पर्स छीनने वाले दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। लूट की बाइक और मोबाइल के साथ पकड़े गए इन अपराधियों ने वारदात के दौरान महिला को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। पूरी कार्रवाई और इनका आपराधिक इतिहास यहाँ देखें।
जमशेदपुर/बिष्टुपुर, 17 मार्च 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर का सबसे सुरक्षित माना जाने वाला बिष्टुपुर इलाका उस वक्त दहल उठा था, जब दिनदहाड़े एक महिला से पर्स की छिनतई की गई। लेकिन जमशेदपुर पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस कांड का महज 48 घंटों के भीतर खुलासा कर दिया है। सर दोराबजी पार्क और कीनन स्टेडियम गोलचक्कर के पास हुई इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने वाले दो शातिर लुटेरों को पुलिस ने धर दबोचा है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से न केवल छीना गया सामान बरामद हुआ है, बल्कि वह बाइक भी जब्त कर ली गई है जिसका इस्तेमाल वे शहर की गलियों में आतंक मचाने के लिए कर रहे थे।
वारदात का खौफनाक मंजर: सड़क पर घिसटी थी महिला
यह घटना 15 मार्च की है, जिसने शहर की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे।
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अचानक हमला: धातकीडीह की रहने वाली एक महिला जब कीनन स्टेडियम रोड से गुजर रही थी, तभी पीछे से आए दो बाइक सवारों ने झपट्टा मारकर उनका पर्स छीन लिया।
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गंभीर चोट: छिनतई की कोशिश में महिला सड़क पर गिर पड़ीं और उन्हें गंभीर चोटें आईं। बदमाशों की बेरुखी ऐसी थी कि वे घायल महिला को तड़पता छोड़ रफूचक्कर हो गए।
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पुलिस की दबिश: सूचना मिलते ही बिष्टुपुर पुलिस हरकत में आई। सीसीटीवी फुटेज और गुप्तचरों की मदद से छापेमारी की गई और सोमवार को दो युवकों को हिरासत में लिया गया।
अपराधियों की प्रोफाइल: कौन हैं ये दो लुटेरे?
पकड़े गए बदमाशों की पहचान पुलिस ने इस प्रकार की है:
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मो. अलफाक कुरैशी उर्फ बाबू: गिरोह का मुख्य सदस्य जो बाइक चलाने और छिनतई की प्लानिंग में माहिर है।
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आशिक अंसारी उर्फ आसू: झपट्टा मारकर सामान छीनने का काम इसी का था।
बरामदगी की सूची:
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वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक।
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दो मोबाइल फोन (जो संभवतः किसी अन्य वारदात से जुड़े हो सकते हैं)।
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महिला का पर्स, घड़ी और अन्य कीमती सामान।
बिष्टुपुर का 'VVIP' इलाका और छिनतई का बढ़ता ग्राफ
जमशेदपुर का बिष्टुपुर क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से शहर का 'हृदय' और सबसे पॉश इलाका माना जाता है।
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टाटा की विरासत: कीनन स्टेडियम और सर दोराबजी पार्क का इलाका जमशेदपुर की पहचान है। कीनन स्टेडियम की स्थापना 1939 में हुई थी और यह दशकों तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का गवाह रहा है। ऐतिहासिक रूप से यह मार्ग वीआईपी मूवमेंट के लिए जाना जाता है।
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अपराध का बदलता स्वरूप: 90 के दशक में बिष्टुपुर की सड़कें शाम के वक्त टहलने के लिए सबसे सुरक्षित मानी जाती थीं। लेकिन हाल के वर्षों में नशे की लत के शिकार युवाओं ने इस शांत इलाके को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया है। 2020 के बाद से कीनन स्टेडियम और स्ट्रेट माइल रोड के पास 'स्नैचिंग' की घटनाओं में 15% की वृद्धि देखी गई है। पुलिस रिकॉर्ड बताते हैं कि अपराधी अक्सर इन्हीं गोलचक्करों का चुनाव करते हैं क्योंकि यहाँ से जुगसलाई या साकची की ओर भागने के कई रास्ते खुलते हैं। आज की गिरफ्तारी ने एक बार फिर यह साबित किया है कि तकनीक (CCTV) और मुस्तैदी के बिना इस ऐतिहासिक इलाके को सुरक्षित रखना नामुमकिन है।
पुलिस की चेतावनी: जेल भेजे गए आरोपी
बिष्टुपुर थाना प्रभारी ने बताया कि दोनों बदमाशों से कड़ी पूछताछ की गई है, जिसमें उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। सोमवार को उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
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सघन गश्ती: पुलिस ने घोषणा की है कि कीनन स्टेडियम और पार्कों के आसपास अब सादे लिबास में भी पुलिस बल की तैनाती रहेगी।
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जनता से अपील: पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सुनसान रास्तों पर चलते समय सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत 'डायल 112' पर दें।
बिष्टुपुर पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने शहरवासियों में सुरक्षा का भरोसा दोबारा जगाया है। कीनन स्टेडियम जैसे गौरवशाली स्थल के पास महिला का घायल होना शर्मनाक था, लेकिन अलफाक और आशिक की गिरफ्तारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जमशेदपुर की सड़कों पर अब लुटेरों के लिए कोई जगह नहीं है। क्या पुलिस का यह खौफ अन्य अपराधियों को इस तरह की हिमाकत करने से रोकेगा? यह आने वाला वक्त ही बताएगा।
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