Godda Murder : गोड्डा में खूनी खेल, एक ही परिवार के 3 लोगों की बेरहमी से हत्या, डायन-बिसाही के शक में उजाड़ दी दुनिया
गोड्डा के देवदांड में दिल दहला देने वाली वारदात हुई है। दरबारी मुर्मू, उनकी पत्नी और मासूम बेटे की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। डायन-बिसाही के शक में हुए इस जघन्य हत्याकांड ने पूरे झारखंड को झकझोर दिया है। पुलिस की छापेमारी और पकड़े गए संदिग्धों की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
गोड्डा/झारखंड, 17 मार्च 2026 – झारखंड के गोड्डा जिले से एक रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है। देवदांड थाना क्षेत्र के डांगा टोला में सोमवार की देर रात अज्ञात हमलावरों ने एक ही परिवार के तीन सदस्यों की धारदार हथियार से काटकर नृशंस हत्या कर दी। मृतकों में 50 वर्षीय दरबारी मुर्मू, उनकी 45 वर्षीय पत्नी मक्कू बास्की और उनका महज 12 साल का बेटा जीतनारायण मुर्मू शामिल है। मंगलवार सुबह जब ग्रामीणों ने घर के भीतर खून से लथपथ शव देखे, तो पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। इस तिहरे हत्याकांड ने न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि समाज में पैठी 'डायन-बिसाही' जैसी कुप्रथा के खौफनाक चेहरे को भी एक बार फिर उजागर कर दिया है।
आधी रात का कत्लेआम: सोते हुए परिवार पर वार
वारदात को इतनी बेरहमी से अंजाम दिया गया कि हमलावरों ने 12 साल के मासूम बच्चे को भी नहीं बख्शा।
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खूनी मंजर: मंगलवार सुबह जब काफी देर तक दरबारी मुर्मू के घर का दरवाजा नहीं खुला, तो पड़ोसियों ने अंदर झाँका। अंदर का नजारा देख उनकी चीख निकल गई। तीनों के शव अलग-अलग कमरों में खून से सने पड़े थे।
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दहशत में गांव: घटना की खबर मिलते ही डांगा टोला में भारी भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों में इस कदर आक्रोश और भय है कि लोग अपने घरों से निकलने में भी डर रहे हैं।
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पुलिस की घेराबंदी: सूचना मिलते ही गोड्डा एसडीपीओ अशोक प्रियदर्शी, देवदांड थाना प्रभारी अमित मार्की और पौड़याहाट थाना प्रभारी महावीर पंडित पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस ने तुरंत साक्ष्य जुटाने शुरू किए और शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया।
डायन-बिसाही का शक: अंधविश्वास ने ली बलि?
एसडीपीओ अशोक प्रियदर्शी ने शुरुआती जांच के बाद जो संकेत दिए हैं, वे समाज के लिए चिंताजनक हैं।
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प्राथमिक आशंका: पुलिस का मानना है कि यह मामला 'डायन-बिसाही' (अंधविश्वास) से जुड़ा हो सकता है। अक्सर ग्रामीण इलाकों में आपसी रंजिश को इस कुप्रथा का रंग देकर ऐसे जघन्य कांड किए जाते हैं।
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विशेष टीम (SIT): मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया है, जो संपत्ति विवाद और आपसी रंजिश के एंगल पर भी काम कर रही है।
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3 संदिग्ध हिरासत में: पुलिस ने फुर्ती दिखाते हुए तीन संदिग्धों को उठाकर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का दावा है कि आरोपियों के नाम जल्द ही सार्वजनिक किए जाएंगे।
गोड्डा और संथाल परगना में 'डायन-बिसाही' का काला साया
गोड्डा जिला ऐतिहासिक रूप से अपनी जनजातीय संस्कृति और गौरवशाली अतीत के लिए जाना जाता है, लेकिन 'डायन-बिसाही' के नाम पर होने वाली हिंसा यहाँ की एक कड़वी हकीकत रही है।
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पुरानी कुप्रथा: झारखंड के संथाल परगना क्षेत्र में अंधविश्वास की जड़ें काफी पुरानी हैं। 19वीं सदी के रिकॉर्ड्स बताते हैं कि उस दौर में भी बीमारियों और पशुओं की मौत का दोष अक्सर किसी परिवार पर 'डायन' का टैग लगाकर दिया जाता था।
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कानून बनाम अंधविश्वास: झारखंड सरकार ने 2001 में 'डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम' लागू किया था, लेकिन इतिहास गवाह है कि गोड्डा, दुमका और पाकुड़ जैसे इलाकों में आज भी शिक्षा के अभाव में यह कानून बेअसर साबित होता है। 2015 और 2021 में भी गोड्डा में इसी तरह के तिहरे हत्याकांड हुए थे, जहाँ पूरे परिवार को अंधविश्वास के कारण खत्म कर दिया गया। आज डांगा टोला की यह घटना याद दिलाती है कि हम आधुनिक युग में तो पहुँच गए हैं, लेकिन मानसिक रूप से अभी भी सदियों पुराने अंधेरे में कैद हैं।
इंसाफ की पुकार: बेटी सुनीता का रो-रोकर बुरा हाल
मृतक दरबारी मुर्मू की विवाहित बेटी सुनीता मुर्मू को जब इस त्रासदी की सूचना मिली, तो वह बेसुध हो गई। एक ही झटके में उसने अपने पिता, माता और छोटे भाई को खो दिया। पुलिस ने परिवार को आश्वासन दिया है कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
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पुलिस का संकल्प: एसडीपीओ ने स्पष्ट किया है कि कानून को हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे।
डांगा टोला का यह त्रिपल मर्डर केवल एक अपराध नहीं, बल्कि हमारे समाज के माथे पर कलंक है। 12 साल के जीतनारायण की हत्या यह बताती है कि अंधविश्वास इंसान को जानवर बना देता है। जब तक गोड्डा के ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की रोशनी नहीं पहुँचेगी, तब तक ऐसी तलवारें मासूमों का खून बहाती रहेंगी। अब सबकी निगाहें पुलिस की जांच पर हैं—क्या असली मास्टरमाइंड पकड़ा जाएगा?
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