Jagannathpur Mystery: जगन्नाथपुर में दो मादा हाथियों की रहस्यमय मौत हुई, वन विभाग ने जांच में यह राज खोला

पश्चिमी सिंहभूम जिले के जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र स्थित गगराई लांगर इलाके में दो मादा हाथियों की रहस्यमय तरीके से मौत हो गई है। ग्रामीणों ने दुर्गंध फैलने पर वन विभाग को सूचना दी। वन विभाग की टीम अभी तक हाथियों की मौत के कारणों का खुलासा नहीं कर पाई है। यह घटना पश्चिमी सिंहभूम में हाथियों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। जानिए डीएफओ को दी गई सूचना और इस पूरी घटना के पीछे छिपे अनसुलझे रहस्य का विवरण।

Nov 14, 2025 - 15:19
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Jagannathpur Mystery: जगन्नाथपुर में दो मादा हाथियों की रहस्यमय मौत हुई, वन विभाग ने जांच में यह राज खोला
Jagannathpur Mystery: जगन्नाथपुर में दो मादा हाथियों की रहस्यमय मौत हुई, वन विभाग ने जांच में यह राज खोला

पश्चिमी सिंहभूम, 14 नवंबर 2025 झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र स्थित जैंतगढ़ जुगीनंदा टोला के गगराई लांगर इलाके से एक ऐसी चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जिसने पूरे वन्यजीव जगत में दहशत पैदा कर दी है। यहां एक साथ दो मादा हाथियों की रहस्यमय तरीके से मौत हो गई है, जिसके कारणों का खुलासा वन विभाग अभी तक नहीं कर पाया है। यह घटना न सिर्फ स्थानीय लोगों को परेशान कर रही है, बल्कि इसने पूरे जिले में हाथियों और वन्यजीवों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि क्या यह मौत किसी प्राकृतिक कारण से हुई है, या इसके पीछे शिकारियों या मानव-हाथी संघर्ष का कोई अज्ञात राज छिपा है?

रहस्यमय मौत: शुरुआत में क्यों नहीं मिली सूचना

हाथियों की मौत का खुलासा होने में दो से तीन दिन लग गए, जिससे इलाके में दुर्गंध फैल गई और स्थानीय लोग डर गए।

  • मौत का समय: ग्रामीणों के अनुसार, दोनों मादा हाथियों की मृत्यु दो से तीन दिन पहले हुई थी, जिसके कारण शवों के सड़ने से तेज दुर्गंध फैल गई।

  • सूचना: जब यह तेज दुर्गंध असहनीय हो गई, तब ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी, जिसके बाद मामला सामने आया।

  • जांच: सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और जांच-पड़ताल में लग गई है।

वन विभाग की जांच: सुरक्षा पर सवाल खड़े हुए

वन विभाग की टीम ने प्राथमिक जांच के बाद मामले की सूचना तुरंत उच्च अधिकारियों को दी है।

  • डीएफओ को सूचना: वन विभाग के कर्मी उदित नारायण गगराई ने इस घटना की गंभीरता को देखते हुए इसकी जानकारी वन प्रमंडल पदाधिकारी (डीएफओ) को दे दी है।

  • मौत का कारण: उन्होंने बताया कि जांच और शवों के पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल पाएगा। किसी भी संभावित कारण, जैसे जहर, बीमारी या बिजली का झटका, पर गौर किया जा रहा है।

हाथियों के संरक्षण पर गंभीर चिंता

यह घटना पश्चिमी सिंहभूम जिले में हाथियों की सुरक्षा पर एक बड़ा सवाल खड़ा करती है। झारखंड, जो अपनी घनी वन्य संपदा के लिए जाना जाता है, वहां हाथियों की रहस्यमय मौत वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों की पोल खोलती है। देश के इतिहास में हाथियों का सांस्कृतिक और पारिस्थितिक महत्व रहा है, और उनकी आबादी के नुकसान से पर्यावरण संतुलन बिगड़ सकता है। वन विभाग को इस मामले में न केवल मौत के कारणों का पता लगाना होगा, बल्कि हाथियों के निवास क्षेत्रों में सुरक्षा और निगरानी को भी बढ़ाना होगा।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।