IND vs SA Test: गुवाहाटी में भारत का सबसे बड़ा पतन, दक्षिण अफ्रीका ने 408 रन से हराकर 25 साल बाद किया भारत का सूपड़ा साफ
होम ग्राउंड पर भारत की सबसे बड़ी हार! दक्षिण अफ्रीका ने 408 रनों के ऐतिहासिक अंतर से गुवाहाटी टेस्ट जीतकर सीरीज 2-0 से क्लीनस्वीप की। गौतम गंभीर की कोचिंग पर गंभीर सवाल, WTC अंक तालिका पर गहरा असर।
स्पोर्ट्स डेस्क, 26 नवंबर 2025 – भारतीय क्रिकेट (Indian Cricket) के इतिहास (History) में यह दिन एक काले अध्याय (Black Chapter) के रूप में दर्ज हो गया है। गुवाहाटी (Guwahati) के बरसापारा स्टेडियम (Barsapara Stadium) में खेले गए दूसरे टेस्ट (Second Test) मैच में दक्षिण अफ्रीका (South Africa) ने मेज़बान भारत को 408 रनों के विशाल अंतर (Huge Margin) से करारी शिकस्त (Crushing Defeat) दी। इस ऐतिहासिक (Historic) हार के साथ ही प्रोटियाज (Proteas) ने दो मैचों की सीरीज को 2-0 से क्लीनस्वीप (Clean Sweep) कर लिया। यह जीत दक्षिण अफ्रीका के लिए इसलिए यादगार (Memorable) है क्योंकि उन्होंने 25 साल बाद भारतीय सरजमीं (Indian Soil) पर कोई टेस्ट सीरीज जीती है। इससे पहले 1999-2000 में उन्होंने 2-0 से भारत को मात दी थी।
भारत के घरेलू इतिहास की सबसे बड़ी शर्मनाक हार
रनों के आधार पर यह भारत की अपने घरेलू मैदान (Home Ground) पर टेस्ट इतिहास (Test History) की सबसे बड़ी हार है। इससे पहले 2004 में नागपुर (Nagpur) में ऑस्ट्रेलिया (Australia) ने भारत को 342 रनों से हराया था, लेकिन गुवाहाटी में 408 रनों की यह शिकस्त (Rout) हर पुराने रिकॉर्ड (Old Record) को पीछे छोड़ गई है।
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सीरीज पर नियंत्रण: दक्षिण अफ्रीका ने सीरीज के शुरुआत से ही भारत पर पूरी तरह से दबाव (Pressure) बनाए रखा। उन्होंने कोलकाता (Kolkata) के पहले टेस्ट में 30 रनों से जीत हासिल की थी, और गुवाहाटी में तो उन्होंने भारत के आत्मसम्मान (Self-Respect) को भी बुरी तरह झकझोरा।
गौतम गंभीर की कोचिंग पर उठे सवाल
इस शर्मनाक प्रदर्शन के बाद टीम इंडिया (Team India) के मुख्य कोच (Head Coach) गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) की रणनीति (Strategy) और भविष्य (Future) पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। यह दूसरी बार है जब गंभीर की कोचिंग में भारत को घर पर क्लीनस्वीप का सामना करना पड़ा है।
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13 महीने में दूसरी क्लीनस्वीप: इससे पहले अक्टूबर-नवंबर 2024 में न्यूजीलैंड (New Zealand) ने भी भारत को तीन मैचों की सीरीज में 3-0 से रौंदा था। 13 महीनों के अंदर घर पर दो क्लीनस्वीप भारतीय क्रिकेट के लिए चिंता (Worry) का विषय है।
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के नजरिए (Perspective) से यह हार और भी शर्मनाक है, क्योंकि अंक तालिका (Points Table) पर भारत को एक बड़ा झटका लगेगा, जिससे फाइनल (Final) तक पहुंचने की उनकी उम्मीदों (Hopes) को करारा नुकसान (Severe Damage) पहुंचा है।
विशाल लक्ष्य के आगे ढेर हुई भारतीय बल्लेबाजी
मैच का पूरा हाल दक्षिण अफ्रीका के मज़बूत प्रदर्शन (Strong Performance) को दर्शाता है। पहली पारी में 489 रन की मजबूत नींव (Strong Foundation) के सामने भारत महज 201 रन पर सिमट (Collapsed) गया और 288 रनों की बड़ी बढ़त (Huge Lead) मिली। दूसरी पारी में प्रोटियाज ने 260/5 रन पर पारी घोषित करते हुए भारत के सामने 549 रनों का पहाड़ जैसा (Mountain-like) लक्ष्य रखा।
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अंतिम पतन: चौथे दिन के अंत तक ही भारत ने 27/2 पर अपने दो अहम विकेट (Crucial Wickets) खो दिए थे। आखिरी दिन बुधवार को भारतीय बल्लेबाजी पूरी तरह से ढह (Crumbled) गई। साई सुदर्शन (14), ऋषभ पंत (13) और ध्रुव जुरेल (2) जैसे सभी प्रमुख बल्लेबाज (Key Batsmen) असफल (Failed) रहे।
जडेजा का संघर्ष भी नहीं आया काम
निचले क्रम (Lower Order) में वॉशिंगटन सुंदर (16) ने कुछ संघर्ष (Struggle) किया, लेकिन रवींद्र जडेजा (Ravindra Jadeja) ने एक अकेली लड़ाई (Lone Battle) लड़ते हुए अपने टेस्ट करियर का 28वां अर्धशतक (Half-Century) जड़ा। जडेजा ने 87 गेंदों पर चार चौके और दो छक्कों की मदद से 54 रन बनाए, लेकिन उनके आउट होते ही भारतीय पारी 140 रन पर समाप्त (Concluded) हो गई। भारत के दोनों तेज गेंदबाज (Fast Bowlers) नीतीश रेड्डी और मोहम्मद सिराज तो खाता भी नहीं खोल सके। 408 रनों की यह हार एक कड़वा सच (Bitter Truth) है जिसे भारतीय क्रिकेट को स्वीकार (Accept) करना होगा।
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