Boycott India-Pak Match: जमशेदपुर के पूर्व सैनिकों ने की मैच का 100% बहिष्कार करने की अपील, कहा – आतंकियों से जुड़े देश के साथ खेला नहीं जाना चाहिए!
एशिया कप में भारत-पाकिस्तान मैच को लेकर जमशेदपुर में विरोध की आवाज उठी। अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद ने 100% मैच का बहिष्कार करने की अपील की। आतंकियों से जुड़ी घटनाओं के चलते लोगों में गहरा आक्रोश है।
एशिया कप के महामुकाबले में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मैच को लेकर देशभर में विरोध की लहर तेज हो गई है। कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में पाकिस्तानी आतंकवादियों द्वारा किए गए हमले ने लोगों में गहरा गुस्सा पैदा कर दिया है। इसी को लेकर अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद, जमशेदपुर ने शनिवार को ऐलान किया कि वे इस मैच का 100% बहिष्कार करेंगे। परिषद ने लोगों से अपील की है कि वे इस मैच को टीवी पर न देखें और इसे पूरी तरह नजरअंदाज करें।
परिषद के सदस्य ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा भेजे गए आतंकियों ने महिलाओं का सिंदूर देखकर उनके सुहाग उजाड़े हैं। ऐसे देश के साथ क्रिकेट का मैच खेलना और देखना किसी भी देशभक्त नागरिक के लिए उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि यह मैच देश की भावनाओं के खिलाफ है। इसलिए हम सभी देशवासियों से अपील करते हैं कि इस मैच का बहिष्कार करें और टीवी बंद रखें।
इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी विरोध की लहर दौड़ गई है। कई लोगों ने इसे देशहित में लिया है और कहा है कि खेल से पहले राष्ट्र की सुरक्षा और सम्मान सबसे बड़ा मुद्दा है। परिषद के सदस्यों का मानना है कि पहलगाम में हुए हमले के बाद भारत-पाक मुकाबला खेलना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में खेल का आयोजन सिर्फ व्यापारिक हित में किया जा रहा है, जबकि आम नागरिकों का दर्द नजरअंदाज किया जा रहा है।
जम्मू-कश्मीर में हुए हमले ने देशभर में शोक और आक्रोश पैदा कर दिया है। यही कारण है कि अब भारत-पाक मैच को लेकर लोग उत्साहित नहीं हैं। परिषद ने साफ कहा कि देश की सुरक्षा से जुड़ा मामला पहले है, खेल बाद में। साथ ही उन्होंने कहा कि देश के युवा और नागरिकों को खेल के नाम पर अपने राष्ट्रहित से समझौता नहीं करना चाहिए।
परिषद ने यह भी बताया कि वे पूरे जिले में जागरूकता अभियान चलाएंगे और लोगों को समझाएंगे कि इस मैच को देखकर आतंकी मानसिकता को समर्थन न दें। परिषद के पदाधिकारियों ने कहा कि जब तक आतंकवाद समाप्त नहीं होता, तब तक ऐसे देशों के साथ खेलों में भागीदारी पर विचार करना देश के लिए नुकसानदेह है।
इस बहिष्कार अभियान से खेल प्रेमियों में भी चर्चा का विषय बन गया है। कई लोगों का कहना है कि खेल को राजनीति से अलग रखना चाहिए, लेकिन आतंकवाद जैसे मुद्दों पर राष्ट्र की भावना सर्वोपरि है।
अब देखना होगा कि देशभर में इस अपील को कितना समर्थन मिलता है और मैच के दिन कितने लोग इसे सच में बहिष्कार करते हैं। लेकिन जमशेदपुर में पूर्व सैनिकों की यह पहल देश की सुरक्षा और सम्मान को लेकर जागरूकता फैलाने का बड़ा प्रयास बन चुकी है।
What's Your Reaction?


