Giridih Raid: नकली शराब फैक्ट्री का पर्दाफाश, 80 लाख का जाल जब्त और 4 हजार लीटर स्पिरिट
गिरिडीह और हजारीबाग सीमा पर बड़ी कार्रवाई! 80 लाख की नकली विदेशी शराब और 4 हजार लीटर स्पिरिट पकड़ी गई। झारखंड और उत्तर प्रदेश के नकली होलोग्राम का प्रयोग, जानें कृष्णा साव के घर से चल रहे इस संगठित तस्करी गिरोह की पूरी कहानी।
गिरिडीह, 5 दिसंबर 2025 – झारखंड में उत्पाद विभाग ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए नकली विदेशी शराब बनाने वाले एक विशाल ठिकाने का पर्दाफाश किया है। गिरिडीह और हजारीबाग की सीमा पर चलपनिया और आठमाइल के इलाकों में यह छापेमारी की गई। इस कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि नकली शराब का यह संगठित नेटवर्क ग्रामीण क्षेत्रों में भी अपनी जड़ें गहरा रहा था।
नकली होलोग्राम और राजस्व को नुकसान
रांची उत्पाद आयुक्त के निर्देश पर इंटेलिजेंस विंग की टीम ने लगातार मिल रही जानकारी के आधार पर इस ठिकाने की पहचान की। जांच में सामने आया कि शराब की पैकिंग में झारखंड और उत्तर प्रदेश सरकार के नकली होलोग्राम लगाए जा रहे थे। नकली होलोग्राम का उपयोग यह दर्शाता है कि पूरी आपूर्ति श्रृंखला एक योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही थी। इस तरह के धोखे से सरकार के राजस्व को भारी नुकसान हो रहा था।
80 लाख की सामग्री जब्त, कृष्णा साव का घर केंद्र
छापेमारी कृष्णा साव के घर पर की गई, जिसे गिरोह का प्रमुख माना जा रहा है। यहां विभाग को बड़ी मात्रा में तैयार शराब और लगभग 4,000 लीटर स्पिरिट मिली। टीम ने शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण और नकली होलोग्राम भी जब्त किए हैं।
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तस्करी का जाल: उत्पाद विभाग के अनुसार, जब्त की गई सभी सामग्री की अनुमानित कीमत करीब 80 लाख रुपये आंकी गई है। यह भी सामने आया है कि यहां बनने वाली शराब की तस्करी बिहार, झारखंड और आसपास के अन्य राज्यों में भी की जा रही थी।
उपभोक्ताओं के लिए गंभीर खतरा
इस तरह से गैरकानूनी ढंग से तैयार की गई शराब न केवल सरकार को वित्तीय नुकसान पहुंचाती है, बल्कि यह उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा साबित हो सकती है। अक्सर ऐसी शराब में जहरीले पदार्थों का इस्तेमाल होता है, जिसके सेवन से कई हादसे होने की संभावना बनी रहती है।
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आगे की कार्रवाई: इस बड़े भंडाफोड़ के बाद उत्पाद विभाग पर यह दबाव बढ़ेगा कि वे इस गिरोह के बाकी सदस्यों की पहचान करके पूरे नेटवर्क पर कड़ी कार्रवाई तेज करें। इससे यह पता चलना चाहिए कि इतनी बड़ी मात्रा में नकली होलोग्राम कहां से आ रहे थे।
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