Giridih Attack: गिरिडीह के तिलैया गांव में जंगली हाथियों के झुंड ने अचानक हमला किया, चरकु महतो समेत दो ग्रामीणों की मौत हुई
झारखंड के गिरिडीह जिले के तिलैया गांव में जंगली हाथियों के हमले से दहशत फैल गई। रात 8 बजे पांच हाथियों के झुंड ने चरकु महतो और प्रकाश महतो पर हमला कर उन्हें सूंड से उठाकर पटका। दोनों ग्रामीणों की मौके पर ही मौत हुई। ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़े बजाकर हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा। वन विभाग और पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन ग्रामीणों ने तत्काल मुआवजे की मांग की है। जानिए हाथियों के इस बढ़ते आतंक और गांव की सुरक्षा पर बड़ा सवाल।
गिरिडीह, 11 नवंबर 2025 – झारखंड के कई जिले लंबे समय से जंगली हाथियों के बढ़ते आतंक से जूझ रहे हैं, और सोमवार की रात यह मानव-वन्यजीव संघर्ष एक बार फिर खूनी साबित हुआ। गिरिडीह जिले के गोमिया प्रखंड के जागेश्वर विहार थाना क्षेत्र अंतर्गत तिलैया गांव में जंगल से निकले करीब पाँच हाथियों के झुंड ने दो ग्रामीणों को सूंड से उठाकर पटक दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना वन्यजीवों के आवास क्षेत्र में बढ़ते मानवीय हस्तक्षेप के खतरनाक परिणाम को दर्शाती है। सवाल यह है कि क्या वन विभाग इस बढ़ते खतरे को रोकने के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपाय क्यों नहीं कर पा रहा, और हाथी बार-बार गांवों की ओर का रुख क्यों कर रहे हैं?
मौत का तांडव: जब हाथियों ने किया अचानक हमला
सोमवार की रात करीब 8 बजे गांव के लिए यह शाम एक भयानक रात में बदल गई।
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घटना: गांव की एक दुकान के पास कुछ ग्रामीण आपस में बातचीत कर रहे थे। अचानक ही जंगल से निकले करीब पाँच हाथियों का एक झुंड गांव में आ घुसा, जिससे पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई।
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मृतक: भागने की कोशिश के दौरान, हाथियों ने चरकु महतो (40) और प्रकाश महतो (38) को अपनी सूंड से उठाकर जमीन पर पटक दिया, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
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कोहराम: घटना के बाद मृतकों के परिवार में कोहराम मच गया। मृतकों के एक-एक पुत्र और पुत्री हैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है।
ग्रामीणों का साहस: जंगल की ओर खदेड़ा हाथी
हाथियों के हमले के बाद भी, गांव के कुछ लोगों ने हिम्मत नहीं हारी और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तुरंत कार्रवाई की।
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सामूहिक प्रयास: ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़े बजाकर और मशालों की रोशनी के सहारे हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा, जिससे आगे की तबाही टली।
मुआवजे की मांग: वन विभाग की लापरवाही पर सवाल
घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम और पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थिति का जायाजा लिया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।
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ग्रामीणों की मांग: ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मृतकों के परिजनों को तत्काल मुआवजा देने की मांग की है।
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सुरक्षा: साथ ही, उन्होंने गांव में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की भी मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृति न हो।
यह घटना झारखंड के उन तमाम गांवों के लिए एक गंभीर चेतावनी है जो वन क्षेत्र के निकट स्थित हैं। वन विभाग को हाथी कॉरिडोर की सुरक्षा और ग्रामीणों की जानमाल की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।
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