Ghatshila Inspection: घाटशिला में उपायुक्त का कड़ा रुख, अस्पताल से लेकर अंचल कार्यालय तक हड़कंप, सबर टोला में विकास की जमीनी हकीकत
घाटशिला में उपायुक्त राजीव रंजन के औचक निरीक्षण से प्रशासनिक महकमे में खलबली मच गई है। अस्पताल की अव्यवस्था और कार्यालयों की सुस्ती पर मिली कड़ी चेतावनी और सबर परिवारों के आवासों की जांच की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
घाटशिला/पूर्वी सिंहभूम, 07 मई 2026 – पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त श्री राजीव रंजन इन दिनों एक्शन मोड में हैं। गुरुवार को उन्होंने घाटशिला प्रखंड सह अंचल कार्यालय और अनुमंडल अस्पताल का औचक निरीक्षण कर प्रशासनिक सुस्ती पर कड़ा प्रहार किया। इस दौरे ने न केवल अधिकारियों की नींद उड़ा दी है, बल्कि यह भी स्पष्ट कर दिया है कि जनसमस्याओं के समाधान में कोताही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अस्पताल की गंदगी से लेकर बायोमेट्रिक हाजिरी तक, उपायुक्त ने हर उस बिंदु को खंगाला जहाँ आम जनता को परेशानी हो रही थी।
कार्यालय में क्लास: "साफ-सफाई नहीं तो कार्रवाई तय"
उपायुक्त जब घाटशिला प्रखंड कार्यालय पहुँचे, तो वहां की अव्यवस्था देखकर उन्होंने गहरी नाराजगी जाहिर की।
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गंदगी पर बरसे DC: कार्यालय परिसर में फैली गंदगी और पंजियों के रखरखाव में लापरवाही देखकर उपायुक्त ने बीडीओ और सीओ को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने साफ कहा कि "अनुशासन और समयपालन" सरकारी सेवा की पहली शर्त है।
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बायोमेट्रिक जांच: अधिकारियों और कर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक सिस्टम की गहन जांच की गई। चेतावनी दी गई कि जो कर्मचारी समय पर नहीं आएंगे, उन पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
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पेंडिंग फाइलों का हिसाब: उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि प्रखंड कार्यालय आने वाले आम लोगों को अनावश्यक चक्कर न कटवाएं जाएं। पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ फाइलों का निपटारा समयसीमा के भीतर होना चाहिए।
अस्पताल का हाल: मरीजों से लिया सीधा फीडबैक
प्रखंड कार्यालय के बाद उपायुक्त का काफिला सीधे घाटशिला अनुमंडल अस्पताल पहुँचा।
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वार्डों का मुआयना: उन्होंने कुपोषण उपचार केंद्र (MTC), पंजीकरण काउंटर और जनरल वार्ड का निरीक्षण किया।
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संवेदनशीलता की सीख: डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिया गया कि मरीजों के साथ संवेदनशीलता से पेश आएं। दवाओं की उपलब्धता और समय पर जांच में कोई कमी नहीं होनी चाहिए।
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मरीजों से बातचीत: उपायुक्त ने बेड पर जाकर मरीजों और उनके परिजनों से पूछा कि उन्हें स्वास्थ्य सेवाएं सही मिल रही हैं या नहीं।
सबर टोला में दस्तक: आवास और बागवानी का जायजा
घाटशिला के हलुदबनी पंचायत स्थित सबर टोला पहुँचकर उपायुक्त ने आदिम जनजाति परिवारों के लिए बन रहे आवासों की गुणवत्ता जांची।
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जमीनी हकीकत: उन्होंने सबर परिवारों से सीधे संवाद किया और बिजली-पानी की उपलब्धता के बारे में जानकारी ली।
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मनरेगा से समृद्धि: पंचायत में संचालित आम बागवानी योजना का निरीक्षण करते हुए उन्होंने कहा कि मनरेगा केवल खुदाई का काम नहीं, बल्कि ग्रामीणों की आजीविका बढ़ाने का जरिया है। रोजगार सृजन और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए इन योजनाओं का गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन अनिवार्य है।
घाटशिला में उपायुक्त राजीव रंजन की यह सक्रियता एक बड़ा संदेश है कि एसी कमरों से बाहर निकलकर प्रशासन अब गांवों की धूल फांकने के लिए तैयार है। उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान और एसडीओ सुनील चंद्र जैसे वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी यह बताती है कि जिले के विकास कार्यों को अब 'टॉप गियर' में डाल दिया गया है। घाटशिला की जनता के लिए यह राहत की खबर है कि उनकी शिकायतों पर अब सीधे 'बॉस' की नजर है।
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