Engineers Day Celebration : Engineers Day पर एनटीटीएफ गोलमुरी में याद किए गए सर एम. विश्वेश्वरैया, छात्रों ने जाना इंजीनियरिंग का गौरव
जमशेदपुर के एनटीटीएफ आरडी टाटा टेक्निकल इंस्टिट्यूट गोलमुरी में 15 सितंबर को इंजीनियर्स डे मनाया गया। सर एम. विश्वेश्वरैया के योगदान को याद करते हुए छात्रों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।
स्टील सिटी जमशेदपुर में इंजीनियर्स डे बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। एनटीटीएफ, आरडी टाटा टेक्निकल इंस्टिट्यूट गोलमुरी में इस अवसर पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन हुआ। यह दिन भारतरत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया के योगदान को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है। उन्होंने देश में इंजीनियरिंग क्षेत्र को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य प्रीता जॉन और उप प्राचार्य रमेश राय ने दीप प्रज्वलित कर और सर विश्वेश्वरैया के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया। प्राचार्य प्रीता जॉन ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि विश्वेश्वरैया का जन्म 15 सितंबर 1860 को कर्नाटक के मैसूर राज्य के मुदेनाहल्ली गाँव में हुआ था। स्नातक परीक्षा में सर्वोच्च अंक लाने पर उन्हें मैसूर के महाराजा ने पुणे स्थित कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में पढ़ने के लिए भेजा।
उन्होंने बताया कि इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उनके योगदान के साथ-साथ टाटा स्टील के विकास में भी उनका अहम रोल रहा है। छात्रों को यह जानकारी प्रेरणादायक लगी।
कार्यक्रम में सभी विभागों के छात्र-छात्राएँ बड़ी संख्या में उपस्थित थे। सृष्टि गुप्ता और क्विरी ने इंजीनियर्स डे पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि इंजीनियरिंग न केवल तकनीकी शिक्षा है, बल्कि राष्ट्र निर्माण का आधार भी है।
इस अवसर पर कार्यक्रम के संयोजक एन. शिवप्रसाद के साथ वरुण कुमार, दीपक सरकार, अजीत कुमार, हरेश मृणमय, कुमार महतो, मंजुला वीणा, शिल्पा मनीष कुमार, नकुल, सुमन कुमार, कौशल, ज्योति, स्मृति, राजीव रंजन, पल्लवी चौधरी, शर्मिष्ठा, मिथिला, मुनमुन, बीरेंद्र आचार्य सहित अन्य सदस्य भी मौजूद रहे। सभी ने मिलकर इंजीनियरिंग क्षेत्र में उत्कृष्टता और नवाचार के प्रति छात्रों को प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्र निर्माण में इंजीनियरों की भूमिका पर चर्चा के साथ हुआ। छात्रों ने सर विश्वेश्वरैया के आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया।
एनटीटीएफ गोलमुरी द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम न केवल छात्रों के ज्ञान को बढ़ाने वाला था, बल्कि उन्हें भविष्य में इंजीनियरिंग क्षेत्र में योगदान देने के लिए प्रेरित भी करेगा। संस्था ने ऐसे आयोजनों के माध्यम से शिक्षा और तकनीकी जागरूकता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
वरुण कुमार, प्रशासनिक अधिकारी ने कहा, “हमारा उद्देश्य छात्रों को उत्कृष्टता की ओर प्रेरित करना है। इंजीनियरिंग देश की प्रगति का मुख्य आधार है और ऐसे कार्यक्रम उनके आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं।”
यह इंजीनियर्स डे जमशेदपुर में शिक्षा के क्षेत्र में एक यादगार दिन बन गया।
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