पूर्वी सिंहभूम में नशे का बढ़ता कारोबार: गो तस्करी और अवैध गतिविधियों पर कैसे लगाएं रोक?

पूर्वी सिंहभूम में नशे का कारोबार और गो तस्करी की समस्या गंभीर रूप से बढ़ रही है। जानिए इन अवैध गतिविधियों को रोकने के उपाय और प्रशासन की कारगर कार्यवाहियों के बारे में।

Jul 3, 2024 - 10:45
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पूर्वी सिंहभूम में नशे का बढ़ता कारोबार: गो तस्करी और अवैध गतिविधियों पर कैसे लगाएं रोक?
पूर्वी सिंहभूम में नशे का बढ़ता कारोबार: गो तस्करी और अवैध गतिविधियों पर कैसे लगाएं रोक?

पूर्वी सिंहभूम जिला परिषद सूरज मंडल द्वारा जिला के उपायुक्त अनन्य मित्तल, अनुमंडल पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ग्रामीण को एक मांगपत्र सौंपा गया है, जिसमें क्षेत्र में बड़े पैमाने पर नशे के कारोबार चलने की शिकायत की गई है। गो तस्करी, अवैध लोहा टाल आदि को बंद करने की मांग भी की गई है। आइए जानते हैं इस समस्या के बारे में विस्तार से और इसके समाधान के उपाय।

पूर्वी सिंहभूम में नशे का कारोबार: एक गंभीर समस्या

पोटका क्षेत्र में इन दिनों गो तस्करी तेजी से हो रही है। साथ ही युवा वर्ग ब्राउन शुगर, गांजा आदि की चपेट में आकर अपना भविष्य बर्बाद कर रहे हैं। सरकारी शराब की दुकानों में नकली शराब धड़ल्ले से बेची जा रही है। उन्होंने कहा कि जल्द बड़ा आदमी बनने के चक्कर में युवा जुआ खेल रहे हैं। इससे युवा वर्ग काफी प्रभावित हो रहे हैं।

गो तस्करी और अवैध लोहा टाल

मांगपत्र में बताया गया है कि पोटका क्षेत्र में गो तस्करी तेजी से हो रही है। इसके अलावा, अवैध लोहा टाल भी क्षेत्र में सक्रिय हैं। यह न केवल क्षेत्र की शांति और सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि यह स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नुकसान पहुंचा रहा है।

नशे के कारोबार और गो तस्करी को रोकने के लिए प्रशासन को कड़ी निगरानी और कठोर कार्रवाई करनी होगी। पुलिस और प्रशासन को मिलकर नियमित छापेमारी करनी चाहिए और अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए। स्थानीय समुदाय और युवाओं के बीच नशे के दुष्परिणामों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए अभियान चलाना जरूरी है। स्कूलों, कॉलेजों और समुदायिक केंद्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए ताकि युवा वर्ग नशे की लत से बच सकें।

सरकारी योजनाओं का सही कार्यान्वयन

सरकार द्वारा चलाई जा रही नशामुक्ति योजनाओं का सही कार्यान्वयन सुनिश्चित करना आवश्यक है। नशामुक्ति केंद्रों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए और वहां पर उचित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।