Dhanbad ED: झारखंड और बंगाल के सबसे बड़े कोयला कारोबारियों पर छापा, ₹50 करोड़ के अवैध लेन-देन का खुलासा
ईडी ने धनबाद में कोयला आउटसोर्सिंग कंपनी डेको और बड़े ट्रांसपोर्टरों के ठिकानों पर की छापेमारी। मनोज अग्रवाल, सुधीर चौटाला और इंद्रराज भदौरिया के ख़िलाफ़ कार्रवाई क्यों हुई। मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध संपत्ति का क्या है एंगल।
धनबाद, 12 दिसंबर 2025 – प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने शुक्रवार सुबह धनबाद में कोयला (Coal) कारोबार से जुड़े कई प्रमुख कारोबारियों के ठिकानों पर बड़ी छापेमारी शुरू कर दी। यह कार्यवाही कोयला के अवैध कारोबार और उससे जुड़े धन शोधन के मामले की जाँच का अहम हिस्सा मानी जा रही है। एजेंसी ने शहर की मुख्य कोयला आउटसोर्सिंग कंपनी डेको के संचालक और झारखंड-बंगाल के सबसे बड़े कोयला ट्रांसपोर्टरों के ठिकानों को निशाना बनाया है।
डेको कंपनी के संचालकों पर शिकंजा
ईडी ने धनसार स्थित कोयला आउटसोर्सिंग कंपनी डेको के संचालक मनोज अग्रवाल और कंपनी के निदेशक ए.एन. झा के आवासों सहित कई ठिकानों पर तलाशी अभियान शुरू किया। इन परिसरों में दस्तावेज़ों और अभिलेखों (Records) की विस्तृत जाँच की जा रही है।
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ट्रांसपोर्टरों पर भी कार्यवाही: ईडी की टीम ने सिर्फ कंपनी के संचालकों पर ही नहीं, बल्कि इंद्रराज भदौरिया और सुधीर चौटाला के ठिकानों पर भी तलाशी अभियान तेज कर दिया है। मनोज अग्रवाल न केवल डेको के संचालक हैं, बल्कि वे कोयला परिवहन के कार्य से भी जुड़े हुए हैं।
21 नवंबर की छापेमारी से जुड़े हैं तार
यह कार्यवाही अचानक नहीं हुई है। यह 21 नवंबर को हुई बड़ी छापेमारी की एक कड़ी है, जब ईडी ने कोयला कारोबारी दीपक पोद्दार सहित कई अन्य कारोबारियों के घर और कार्यालय पर छापेमारी की थी।
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अहम खुलासे: उस दौरान ईडी को कई करोड़ रुपये, महत्वपूर्ण दस्तावेज और चल-अचल संपत्तियों के अहम सबूत मिले थे। जाँच के दौरान एजेंसी को पता चला कि अवैध कोयला कारोबार के इस विशाल नेटवर्क में इंद्रराज भदौरिया, सुधीर चौटाला और मनोज अग्रवाल की भी अहम भूमिका है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इंद्रराज भदौरिया झारखंड और पश्चिम बंगाल के सबसे बड़े कोयला ट्रांसपोर्टरों में से एक माने जाते हैं, जिनका पूरे देश की बिजली कंपनियों तक कोयला सप्लाई करने का नेटवर्क है।
अवैध धन और संपत्ति का एंगल
प्रवर्तन निदेशालय (ED) अवैध वित्तीय लेन-देन और संपत्ति अर्जन के मामले की जाँच कर रहा है। अधिकारियों ने संभावित धन शोधन नेटवर्क, शेल कंपनियों और बाहरी राज्यों में संपत्ति निवेश के पहलुओं को खंगालना शुरू किया है। टीम ने डिजिटल अभिलेखों, बैंकिंग लेनदेन और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों को भी जब्त किया है।
जाँच जारी है और अधिकारियों को उम्मीद है कि इससे कई अहम खुलासे होंगे।
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