Chaibasa Seizure : कोटगढ़ में बिना चालान गिट्टी लदा 10 चक्का हाइबा जब्त, माइनिंग इंस्पेक्टर की रेड से नोवामुंडी में मचा हड़कंप!

पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा कोटगढ़ में जिला खनन कार्यालय की बड़ी ऑन-फील्ड कार्रवाई के दौरान बिना वैध चालान के पत्थर परिवहन कर रहे 10 चक्का हाइबा वाहन को जब्त कर नोवामुंडी थाना को सुपुर्द करने की विस्तृत लाइव ग्राउंड रिपोर्ट यहाँ देखें।

May 29, 2026 - 18:08
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Chaibasa Seizure : कोटगढ़ में बिना चालान गिट्टी लदा 10 चक्का हाइबा जब्त, माइनिंग इंस्पेक्टर की रेड से नोवामुंडी में मचा हड़कंप!
Chaibasa Seizure : कोटगढ़ में बिना चालान गिट्टी लदा 10 चक्का हाइबा जब्त, माइनिंग इंस्पेक्टर की रेड से नोवामुंडी में मचा हड़कंप!

चाईबासा/नोवामुंडी, 29 मई 2026 – झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (Chaibasa) जिले के अंतर्गत आने वाले नोवामुंडी-कोटगढ़ मुख्य मार्ग कॉरिडोर से अवैध खनन और राजस्व चोरी के खिलाफ जिला खनन कार्यालय (DMO) की अब तक की सबसे बड़ी और प्रभावी विधिक कार्रवाई सामने आई है। यहाँ खान निरीक्षक (Mining Inspector) निखिल दास के कुशल ऑन-फील्ड नेतृत्व में माइनिंग सर्विलांस टीम ने कोटगढ़ जंक्शन के पास औचक विधिक नाकेबंदी करते हुए अवैध रूप से पत्थर (गिट्टी) का परिवहन कर रहे एक विशालकाय 10 चक्का हाइबा वाहन को रंगेहाथ दबोच लिया। विधिक जांच के दौरान वाहन के भीतर लगभग 676 सीएफटी (CFT) हाई-ग्रेड स्टोन मिनरल लदा हुआ पाया गया, जिसका संचालन बिना किसी वैध परिवहन चालान (Mining Transit Challan) के किया जा रहा था। माइनिंग विभाग ने त्वरित विधिक कार्रवाई करते हुए उक्त भारी वाहन को जब्त कर नोवामुंडी थाना को सुपुर्द कर दिया है और वाहन मालिक व चालक के खिलाफ खान एवं खनिज अधिनियम के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की विधिक प्रक्रिया शुरू कर दी है।

सीजर की लाइव इनसाइड स्टोरी: कोटगढ़ मोड़ की घेराबंदी, ओडिशा नंबर का खेल और 676 सीएफटी का सच

पश्चिमी सिंहभूम जिला खनन नियंत्रण कक्ष, नोवामुंडी थाना गश्ती विंग और कोल्हान खनिज इंटेलिजेंस सेल के आंतरिक विधिक सूत्रों से मिली लाइव ऑन-फील्ड इनपुट के अनुसार, यह सीजर माइनिंग माफियाओं के अंतरराज्यीय रूट्स का एक बड़ा पर्दाफाश है।

  • ओडिशा नंबर प्लेट का डार्क पैटर्न: कोटगढ़ के पास चेकिंग के दौरान खान निरीक्षक निखिल दास ने एक संदिग्ध अशोक लेलैंड 10 चक्का हाइबा को रुकने का इशारा किया। वाहन का नंबर OD23C 6724 (ओडिशा पंजीकृत) था, जिसका उपयोग विधिक रूप से झारखंड की खनिज सीमाओं के भीतर डार्क ऑपरेशंस के लिए किया जा रहा था।

  • चालान मांगने पर उड़े होश: जब माइनिंग टीम ने चालक से खनिज परिवहन से संबंधित वैध विधिक दस्तावेज और ऑनलाइन ई-चालान की प्रति मांगी, तो चालक पूरी तरह सकपका गया। गाड़ी में लदे 676 सीएफटी पत्थर के अवैध उत्खनन और परिवहन का भंडाफोड़ होते ही चालक ने भागने की कोशिश की, लेकिन ऑन-फील्ड जवानों ने उसे विधिक रूप से घेर लिया।

  • नोवामुंडी थाने में सुपुर्दगी: कागजी विधिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद भारी हाइबा को नोवामुंडी थाना परिसर में विधिक कस्टडी में खड़ा कराया गया है। जिला खनन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि सरकारी राजस्व को डार्क चूना लगाने वाले इस सिंडिकेट के असली आकाओं (वाहन मालिक) की विधिक पहचान की जा रही है।

सीमावर्ती माइनिंग चेकपोस्टों पर वजन कंडा सर्विलांस और डिजिटल परमिट ट्रैकिंग समय की मांग

खान निरीक्षक निखिल दास और नोवामुंडी थाना पुलिस की विधिक टीम ने जिस मुस्तैदी और निडरता से ऑन-फील्ड औचक निरीक्षण कर ओडिशा नंबर के इस शातिर हाइबा को दबोचा, वह क्षेत्र में कानून के विधिक क्रियान्वयन की दिशा में एक बहुत बड़ा माइलस्टोन है। खनन विभाग अब जिला पुलिस के सहयोग से वाहन मालिक के वित्तीय और विधिक रिकॉर्ड्स खंगाल रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह अवैध पत्थर किस क्रशर यूनिट से लोड किया गया था। लेकिन केवल एक हाइबा को जब्त करना इस गहरे डार्क माइनिंग माफिया नेटवर्क का स्थायी समाधान नहीं है। 2026 के इस आधुनिक और सैटेलाइट सर्विलांस के युग में झारखंड खान एवं भूतत्व विभाग और चाईबासा जिला प्रशासन को तुरंत संयुक्त संज्ञान लेते हुए पूरे नोवामुंडी, कोटगढ़ और जगन्नाथपुर सीमावर्ती अंचलों में 'इंटीग्रेटेड आरएफआईडी (RFID) माइनिंग गेट्स' और 'ऑटोमैटिक वेट-ब्रिज सर्विलांस' का विधिक जाल बिछाना होगा। इसके साथ ही, आम जनता की सूचनाओं के लिए एक विधिक सीक्रेट हेल्पलाइन विंग भी बनानी होगी। जब तक इन अवैध क्रशर किंगपिन और बिना चालान गाड़ियां दौड़ाने वाले ब्लैक सिंडिकेट की विधिक घेराबंदी नहीं की जाती, तब तक चाईबासा के इस ऐतिहासिक, प्राकृतिक और खनिज संपदा से भरपूर प्रतिष्ठित अंचल को राजस्व चोरी के इस डार्क इतिहास से पूरी तरह मुक्त नहीं कराया जा सकेगा।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।