Chaibasa Theft: पुलिसकर्मी के घर चोरी की बड़ी वारदात, 17,000 नकद और सोना लेकर फरार हुए चोर
चाईबासा आनंदपुर में सहायक पुलिस के घर भीषण चोरी। 20 दिन से बंद घर को बनाया निशाना। 17 हजार नकद सहित सोने-चांदी के लाखों के आभूषण चोरी। पुलिस ने जाँच शुरू की, जानिए इस घटना से क्यों फैल गई है दहशत।
चाईबासा, 11 दिसंबर 2025 – पश्चिमी सिंहभूम जिले के आनंदपुर थाना क्षेत्र में अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हैं, इसका खुलासा एक बड़ी चोरी की घटना से हुआ है। यहाँ अज्ञात चोरों ने किसी और के नहीं, बल्कि एक सहायक पुलिसकर्मी, प्रमिला ओड़ा, के बंद घर को निशाना बनाया। चोर 17,000 रुपये नकद सहित लाखों रुपये के सोने और चांदी के आभूषण चोरी कर फरार हो गए।
पुलिसकर्मी के बंद घर पर क्यों थी चोरों की नज़र
प्रमिला ओड़ा पिछले 20 दिनों से अपनी माँ के साथ चाईबासा में कर्तव्य (Duty) पर तैनात थीं और बुधवार को ही अपने घर वापस आई थीं। घर पहुँचने पर उन्होंने जो देखा, उससे उनके होश उड़ गए। घर के ताले टूटे हुए थे और सारा सामान बिखरा पड़ा था।
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चोरों का फायदा: प्रमिला ओड़ा ने बताया कि लगभग 20 से 30 दिनों से घर में कोई नहीं था, जिसका फायदा चोरों ने उठाया और आराम से इस वारदात को अंजाम दिया। यह घटना न सिर्फ एक पुलिसकर्मी के लिए, बल्कि पूरे इलाके के लिए एक गंभीर सुरक्षा चुनौती है।
क्या-क्या हुआ चोरी सामानों की सूची
चोरों ने बड़े ही साफ तरीके से घर में रखी कीमती चीजों को निकाला। चोरी हुए सामानों की सूची काफी लंबी है, जिसमें पारिवारिक विरासत के आभूषण भी शामिल हैं।
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नकद और आभूषण: 17,000 रुपये की नकद राशि, सोने का मंगलसूत्र, तीन जोड़े चांदी के पायल, एक जोड़ा सोने की बाली, सोने का चार टुकड़ों वाला लॉकेट, चांदी का दो जोड़ा कड़ा और कांसा के बर्तन भी चोरी हुए हैं।
इलाके में दहशत और पुलिस की जाँच
इस घटना से आनंदपुर इलाके में बड़ी दहशत फैल गई है। जब पुलिसकर्मी का घर भी सुरक्षित नहीं है, तो आम लोगों का क्या होगा, यह सवाल लोगों के मन में उठ रहा है। लोग अपने घरों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
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जाँच शुरू: आनंदपुर थाना पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर लिया है और जाँच पड़ताल शुरू कर दी गई है। पुलिस ने सहायक पुलिसकर्मी प्रमिला ओड़ा को आश्वासन दिया है कि जल्द ही चोरों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और चोरी की गई सामग्री बरामद की जाएगी।
यह घटना अपराधियों के साहस को दर्शाती है और स्थानीय पुलिस की गश्त (Patrolling) एवं सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करती है। पुलिस की तेज कार्यवाही का इंतजार है ताकि इलाके के लोगों का भरोसा बहाल हो सके।
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