Bistupur Encounter: बिष्टुपुर मुठभेड़ के घायल आरोपी पहुंचे जेल, पुलिस की कार्बाइन छीनकर चलाई थी गोलियां, कैरव अपहरणकांड के मास्टरमाइंड का हुआ अंत

जमशेदपुर के चर्चित कैरव अपहरणकांड में पुलिस मुठभेड़ के दौरान घायल हुए तीनों खूंखार आरोपियों की जेल रवानगी की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है। पुलिस की कार्बाइन छीनकर फायरिंग करने और बिहार के गया-नवादा तक फैले इस सिंडिकेट का पूरा विवरण विस्तार से पढ़िए वरना आप इस सनसनीखेज केस की अंतिम कड़ी से चूक जाएंगे।

Feb 4, 2026 - 13:33
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Bistupur Encounter: बिष्टुपुर मुठभेड़ के घायल आरोपी पहुंचे जेल, पुलिस की कार्बाइन छीनकर चलाई थी गोलियां, कैरव अपहरणकांड के मास्टरमाइंड का हुआ अंत
Bistupur Encounter: बिष्टुपुर मुठभेड़ के घायल आरोपी पहुंचे जेल, पुलिस की कार्बाइन छीनकर चलाई थी गोलियां, कैरव अपहरणकांड के मास्टरमाइंड का हुआ अंत

जमशेदपुर, 4 फरवरी 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर को हिला देने वाले कैरव अपहरणकांड के मुख्य आरोपियों का ठिकाना अब सलाखों के पीछे हो गया है। बिष्टुपुर थाना क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगने से घायल हुए तीनों बदमाशों—गुड्डू सिंह, मो. इमरान आलम उर्फ आमिर और रमीज राजा—को मंगलवार को एमजीएम अस्पताल से छुट्टी मिलते ही न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पिछले पांच दिनों से कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच अस्पताल में इनका इलाज चल रहा था। इस हाई-प्रोफाइल मामले ने न केवल जमशेदपुर बल्कि बिहार के अपराधी गलियारों में भी खलबली मचा दी है, क्योंकि इसके तार सीधे नालंदा, गया और नवादा से जुड़े हैं।

साईं मंदिर के पास 'आधी रात' का वो एनकाउंटर

पुलिस के अनुसार, यह मुठभेड़ 29 जनवरी की रात करीब 2.15 बजे हुई थी, जो किसी फिल्मी सीन से कम नहीं थी।

  • हथियार बरामदगी का जाल: बिष्टुपुर के साईं मंदिर के समीप नाले के किनारे पुलिस टीम इन तीनों आरोपियों को हथियार बरामद करने के लिए लेकर पहुँची थी।

  • दुस्साहसिक हमला: जैसे ही हथियार सामने आए, आरोपी मो. इमरान आलम ने पुलिस जवान हरिपद महतो की कार्बाइन छीन ली और पुलिस दल पर ताबड़तोड़ 6 राउंड फायरिंग कर दी।

  • जवाबी कार्रवाई: पुलिस ने आत्मरक्षा में 5 राउंड फायर किए। पुलिस की गोलियां तीनों आरोपियों के पैरों में लगीं, जिससे वे मौके पर ही ढेर हो गए और पुलिस ने उन्हें दोबारा काबू में कर लिया।

बिहार तक फैला है 'अपहरण का सिंडिकेट'

इस केस की तहें जितनी खुल रही हैं, उतना ही बड़ा नेटवर्क सामने आ रहा है।

  1. गिरफ्तारियां: 28 जनवरी को ही पुलिस ने बिहार के गया और नवादा से छह बदमाशों को दबोच लिया था।

  2. छत से छलांग: गिरोह का एक और सदस्य उपेंद्र सिंह, गया में गिरफ्तारी के डर से छत से कूद गया था, जिससे वह गंभीर रूप से घायल है।

  3. अन्य मददगार: 30 जनवरी को मोहन प्रसाद और अर्जुन सिंह को भी जेल भेजा जा चुका है। पुलिस अब उन 'भेदियों' की तलाश कर रही है जिन्होंने जमशेदपुर में रहकर कैरव की पल-पल की जानकारी बिहार के इस गिरोह को दी थी।

कैरव अपहरणकांड: मुठभेड़ और कार्रवाई की रिपोर्ट (Case Tracker)

विवरण प्रमुख जानकारी (Key Facts)
मुख्य आरोपी (मुठभेड़ वाले) गुड्डू सिंह, मो. इमरान आलम, रमीज राजा
मुठभेड़ का स्थान साईं मंदिर के पास नाला, बिष्टुपुर
पुलिस की फायरिंग 05 राउंड (जवाबी कार्रवाई)
आरोपियों की फायरिंग 06 राउंड (कार्बाइन छीनकर)
वर्तमान स्थिति एमजीएम अस्पताल से फिट होकर जेल भेजे गए

पुलिस की अगली चाल: 'मास्टरमाइंड' की तलाश जारी

जमशेदपुर पुलिस अब बिहार के विभिन्न जिलों में लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस गिरोह के कुछ और स्लीपर सेल शहर में मौजूद हो सकते हैं। पुलिस अब उस स्थानीय नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुटी है जिसने इस पूरे अपहरण की रेकी (Recce) की थी।

प्राइवेसी और सुरक्षा पर कड़ी नजर

कैरव अपहरणकांड के इन तीनों शार्प शूटरों का जेल जाना पुलिस की बड़ी जीत है। हालांकि, घायल अपराधियों का अस्पताल से कोर्ट और फिर जेल तक का सफर शहर में चर्चा का विषय बना रहा।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।