Bhilai Shock: भिलाई में शोक की लहर! कांग्रेस नेता मोहनलाल गुप्ता का अचानक निधन, चाय की चुस्की के दौरान गिरी जान
भिलाई के वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोहनलाल गुप्ता का दिल का दौरा पड़ने से निधन! चाय पीते वक्त अचानक गिरे, जानिए पूरी कहानी और उनके राजनीतिक सफर की झलक।

छत्तीसगढ़ के दुर्ग-भिलाई में आज सुबह एक दर्दनाक घटना घटी, जिसने पूरे क्षेत्र को शोक में डूबो दिया। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और भिलाई नागरिक सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष मोहनलाल गुप्ता का आज सुबह अचानक दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि वे मॉर्निंग वॉक से लौटकर चाय की चुस्की ले रहे थे, तभी अचानक गिर पड़े और वहीं उनकी जान चली गई।
कैसे हुआ यह दुखद हादसा?
हर दिन की तरह सुबह 6:50 बजे, 81 वर्षीय मोहनलाल गुप्ता अपने रोजाना के मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। सुबह की ताजगी में टहलने के बाद वे पास की एक चाय दुकान पर रुके। जैसे ही उन्होंने चाय पीनी शुरू की, अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे वहीं गिर पड़े!
आसपास के लोग तुरंत उन्हें अस्पताल लेकर गए, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनका इस तरह अचानक चला जाना पूरे शहर के लिए एक गहरा झटका बन गया।
कौन थे मोहनलाल गुप्ता? क्यों थे खास?
मोहनलाल गुप्ता का नाम कांग्रेस पार्टी के मजबूत स्तंभों में गिना जाता था। वे सिर्फ एक राजनीतिक नेता ही नहीं, बल्कि समाजसेवी भी थे। दुर्ग जिले के कद्दावर नेता मोतीलाल वोरा, चंदूलाल चंद्राकर और वासुदेव चंद्राकर के बेहद करीबी माने जाते थे।
वे भिलाई नागरिक सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके थे।
कांग्रेस संगठन में उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया।
पार्टी के हर छोटे-बड़े कार्यक्रम में उनकी अहम भूमिका होती थी।
समाजसेवा में भी उनका योगदान यादगार रहा है।
अंतिम यात्रा और श्रद्धांजलि
मोहनलाल गुप्ता की अंतिम यात्रा 26 फरवरी को दोपहर 2 बजे उनके निवास रामनगर, इंदिरा गांधी स्कूल के पास से निकलेगी।
अंतिम संस्कार रामनगर मुक्ति धाम में किया जाएगा।
उनके निधन पर दुर्ग-भिलाई के तमाम राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने गहरा शोक व्यक्त किया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मोहनलाल गुप्ता अपने पीछे एक भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
उनके चार बेटियां और दो बेटे हैं।
वे मनोज गुप्ता और नितिन गुप्ता के पिता थे।
शपथ फाउंडेशन के संस्थापक अशोक गुप्ता के चाचा थे।
उनका परिवार आज भी सामाजिक कार्यों में सक्रिय है।
राजनीति में उनका योगदान हमेशा याद रहेगा!
छत्तीसगढ़ की राजनीति में मोहनलाल गुप्ता का सफर प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने कांग्रेस संगठन को मजबूत बनाने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। आज वे हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
क्या इस तरह अचानक जाने से एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक खालीपन नहीं आया?
उनकी यादों को साझा करने के लिए कमेंट बॉक्स में श्रद्धांजलि दें!
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