Rourkela Arrest: आरपीएफ कांस्टेबल रंगे हाथ धराया! बंडामुंडा में कूड़ा चुनने वाली महिला से ₹15,000 की मासिक घूस लेते सीबीआई ने किया गिरफ्तार, केमिकल लगे नोट बरामद
दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर रेल मंडल के बंडामुंडा आरपीएफ पोस्ट के कांस्टेबल मोहम्मद असरार को सीबीआई ने ₹15,000 रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। असरार पर कूड़ा चुनने वाली एक गरीब महिला से मासिक रिश्वत वसूली का आरोप है। बंडामुंडा सेक्शन में सीबीआई की यह तीसरी कार्रवाई है।
दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर रेल मंडल के बंडामुंडा सेक्शन में भ्रष्टाचार ने एक बार फिर खाकी को शर्मसार कर दिया है। शुक्रवार को केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) ने बंडामुंडा आरपीएफ पोस्ट के कांस्टेबल मोहम्मद असरार को ₹15,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह मामला केवल भ्रष्टाचार का नहीं है, बल्कि यह दिखाता है कि किस तरह सरकारी अधिकारी सबसे कमजोर और गरीब तबके के लोगों का शोषण करने से भी नहीं चूकते।
भारतीय रेलवे, जो देश की जीवन रेखा मानी जाती है, एक लंबा इतिहास रखती है, लेकिन इसके कुछ कर्मियों के कारण भ्रष्टाचार के मामले इसकी छवि को धूमिल करते रहे हैं। यह घूसखोरी का मामला इसलिए और भी अधिक चौंकाने वाला है क्योंकि पीड़िता एक कूड़ा चुनने वाली महिला है, जिसकी मासिक कमाई शायद असरार की रिश्वत की मांग के सामने बहुत कम होगी।
कूड़ा चुनने वाली महिला से मासिक वसूली
मोहम्मद असरार पर आरोप है कि वह बंडामुंडा रेलवे कॉलोनी में कूड़ा चुनने वाली एक महिला से प्रतिमाह ₹15,000 की रिश्वत की मांग कर रहा था। यह एक अविश्वसनीय राशि है, खासकर ऐसे व्यक्ति के लिए जो अपनी जीविका चलाने के लिए कूड़ा चुनता है।
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सीबीआई का जाल: पीड़ित महिला की शिकायत पर सीबीआई ने पूरा जाल बिछाया। शुक्रवार को जैसे ही कांस्टेबल मोहम्मद असरार राउरकेला के बिसरा चौक के पास रिश्वत की रकम ले रहा था, सीबीआई ने उसे मौके पर ही दबोच लिया।
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केमिकल लगे नोट: सीबीआई ने मोहम्मद असरार के पास से रिश्वत के ₹15,000 के केमिकल लगे नोट बरामद किए, जो उसके जुर्म को साबित करने के लिए ठोस सबूत हैं।
बंडामुंडा सेक्शन में तीसरी बड़ी कार्रवाई
मोहम्मद असरार को गिरफ्तार करके सीबीआई उसे राउरकेला स्थित कार्यालय ले गई है, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस रिश्वत वसूली में कोई अन्य रेलकर्मी या आरपीएफ अधिकारी भी शामिल है या नहीं।
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भ्रष्टाचार की जड़ें: सीबीआई की यह कार्रवाई बंडामुंडा-राउरकेला सेक्शन में रेलवे से जुड़े भ्रष्टाचार की गहरी जड़ों को दर्शाती है। पिछले कुछ ही महीनों में यह तीसरी बार है, जब सीबीआई ने इसी सेक्शन में किसी रेलकर्मी या आरपीएफ को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
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गंभीर सवाल: लगातार हो रही ये गिरफ्तारियां दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर रेल मंडल के अंदरूनी प्रशासन और सतर्कता तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
मोहम्मद असरार जैसे अधिकारियों का एक गरीब और कमजोर महिला का शोषण करना, पूरे सरकारी तंत्र के लिए एक शर्मनाक घटना है। सीबीआई की इस साहसिक कार्रवाई से निश्चित रूप से भ्रष्टाचार के खिलाफ एक कड़ा संदेश गया है।
आपकी राय में, रेलवे में भ्रष्टाचार को रोकने और यह सुनिश्चित करने के लिए कि अधिकारी सबसे कमजोर लोगों का शोषण न करें, आरपीएफ और रेलवे प्रशासन को कौन से दो बड़े सुधार करने चाहिए?
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