Banaras Honor: 20 साल की काजल कुमारी को मिला 'काशी कहानीकार साहित्य सम्मान', बनाई हैं 12 किताबें 

सिर्फ 20 साल की उम्र में 9 किताबें और 3 उपन्यास लिखने वालीं बिहार की बेटी काजल कुमारी कौन हैं? बनारस में 10 हस्तियों के बीच उन्हें क्यों मिला विशेष 'काशी कहानीकार साहित्य सम्मान'? जानें उनकी अद्भुत प्रतिभा का राज!

Dec 1, 2025 - 19:17
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Banaras Honor: 20 साल की काजल कुमारी को मिला 'काशी कहानीकार साहित्य सम्मान', बनाई हैं 12 किताबें 
Banaras Honor: 20 साल की काजल कुमारी को मिला 'काशी कहानीकार साहित्य सम्मान', बनाई हैं 12 किताबें 

बनारस, 1 दिसंबर 2025 – भारत की साहित्य जगत में एक अद्भुत प्रतिभा ने अपनी चमक बिखेरी है। बिहार की शान और पूरे देश की सबसे कम उम्र की साहित्यकार काजल कुमारी जी को बनारस में 'काशी कहानीकार साहित्य सम्मान' से नवाजा गया। यह सम्मान उनकी विलक्षण लेखन क्षमता और ज्ञान को देखते हुए दिया गया, जो उनकी कम उम्र में देखने को मिलता है।

यह सम्मान समारोह 30 नवंबर 2025 को सुधाकर महिला महाविद्यालय के खुजरी पांडेयपुर स्थित सभागार में आयोजित किया गया था, जहां पूरे भारत से 10 चुनिंदा महानुभावों को उनकी विशेष उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया।

20 की उम्र में 12 रचनाएं: अभूतपूर्व प्रतिभा

काजल कुमारी जी ने जो उपलब्धि हासिल की है, वह वास्तव में अभूतपूर्व है। वह सिर्फ 20 वर्ष की आयु में 9 पुस्तकों और 3 उपन्यासों की रचना कर चुकी हैं। इतनी कम उम्र में इतनी बड़ी संख्या में साहित्यिक रचनाएं तैयार करना उन्हें पूरे देश की सबसे कम उम्र की लेखिका का दर्जा दिलाता है।

  • आयोजन की संस्थापिका आदरणीया सुनीता जौहरी जी ने काजल कुमारी की विशेष सराहना की। उन्होंने बताया कि इस आयोजन में पूरे भारत से कई साहित्यकार आए हैं, लेकिन काजल की बात ही निराली है, क्योंकि वह अपने शब्दों में सच्चाई को दर्शाती हैं।

  • अलौकिक ज्ञान: सुनीता जौहरी जी ने कहा कि इतने कम उम्र में इतना अनुभव और ऐसा अलौकिक ज्ञान काजल में है कि उनकी जितनी तारीफ की जाए कम है।

योग्यता का राज: माता-पिता और सरस्वती का आशीर्वाद

सम्मानित होने के बाद जब काजल जी से उनकी इस असाधारण योग्यता का राज पूछा गया, तो उन्होंने विनम्रता के साथ इसका श्रेय अपने माता-पिता और मां सरस्वती के आशीर्वाद को दिया। उन्होंने बताया कि उनका समर्थन ही उनकी लेखन यात्रा की सबसे बड़ी प्रेरणा है।

कार्यक्रम में कई महान विभूतियों सहित प्रधानअध्यापिका भी शामिल थीं। इस सम्मान से यह सिद्ध होता है कि बिहार की बेटियां सिर्फ देश में ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में भारत का नाम उज्ज्वल करने की क्षमता रखती हैं।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।