Bahragora Tragedy : बहरागोड़ा NH-49 पर काल बनकर आया अज्ञात वाहन, दूध देने जा रहे युगल माईती की दर्दनाक मौत
बहरागोड़ा के एनएच-49 पर भीषण सड़क हादसा हुआ है। खंडामौदा चौक के पास सड़क पार कर रहे बुजुर्ग युगल माईती को एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने बेरहमी से कुचल दिया। अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस रूह कंपा देने वाली घटना और एनएच के खूनी इतिहास की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
बहरागोड़ा/पूर्वी सिंहभूम, 16 मार्च 2026 – झारखंड के बहरागोड़ा क्षेत्र में गुजरने वाला एनएच-49 (NH-49) एक बार फिर खून से लाल हो गया है। सोमवार की सुबह जब पूरा इलाका अपनी दैनिक दिनचर्या में जुटा था, तभी खंडामौदा चौक के समीप एक अज्ञात वाहन ने 70 वर्षीय बुजुर्ग को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे का शिकार हुए गामारिया पंचायत के मालहुआ (राजबांध) निवासी युगल माईती रोज की तरह मेहनत-मजदूरी और दूध का व्यवसाय करने निकले थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि आज का सफर उनका आखिरी सफर होगा। इस 'हिट एंड रन' की वारदात ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और भारी वाहनों की अनियंत्रित रफ्तार पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं।
साइकिल खड़ी कर बढ़ाया कदम और आ गई मौत
हादसे का मंजर इतना हृदयविदारक था कि प्रत्यक्षदर्शियों की रूह कांप गई।
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नित्यकर्म की राह: युगल माईती अपनी साइकिल पर दूध के डब्बे लादे घर से निकले थे। खंडामौदा चौक पहुँचने पर उन्होंने अपनी साइकिल सड़क किनारे सुरक्षित खड़ी की।
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अचानक हुई भिड़ंत: वे पैदल ही एनएच पार कर रहे थे, तभी बहरागोड़ा से कोलकाता की ओर उड़ान भर रहे एक अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि युगल हवा में उछलकर सड़क से कई फीट दूर जा गिरे।
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अस्पताल में संघर्ष: स्थानीय ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए एनएच एम्बुलेंस को फोन किया और उन्हें सीएचसी बहरागोड़ा ले जाया गया। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन शरीर के अंदरूनी हिस्सों में लगी गहरी चोटों के कारण उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
पुलिस की कार्रवाई: सीसीटीवी और चश्मदीदों की तलाश
बहरागोड़ा थाना पुलिस ने सूचना मिलते ही घटनास्थल का मुआयना किया और कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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पोस्टमार्टम: पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर कागजी कार्रवाई पूरी की और उसे पोस्टमार्टम के लिए अनुमंडल अस्पताल, घाटशिला भेज दिया है।
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फरार वाहन की खोज: पुलिस ने अज्ञात वाहन के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस अब हाईवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों और आसपास के ढाबों पर खड़े लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि उस कातिल वाहन का सुराग लगाया जा सके जो घटना के बाद कोलकाता की ओर फरार हो गया।
एनएच-49 और 'खूनी खंडामौदा' की डरावनी दास्तां
बहरागोड़ा क्षेत्र से गुजरने वाला एनएच-49 ऐतिहासिक रूप से झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल को जोड़ने वाली सबसे महत्वपूर्ण जीवनरेखा है।
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व्यापारिक गलियारा: पुराने समय में यह रूट 'बॉम्बे रोड' के नाम से जाना जाता था। इतिहास गवाह है कि इस मार्ग के चौड़ीकरण (फोर-लेन) के बाद से ही वाहनों की रफ्तार में तीन गुना इजाफा हुआ है।
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ब्लैक स्पॉट का सच: खंडामौदा चौक का इलाका पिछले एक दशक में एक बड़े 'ब्लैक स्पॉट' के रूप में उभरा है। यहाँ के स्थानीय लोगों का इतिहास गवाह है कि हर साल यहाँ दर्जनों लोग सड़क पार करने के दौरान अपनी जान गंवाते हैं। युगल माईती की मौत ने उन पुराने जख्मों को फिर से हरा कर दिया है जब इसी चौक पर एक ही परिवार के दो लोगों की मौत हुई थी। प्रशासन ने यहाँ कई बार अंडरपास या ओवरब्रिज बनाने का वादा किया, लेकिन वह अब तक फाइलों में ही कैद है।
ग्रामीणों में आक्रोश: आखिर कब थमेगा हादसों का सिलसिला?
युगल माईती की मौत के बाद गामारिया पंचायत में शोक की लहर है। ग्रामीणों का कहना है कि युगल एक कर्मठ व्यक्ति थे और पूरे गांव में उनके व्यवहार की चर्चा रहती थी।
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सुरक्षा की मांग: ग्रामीणों ने मांग की है कि खंडामौदा चौक जैसे संवेदनशील इलाकों में 'स्पीड गवर्नर' और 'हाईवे पेट्रोलिंग' को और सख्त किया जाए।
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मुआवजे की गुहार: मृतक के परिजनों ने प्रशासन से उचित मुआवजे की मांग की है ताकि उनके बुढ़ापे का सहारा छीन जाने के बाद उन्हें आर्थिक तंगी का सामना न करना पड़े।
बहरागोड़ा की यह घटना हमें याद दिलाती है कि सड़कों पर बरती गई एक पल की भी लापरवाही या तेज रफ्तार किसी भी हंसते-खेलते परिवार को तबाह कर सकती है। युगल माईती की मौत केवल एक खबर नहीं, बल्कि उस सिस्टम के लिए चेतावनी है जो एनएच-49 पर होने वाले इन हादसों को रोकने में अब तक नाकाम रहा है। अब देखना यह है कि बहरागोड़ा पुलिस उस 'अज्ञात' वाहन के चालक को कब तक सलाखों के पीछे पहुँचा पाती है।
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