Bistupur Blaze : बिस्टुपुर मार्केट की 'भारत साइकिल' में लगी भीषण आग, धू-धू कर जल उठा कीमती सामान

जमशेदपुर के सबसे व्यस्त बिस्टुपुर बाजार में सोमवार को 'भारत साइकिल कंपनी' में भीषण आग लगने से लाखों का नुकसान हुआ है। शॉर्ट सर्किट की वजह से उठी लपटों ने पूरी दुकान को घेर लिया। टाटा स्टील की फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुँचकर बड़ी तबाही को टाला। घटना की पूरी रिपोर्ट और इतिहास यहाँ देखें।

Mar 16, 2026 - 13:24
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Bistupur Blaze :  बिस्टुपुर मार्केट की 'भारत साइकिल' में लगी भीषण आग, धू-धू कर जल उठा कीमती सामान
Bistupur Blaze : बिस्टुपुर मार्केट की 'भारत साइकिल' में लगी भीषण आग, धू-धू कर जल उठा कीमती सामान

जमशेदपुर/बिस्टुपुर, 16 मार्च 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर के दिल कहे जाने वाले बिस्टुपुर बाजार में सोमवार की दोपहर उस समय चीख-पुकार मच गई, जब प्रसिद्ध 'भारत साइकिल कंपनी' नामक दुकान से काले धुएं का गुबार उठने लगा। देखते ही देखते आग की लपटों ने पूरी दुकान को अपनी चपेट में ले लिया। यह हादसा इतना अचानक हुआ कि बाजार में खरीदारी कर रहे लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। गनीमत यह रही कि समय रहते टाटा स्टील की फायर ब्रिगेड मौके पर पहुँच गई, वरना घनी आबादी और सटकर बनी दुकानों के कारण यह आग पूरे मार्केट को राख कर सकती थी।

शॉर्ट सर्किट ने मचाई तबाही: धू-धू कर जलीं साइकिलें

घटना दोपहर के वक्त की है जब बाजार अपनी पूरी रफ़्तार में था। चश्मदीदों के अनुसार, दुकान के भीतर से अचानक जलने की गंध आई और फिर बिजली के बोर्ड से चिंगारियां निकलने लगीं।

  • आग का प्रसार: शॉर्ट सर्किट के कारण लगी आग ने दुकान में रखे टायर, ट्यूब और प्लास्टिक के सामान को तुरंत पकड़ लिया। कुछ ही मिनटों में पूरी दुकान धुएं के गुबार में तब्दील हो गई।

  • टाटा स्टील की मुस्तैदी: घटना की सूचना मिलते ही टाटा स्टील फायर ब्रिगेड की तीन दमकल गाड़ियां सायरन बजाती हुई मौके पर पहुँचीं। दमकल कर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर दुकान का शटर खोला और आग पर पानी की बौछारें शुरू कीं।

  • लाखों का नुकसान: शुरुआती आकलन के अनुसार, दुकान में रखी नई साइकिलें और कीमती स्पेयर पार्ट्स जलकर खाक हो गए हैं। नुकसान का आंकड़ा लाखों में बताया जा रहा है।

बचाव कार्य: जब थम गई बाजार की धड़कन

बिस्टुपुर थाना पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए दुकान के आसपास के रास्ते को खाली कराया।

  1. त्वरित कार्रवाई: दमकल कर्मियों ने करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग को पूरी तरह बुझाया और इसे बगल की दुकानों में फैलने से रोका।

  2. सुरक्षा जांच: आग बुझने के बाद भी कूलिंग ऑपरेशन जारी रहा ताकि मलबे के भीतर छिपी कोई चिंगारी दोबारा आग न भड़का दे।

  3. अफरा-तफरी: बाजार क्षेत्र में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई थी, जिसे पुलिस ने धैर्यपूर्वक संभाला और स्थिति को सामान्य किया।

बिस्टुपुर मार्केट और 'भारत साइकिल' का पुराना नाता

बिस्टुपुर बाजार जमशेदपुर का सबसे पुराना और ऐतिहासिक व्यापारिक केंद्र है।

  • टाटा स्टील का योगदान: जेएन टाटा के सपनों के शहर में बिस्टुपुर को मुख्य कमर्शियल हब के रूप में विकसित किया गया था। यहाँ की कई दुकानें 50 से 70 साल पुरानी हैं, जो शहर के विकास की गवाह रही हैं।

  • साइकिल संस्कृति का गवाह: 'भारत साइकिल कंपनी' जैसी दुकानें उस दौर से शहर की सेवा कर रही हैं जब जमशेदपुर में साइकिल ही परिवहन का मुख्य साधन हुआ करती थी। ऐतिहासिक रूप से बिस्टुपुर की इन गलियों में आग लगने की घटनाएं पहले भी हुई हैं, जिसका मुख्य कारण पुरानी वायरिंग और संकरी गलियां रही हैं। 2000 के दशक की शुरुआत में भी बिस्टुपुर के एक क्लॉथ मार्केट में ऐसी ही आग लगी थी, जिसके बाद सुरक्षा मानकों को सख्त किया गया था। आज की घटना ने एक बार फिर याद दिलाया है कि ऐतिहासिक विरासत को बचाने के लिए आधुनिक 'फायर ऑडिट' कितनी जरूरी है।

नुकसान का आकलन और सुरक्षा चिंताएं

बिस्टुपुर पुलिस और दुकान मालिक फिलहाल नुकसान का सही ब्योरा जुटाने में लगे हैं।

  • कारणों की जांच: पुलिस यह सुनिश्चित कर रही है कि क्या यह केवल एक तकनीकी खराबी थी या सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी।

  • व्यापारियों की चिंता: जमशेदपुर चैंबर ऑफ कॉमर्स ने इस घटना पर दुख जताया है और मांग की है कि बाजार क्षेत्र में बिजली के जर्जर तारों को बदला जाए ताकि शॉर्ट सर्किट की घटनाओं पर लगाम लग सके।

बिस्टुपुर की यह आग एक बड़ी चेतावनी है। भले ही टाटा स्टील की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया, लेकिन लाखों की संपत्ति का स्वाहा होना छोटे व्यापारियों के लिए किसी त्रासदी से कम नहीं है। भारत साइकिल कंपनी का जलना शहर के एक पुराने व्यापारिक प्रतिष्ठान के लिए बड़ा झटका है। अब देखना यह है कि प्रशासन भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए बाजार के 'फायर सेफ्टी' सिस्टम को कितना पुख्ता करता है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।