Baharagora Brutality: नीम के पेड़ से बांधकर हेडमास्टर की बेरहमी से पिटाई, बहरागोड़ा में मानवता शर्मसार, पुलिस ने 5 नामजद आरोपियों को दबोचकर भेजा जेल

बहरागोड़ा के सियालबिंदा गांव में हाई स्कूल के प्रधानाध्यापक को बंधक बनाकर पेड़ से बांधने और जातिसूचक गालियां देने की खौफनाक वारदात की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए 5 आरोपियों और शिक्षा जगत में फैले भारी आक्रोश की इस कड़वी सच्चाई को विस्तार से पढ़िए वरना आप भी समाज के इस काले अध्याय को जानने से चूक जाएंगे।

Jan 24, 2026 - 17:36
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Baharagora Brutality: नीम के पेड़ से बांधकर हेडमास्टर की बेरहमी से पिटाई, बहरागोड़ा में मानवता शर्मसार, पुलिस ने 5 नामजद आरोपियों को दबोचकर भेजा जेल
Baharagora Brutality: नीम के पेड़ से बांधकर हेडमास्टर की बेरहमी से पिटाई, बहरागोड़ा में मानवता शर्मसार, पुलिस ने 5 नामजद आरोपियों को दबोचकर भेजा जेल

बहरागोड़ा, 24 जनवरी 2026 – झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा थाना क्षेत्र से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने न केवल शिक्षा के मंदिर को अपवित्र किया, बल्कि आधुनिक समाज में 'गुरु' के सम्मान को भी तार-तार कर दिया। सियालबिंदा गांव स्थित उच्च विद्यालय के प्रधानाध्यापक लखविंदर बेसरा को कुछ दबंगों ने न केवल बंधक बनाया, बल्कि उन्हें नीम के पेड़ से बांधकर बेरहमी से पीटा। इस अमानवीय कृत्य के दौरान उन पर जातिसूचक टिप्पणियां कर उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया। हालांकि, बहरागोड़ा पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए बिजली की गति से कार्रवाई की और 5 मुख्य आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है।

नीम का पेड़ और 'तालिबानी' सजा: स्कूल बना अखाड़ा

घटना शुक्रवार की है, जब विद्यालय परिसर में अचानक अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों और पुलिस सूत्रों के अनुसार:

  • बिना वजह हमला: प्रधानाध्यापक लखविंदर बेसरा अपने कार्यालय में कार्य कर रहे थे, तभी गांव के कुछ लोग जबरन स्कूल में दाखिल हुए।

  • पेड़ से बांधा: हमलावरों ने मानवता की सारी हदें पार करते हुए प्रधानाध्यापक को घसीटकर बाहर निकाला और स्कूल परिसर में ही लगे एक नीम के पेड़ से रस्सी के सहारे बांध दिया।

  • जातिसूचक अपमान: आरोप है कि मारपीट के साथ-साथ आरोपियों ने उनके खिलाफ अभद्र और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया, जिससे उनकी गरिमा को गहरी ठेस पहुँची है।

पुलिस की 'सर्जिकल स्ट्राइक': 5 आरोपी गिरफ्तार

घटना की सूचना मिलते ही बहरागोड़ा पुलिस ने बिना समय गंवाए गांव में दबिश दी। जांच के दौरान मौके पर मौजूद गवाहों और परिस्थितियों ने आरोपों की पुष्टि कर दी।

  1. नामजद अभियुक्त: पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मानिक बेरा (36 वर्ष), संजय बेरा (32 वर्ष), नंदलाल बेरा (23 वर्ष), विनोद बेरा (30 वर्ष) और नारायण बेरा (40 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया।

  2. न्यायिक हिरासत: सभी पांचों आरोपियों को शनिवार को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि समाज में ऐसी बर्बरता के लिए कोई जगह नहीं है।

बहरागोड़ा कांड: घटना का मुख्य विवरण (Crime Snapshot)

विवरण प्रमुख जानकारी (Key Details)
पीड़ित लखविंदर बेसरा (प्रधानाध्यापक, सियालबिंदा उच्च विद्यालय)
आरोप मारपीट, बंधक बनाना और जातिसूचक गाली-गलौज
गिरफ्तार आरोपी मानिक, संजय, नंदलाल, विनोद और नारायण बेरा
स्थान सियालबिंदा गांव, बहरागोड़ा थाना क्षेत्र
पुलिस कार्रवाई सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में जेल भेजे गए

इतिहास का पन्ना: बहरागोड़ा का 'शिक्षा और संस्कृति' का गौरवशाली अतीत

बहरागोड़ा क्षेत्र का इतिहास हमेशा से उच्च शिक्षा और सांस्कृतिक एकता का केंद्र रहा है। 1950 और 60 के दशक में जब झारखंड (तत्कालीन बिहार) के सुदूर ग्रामीण इलाकों में शिक्षा की ज्योति जलनी शुरू हुई, तब बहरागोड़ा और चाकुलिया जैसे क्षेत्रों ने कई महान विद्वान और शिक्षक पैदा किए। इतिहास गवाह है कि आदिवासियों और अन्य समुदायों के बीच यहाँ हमेशा समन्वय रहा है। 1990 के दशक तक यहाँ के 'गुरुओं' (शिक्षकों) को समाज में भगवान का दर्जा दिया जाता था। लेकिन 2026 में सियालबिंदा की यह घटना दर्शाती है कि कहीं न कहीं सामाजिक नैतिकताओं का पतन हुआ है। एक शिक्षक को पेड़ से बांधना उसी 'गुरु-शिष्य' परंपरा पर सीधा प्रहार है जिसने सदियों से बहरागोड़ा की पहचान बनाई थी।

शिक्षा जगत में उबाल: "गुरु सुरक्षित नहीं तो छात्र क्या सीखेंगे?"

इस घटना के बाद बहरागोड़ा समेत पूरे पूर्वी सिंहभूम के शिक्षकों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। शिक्षक संगठनों ने इस कृत्य की कड़ी निंदा की है और मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाकर कड़ी सजा दिलाई जाए।

  • दहशत का माहौल: स्कूल के छात्र इस घटना के बाद से डरे हुए हैं। अपने ही प्रधानाध्यापक को इस हाल में देखना उनके मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रहा है।

  • ग्रामीणों की मांग: हालांकि आरोपी उसी गांव के निवासी हैं, लेकिन गांव के प्रबुद्ध वर्ग ने पुलिसिया कार्रवाई का समर्थन किया है और दोषियों को समाज के लिए कलंक बताया है।

कानून का राज या दबंगई?

बहरागोड़ा पुलिस की त्वरित गिरफ्तारी ने जनता के बीच कानून के प्रति विश्वास को बहाल किया है। प्रधानाध्यापक लखविंदर बेसरा के साथ हुई यह ज्यादती केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि पूरी शिक्षा व्यवस्था के गाल पर तमाचा है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।