Tatanagar Operation: स्टेशन पर RPF-GRP का छापा, दो तस्करों से 15 किलो गांजा बरामद

टाटानगर रेलवे स्टेशन पर RPF और GRP की संयुक्त टीम ने 15 किलो गांजा बरामद किया, बिहार के दो तस्कर गिरफ्तार, ड्रग्स तस्करी नेटवर्क की जांच तेज।

Apr 25, 2026 - 15:08
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Tatanagar Operation: स्टेशन पर RPF-GRP का छापा, दो तस्करों से 15 किलो गांजा बरामद
Tatanagar Operation: स्टेशन पर RPF-GRP का छापा, दो तस्करों से 15 किलो गांजा बरामद

Tatanagar Big Haul: पूर्वी सिंहभूम के टाटानगर रेलवे स्टेशन पर नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कामयाबी मिली है। शुक्रवार देर रात RPF और GRP की संयुक्त टीम ने दो तस्करों को 15 किलो गांजा के साथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई ऑपरेशन नार्कोस के तहत की गई।

गुप्त सूचना पर हुई प्लानिंग, फिर नोकिया जैसा एक्शन

RPF और GRP को गुप्त सूचना मिली थी कि एक ट्रेन के जरिए गांजा की बड़ी खेप टाटानगर स्टेशन पहुंचने वाली है। सूचना के आधार पर टीम ने स्टेशन परिसर और प्लेटफॉर्म क्षेत्र में सघन जांच शुरू कर दी। तलाशी के दौरान दो संदिग्ध व्यक्ति पकड़े गए। संदिग्धों की तलाशी लेते ही पूरा मामला खुल गया।

जब्त गांजा की कीमत लाखों में

तलाशी के दौरान दोनों तस्करों के पास से करीब 15 किलो गांजा बरामद हुआ। इसकी अनुमानित कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है। पुलिस के अनुसार, तस्कर इस खेप को दूसरे राज्य भेजने की योजना बना रहे थे। गनीमत रही कि समय रहते सुरक्षा एजेंसियों को सूचना मिल गई और बड़ी तस्करी नाकाम हो गई।

तस्कर बिहार के नवादा के रहने वाले

गिरफ्तार तस्करों की पहचान हुई है:

  • उपेंद्र कुमार (38) – नवादा, बिहार के रजौली निवासी

  • विनोद साव (55) – नवादा, बिहार के रजौली निवासी

पूछताछ में दोनों ने गांजा तस्करी की बात स्वीकार कर ली है। अब पुलिस यह पता लगा रही है कि वे किस नेटवर्क से जुड़े थे और आगे यह खेप कहां सप्लाई होनी थी।

टाटानगर स्टेशन का इतिहास

टाटानगर रेलवे स्टेशन झारखंड के सबसे महत्वपूर्ण स्टेशनों में से एक है। इसकी स्थापना टाटा स्टील प्लांट की स्थापना के साथ हुई थी। 20वीं सदी की शुरुआत में जब टाटा स्टील का काम शुरू हुआ, तब यह स्टेशन औद्योगिक क्रांति का केंद्र बन गया। आज यह स्टेशन हावड़ा-मुंबई और हावड़ा-दिल्ली मेन लाइन पर स्थित एक प्रमुख जंक्शन है। रोजाना हजारों यात्री यहाँ से गुजरते हैं। यही वजह है कि तस्कर भी इस रूट का इस्तेमाल करते हैं। पिछले कुछ सालों में इस स्टेशन से ड्रग्स पकड़े जाने के कई मामले सामने आए हैं।

एसके साव और अजीत कुमार के नेतृत्व में हुई कार्रवाई

यह कार्रवाई टाटानगर स्टेशन पर RPF पोस्ट प्रभारी एस.के. साव और रेल एसपी अजीत कुमार के नेतृत्व में की गई। दोनों अधिकारियों ने मिलकर पूरी योजना बनाई और टीमों को लगाया। उनकी सतर्कता के कारण ही यह बड़ी सफलता मिल पाई।

ड्रग्स तस्करी के खिलाफ जारी है अभियान

रेलवे सुरक्षा बल ने ऑपरेशन नार्कोस के तहत यह छापेमारी की। इस अभियान का उद्देश्य रेलवे मार्ग से होने वाली नशीले पदार्थों की तस्करी पर पूरी तरह अंकुश लगाना है। अधिकारियों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में यह अभियान काफी तेज कर दिया गया है, और कई बड़ी तस्करी को नाकाम किया जा चुका है।

तस्करी नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस

अब पुलिस इस मामले में गहराई से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि इस तस्करी के पीछे कौन सा संगठित गिरोह सक्रिय है और इसका नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला हुआ है। दोनों आरोपियों से यह भी पूछा जा रहा है कि ट्रेन में गांजा लोड करने और निकालने में किस-किस का हाथ था।

एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज

दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस (Narcotic Drugs and Psychotropic Substances) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। इस एक्ट के तहत गांजा तस्करी के लिए सख्त सजा का प्रावधान है। बरामद गांजा को विधिवत जब्त कर सील कर दिया गया है। आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा और पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी।

आपकी राय क्या है – क्या रेलवे स्टेशनों पर ड्रोन और डॉग स्क्वाड से निगरानी बढ़ाई जानी चाहिए? कमेंट में बताएं।
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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।