Tatanagar Bulldozer: टाटानगर में रेलवे का भारी एक्शन, कीताडीह रोड पर चला बुलडोजर, हाईकोर्ट के आदेश के बाद उखड़ीं 24 दुकानें
टाटानगर स्टेशन से कीताडीह जाने वाले रास्ते पर रेलवे ने बुलडोजर चलाकर अवैध कब्जे हटा दिए हैं। हाईकोर्ट की डेडलाइन और दुकानदारों के पुनर्वास को लेकर मचे घमासान की पूरी इनसाइड स्टोरी यहाँ मौजूद है वरना आप जमशेदपुर के इस सबसे बड़े प्रशासनिक एक्शन की जानकारी मिस कर देंगे।
जमशेदपुर/टाटानगर, 19 फरवरी 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर के लाइफलाइन माने जाने वाले टाटानगर रेलवे स्टेशन क्षेत्र में गुरुवार की सुबह भारी गहमागहमी के साथ शुरू हुई। रेलवे प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्टेशन चौक से कीताडीह जाने वाले मार्ग पर 'बुलडोजर अभियान' चला दिया। भारी संख्या में आरपीएफ (RPF), जीआरपीएफ और रेल पथ निरीक्षक की मौजूदगी में वर्षों से जमे अवैध अतिक्रमण को नेस्तनाबूद कर दिया गया। इस कार्रवाई से इलाके के व्यापारियों में हड़कंप मच गया है और प्रशासन के प्रति भारी नाराजगी देखी जा रही है।
सुबह-सुबह गरजा बुलडोजर: गोलपहाड़ी तक मची खलबली
गुरुवार की सुबह जब शहर जाग ही रहा था, तभी टाटानगर आरपीएफ की टीम दलबल और बुलडोजर के साथ कीताडीह रोड पर पहुँच गई।
-
24 दुकानें ध्वस्त: गोलपहाड़ी क्षेत्र सहित स्टेशन रोड किनारे बसी लगभग 24 से अधिक छोटी-बड़ी दुकानों को जमींदोज कर दिया गया।
-
पहले दी गई थी चेतावनी: प्रशासन ने बुधवार को ही माइकिंग कर दुकानदारों को अपना सामान हटाने की अंतिम चेतावनी दे दी थी।
-
विरोध की लहर: कई दुकानदारों ने अपनी रोजी-रोटी का हवाला देते हुए कार्रवाई रोकने की गुहार लगाई, लेकिन सरकारी आदेश के आगे किसी की एक न चली।
हाईकोर्ट का आदेश और रेलवे की 'अनदेखी'
इस पूरी कार्रवाई के पीछे झारखंड हाईकोर्ट का एक अहम फैसला है। दरअसल, 22 जनवरी को अदालत ने इस मामले में सुनवाई करते हुए अवैध कब्जे हटाने का आदेश दिया था।
-
एक महीने की मोहलत: कोर्ट ने दुकानदारों को खुद जगह खाली करने के लिए एक महीने का समय दिया था, जो अब खत्म हो चुका है।
-
पुनर्वास का पेंच: हाईकोर्ट ने रेलवे को यह निर्देश भी दिया था कि 42 दिनों के भीतर इन विस्थापितों को रेलवे क्षेत्र में ही कहीं दूसरी जगह बसाने (Rehabilitation) की व्यवस्था की जाए।
-
अगली सुनवाई: मामले की अगली सुनवाई 20 मार्च को होनी है, लेकिन दुकानदारों का आरोप है कि उन्हें उजाड़ तो दिया गया, पर बसाने के लिए अब तक कोई जगह तय नहीं की गई है।
टाटानगर अतिक्रमण हटाओ: मुख्य तथ्य (Demolition Facts)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Details) |
| प्रभावित क्षेत्र | स्टेशन चौक से कीताडीह मार्ग (गोलपहाड़ी) |
| कार्रवाई की संख्या | 24+ पक्की और कच्ची दुकानें |
| मुख्य आदेश | झारखंड हाईकोर्ट (22 जनवरी का फैसला) |
| शामिल टीमें | RPF, GRP, रेल पथ निरीक्षक विभाग |
| अगली सुनवाई | 20 मार्च 2026 |
बेघर दुकानदारों का दर्द: "बसाया कहाँ जाएगा?"
कार्रवाई के दौरान कई दुकानदारों की आंखों में आंसू थे। उनका कहना है कि वे हाईकोर्ट के आदेश का सम्मान करते हैं, लेकिन रेलवे ने उन्हें बसाने का वादा अब तक पूरा नहीं किया है।
-
रोजी-रोटी का संकट: 24 परिवारों के सामने अचानक आय का स्रोत खत्म हो गया है।
-
20 मार्च की रिपोर्ट: रेलवे को 20 मार्च तक कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल करनी है कि उन्होंने कितने लोगों को कहाँ शिफ्ट किया है। जगह तय न होने से सस्पेंस बरकरार है।
प्रशासन का सख्त रुख
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि स्टेशन के सौंदर्यीकरण और सुरक्षा के लिए अतिक्रमण मुक्त सड़क अनिवार्य है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि यदि दोबारा कब्जे की कोशिश हुई, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
What's Your Reaction?


