Navratri Celebration: सोनारी में 75 अखंड दीपों से जगमगाया उपकार संघ, चैत्र नवरात्रि पर उमड़ा आस्था का सैलाब
जमशेदपुर के सोनारी स्थित उपकार संघ में चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर 75 अखंड ज्योति कलश प्रज्वलित किए गए हैं। केदारनाथ मंदिर की भव्य थीम और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शुरू हुए इस दिव्य अनुष्ठान की रौनक और भक्तों की भारी भीड़ की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
जमशेदपुर/सोनारी, 20 मार्च 2026 – लौहनगरी के सोनारी क्षेत्र में चैत्र नवरात्रि की धूम मची हुई है। कमल चौक, बुधराम मोहल्ला स्थित प्रसिद्ध सोनारी उपकार संघ के तत्वावधान में इस वर्ष भक्ति और शक्ति का एक अद्भुत मेल देखने को मिल रहा है। नवरात्रि के शुभ अवसर पर संस्थान द्वारा माता रानी की विशेष आराधना के लिए एक साथ 75 ज्योति कलश प्रज्वलित किए गए हैं। इन दीपों की अलौकिक आभा और वातावरण में गूँजते वैदिक मंत्रों ने पूरे सोनारी क्षेत्र को 'लघु देवलोक' में तब्दील कर दिया है। श्रद्धालु न केवल माता रानी के दर्शन के लिए उमड़ रहे हैं, बल्कि यहाँ सजे केदारनाथ ज्योतिर्लिंग के भव्य स्वरूप को देखकर मंत्रमुग्ध हो रहे हैं।
वैदिक मंत्रोच्चार और दिव्य शुरुआत: 75 ज्योति कलश की महिमा
अनुष्ठान की शुरुआत बेहद गरिमामयी और पारंपरिक तरीके से की गई।
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मुख्य अतिथि: कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्री रत्नेश तिवारी की उपस्थिति में दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
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विद्वान पुरोहित: उपकार संघ के पुरोहित श्री सुरेश शर्मा जी ने विधिवत पूजन कराया। गणेश वंदना और कलश स्थापना के बाद जैसे ही 75 अखंड ज्योति प्रज्वलित की गईं, पूरा पंडाल 'जय माता दी' के नारों से गूंज उठा।
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अखंड ज्योति का महत्व: अध्यक्ष सतपाल साहू ने बताया कि ये 75 ज्योति कलश क्षेत्र की सुख, शांति और समृद्धि के प्रतीक हैं, जो पूरे नौ दिनों तक निर्बाध रूप से जलते रहेंगे।
आस्था का केंद्र: केदारनाथ धाम की भव्य कलाकृति
इस वर्ष उपकार संघ ने श्रद्धालुओं के लिए कुछ विशेष प्रबंध किए हैं। पंडाल को बाबा केदारनाथ ज्योतिर्लिंग के स्वरूप में तैयार किया गया है।
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दिव्य दर्शन: केदारनाथ मंदिर की यह प्रतिकृति इतनी सजीव है कि लोग इसे देखने दूर-दूर से सोनारी पहुँच रहे हैं।
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भक्तिमय वातावरण: शाम होते ही 75 दीपों की रोशनी जब केदारनाथ थीम वाले पंडाल पर पड़ती है, तो दृश्य अत्यंत मनोरम हो जाता है।
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स्थानीय सहयोग: इस भव्य आयोजन में स्थानीय निवासियों का भी भरपूर योगदान रहा है, जो इसे केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि एक महापर्व मान रहे हैं।
पर्दे के पीछे की टीम: उपकार संघ की सक्रियता
इतने बड़े आयोजन को सफल बनाने के लिए उपकार संघ की पूरी कार्यकारिणी दिन-रात सेवा में जुटी है।
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अध्यक्ष एवं पदाधिकारी: अध्यक्ष सतपाल साहू, उपाध्यक्ष उमाशंकर शर्मा, महासचिव विश्वकर्मा वर्मा और सचिव राजीव वर्मा ने सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के कड़े इंतजाम किए हैं।
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कोषाध्यक्ष की भूमिका: कोषाध्यक्ष नरेंद्र साहू और सह-कोषाध्यक्ष साहिल शर्मा वित्त व्यवस्था को संभाल रहे हैं, ताकि भंडारा और अन्य अनुष्ठान बिना किसी बाधा के संपन्न हों।
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युवा शक्ति: बालकृष्ण साहू और संघ के अन्य निष्ठावान सदस्य श्रद्धालुओं की सेवा और कतारबद्ध दर्शन सुनिश्चित कर रहे हैं।
चैत्र नवरात्रि का सामाजिक और आध्यात्मिक प्रभाव
सोनारी में चैत्र नवरात्रि का यह उत्सव केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक एकता का भी प्रतीक बन चुका है।
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एकता का संदेश: बुधराम मोहल्ला के इस आयोजन में हर वर्ग और समुदाय के लोग शामिल होते हैं।
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अष्टमी और महानवमी की तैयारी: समिति ने जानकारी दी कि आने वाले दिनों में विशेष 'महाभंडारा' और 'कन्या पूजन' का आयोजन किया जाएगा, जिसमें हजारों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।
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शांति की कामना: सतपाल साहू के अनुसार, माता रानी से प्रार्थना की गई है कि जमशेदपुर और पूरे राज्य में खुशहाली आए और सभी का जीवन इन दीपों की तरह रोशन बना रहे।
सोनारी उपकार संघ का यह 75 ज्योति कलश अनुष्ठान आस्था और परंपरा का एक जीवंत उदाहरण है। दीपों की यह कतार और भक्तों का उमड़ता सैलाब बता रहा है कि आज भी हमारी जड़ें धर्म और संस्कृति से कितनी गहराई से जुड़ी हैं। केदारनाथ धाम के इस दिव्य दरबार में माथा टेकने के लिए श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा है। अगर आप भी माता रानी के आशीर्वाद और केदारनाथ की भव्यता का अनुभव करना चाहते हैं, तो सोनारी का यह पंडाल आपके लिए एक श्रेष्ठ गंतव्य है।
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