Train Smuggling: ऋषिकेश-हावड़ा एक्सप्रेस से पकड़े गए 60 कछुए, लाखों का गिरोह सक्रिय
हावड़ा दून एक्सप्रेस से 60 कछुओं की तस्करी करते दो आरोपी गिरफ्तार। उत्तर प्रदेश से पश्चिम बंगाल तक ट्रेनों में यह अवैध धंधा कैसे चल रहा था। 120 रुपये प्रति किलो में खरीदकर कछुए कहाँ बेचे जाते थे। पहले भी क्यों भारी मात्रा में कछुए बरामद हुए हैं।
धनबाद, 10 दिसंबर 2025 – रेलगाड़ियों के माध्यम से हो रही वन्यजीवों की तस्करी पर रेल सुरक्षा एजेंसी (CIB) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। ऋषिकेश-हावड़ा दून एक्सप्रेस (13010) से गुप्त सूचना के आधार पर रेल सुरक्षा एजेंसी के दल ने मंगलवार को 60 कछुओं (Turtles) के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह पिछले दो साल से उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) से पश्चिम बंगाल (West Bengal) तक कछुओं की अवैध खरीद-फरोख्त कर रहा था।
ट्रेन के आम डिब्बे से पकड़े गए तस्कर
रेल सुरक्षा एजेंसी के दल को जैसे ही तस्करी की सूचना मिली, उन्होंने दूरी एक्सप्रेस में जाँच शुरू कर दी। रेलगाड़ी के गोमो स्टेशन से खुलते ही, दल ने गाड़ी के सुरक्षाकर्मी ब्रेक से सटे सामान्य डिब्बे में दो संदिग्ध लोगों को पकड़ा, जिनके पास 60 कछुए थे। रेलगाड़ी के धनबाद स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या दो पर रात 01:45 बजे पहुँचते ही, दोनों तस्करों को कछुओं समेत उतार लिया गया।
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वन विभाग को सौंपा: गिरफ्तार किए गए आरोपियों में पश्चिम बंगाल के आगरपाड़ा खरदाहा के राम दास उर्फ हेमेंद्र प्रसाद दास और उत्तर प्रदेश के बसखारी गुड़हूरपुर के हिमांशु वैध शामिल हैं। रेल सुरक्षा एजेंसी की सूचना पर वन विभाग का दल मौके पर पहुंचा और जब्त कछुओं और गिरफ्तार आरोपियों को आगे की जाँच के लिए ले गया।
यूपी से बंगाल तक फैला है धंधा
पूछताछ में आरोपियों ने इस अवैध धंधे का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि वे उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के अतरुलिया थाना क्षेत्र में पत्तल बनाने वाले मुसहर समुदाय के लोगों से कछुआ खरीदते थे।
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खरीद-बिक्री: कछुओं को मात्र 120 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदा जाता था। इसके बाद इन कछुओं को पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले के कार्तिक साहा नामक व्यक्ति को बेचा जाता था। हालांकि, कार्तिक साहा इन कछुओं का क्या करता है, इसकी जानकारी उन्हें नहीं थी। आरोपियों ने बताया कि वे करीब दो साल से यह काम कर रहे हैं और हर महीने दो से तीन बार उत्तर प्रदेश से कछुआ लाते हैं।
रेल पुलिस के अनुसार, पिछले कुछ समय से दून एक्सप्रेस (13010) से ही कछुओं की तस्करी हो रही है। पहले भी 7 नवंबर को 78 कछुए और 3 दिसंबर को 35 कछुए बरामद किए गए थे। यह लगातार चल रही बरामदगी रेलगाड़ी मार्गों पर सक्रिय एक विशाल तस्करी के जाल को दर्शाती है।
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