Ranchi Raid: गांजा नेटवर्क, रांची में नए साल पर पुलिस का बड़ा धमाका, लाखों की नकदी के साथ दो तस्कर ढेर, खुलेंगे कई राज
रांची पुलिस ने मधुकम इलाके में छापेमारी कर गांजा तस्करों के पास से भारी नकदी और नशे की खेप बरामद की है। SSP राकेश रंजन की गुप्त सूचना पर हुई इस बड़ी कार्रवाई और नुतून लिंडा व अमन जायसवाल के खौफनाक नेटवर्क की पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी राजधानी में फैलते नशे के इस काले कारोबार से बेखबर रह जाएंगे।
रांची, 2 जनवरी 2026 – झारखंड की राजधानी रांची में नशे के सौदागरों के खिलाफ SSP राकेश रंजन ने साल के पहले ही दिन 'सर्जिकल स्ट्राइक' कर दी है। एक जनवरी की रात, जब पूरी दुनिया जश्न मना रही थी, रांची पुलिस ने गांजा तस्करी के एक बड़े सिंडिकेट को धवस्त कर दिया। कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोए के नेतृत्व में हुई इस छापेमारी ने शहर के नशा माफियाओं में हड़कंप मचा दिया है। पुलिस ने न केवल गांजे की खेप बरामद की है, बल्कि तस्करों के पास से लाखों रुपये की नकदी जब्त कर यह साबित कर दिया है कि यह कारोबार जड़ें जमा चुका था।
मधुकम में 'मिडनाइट' ऑपरेशन: पुलिस की गुप्त सूचना और बड़ी जीत
नए साल के पहले दिन एसएसपी को गुप्त सूचना मिली थी कि सुखदेवनगर इलाके में नशे की बड़ी खेप खपाई जा रही है।
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त्वरित एक्शन: सूचना मिलते ही डीएसपी प्रकाश सोए के नेतृत्व में एक स्पेशल टीम का गठन किया गया।
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मधुकम रूगढ़ीगड़ा में घेराबंदी: पुलिस ने बिना वक्त गंवाए मधुकम के रूगढ़ीगड़ा इलाके में धावा बोला। तस्करों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और पुलिस ने मौके से दो मुख्य आरोपियों को दबोच लिया।
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बरामदगी का आंकड़ा: छापेमारी में 1 किलो गांजा और गांजा बेचने से कमाए गए 2 लाख 71 हजार रुपये नकद बरामद हुए। इतनी बड़ी नकदी का मिलना यह दर्शाता है कि शहर में नशे की मांग और आपूर्ति कितनी भयावह स्तर पर है।
तस्करों की प्रोफाइल: नुतून और अमन का खौफनाक नेटवर्क
पकड़े गए आरोपियों की पहचान नुतून लिंडा उर्फ मिथुन और अमन जायसवाल के रूप में हुई है। पुलिस की प्राथमिक जांच में कुछ बेहद चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं:
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पुराने खिलाड़ी: ये दोनों आरोपी लंबे समय से पुलिस की आंखों में धूल झोंककर गांजे का अवैध धंधा चला रहे थे।
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कैश ट्रांजैक्शन: बरामद ₹2.71 लाख इस बात का सबूत है कि नए साल की पूर्व संध्या पर नशे की भारी बिक्री हुई है।
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सप्लाई चेन: नुतून और अमन केवल फुटकर विक्रेता नहीं थे, बल्कि वे शहर के अन्य छोटे नशा केंद्रों तक माल पहुँचाने वाले मुख्य 'हैंडलर' माने जा रहे हैं।
रांची गांजा रेड: मुख्य विवरण (Crime Snapshot)
| विवरण | जानकारी |
| गिरफ्तार तस्कर | नुतून लिंडा उर्फ मिथुन और अमन जायसवाल |
| बरामद नकद | ₹2,71,000 (दो लाख इकहत्तर हजार) |
| बरामद गांजा | 01 किलोग्राम |
| छापेमारी स्थल | मधुकम रूगढ़ीगड़ा (सुखदेवनगर) |
| टीम नेतृत्व | डीएसपी प्रकाश सोए (SSP के निर्देश पर) |
इतिहास और डर: रांची में बढ़ता नशे का 'स्लो पॉइजन'
रांची का इतिहास गवाह है कि मधुकम, हिंदपीढ़ी और सुखदेवनगर जैसे घनी आबादी वाले इलाके नशे के तस्करों के लिए हमेशा से सॉफ्ट टारगेट रहे हैं। ऐतिहासिक रूप से देखें तो उड़ीसा और छत्तीसगढ़ की सीमाओं से झारखंड में गांजे की तस्करी का पुराना रूट रहा है। पिछले 5 वर्षों में रांची पुलिस ने गांजे की जब्ती में 30% की बढ़ोतरी दर्ज की है। नुतून और अमन जैसे तस्कर स्थानीय युवाओं, खासकर छात्रों को अपना शिकार बनाते हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इन तस्करों के तार अंतरराज्यीय गिरोहों से जुड़े हैं या साहिबगंज और उड़ीसा के किसी बड़े 'सफेदपोश' तस्कर से इन्हें सप्लाई मिल रही थी।
जांच का अगला कदम: 'आकाओं' पर नजर
डीएसपी प्रकाश सोए ने शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में साफ कर दिया कि यह तो सिर्फ शुरुआत है।
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नेटवर्क का पर्दाफाश: पुलिस अब नुतून और अमन के मोबाइल फोन खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि गांजा की मुख्य आपूर्ति (Supply) कहाँ से आ रही थी।
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नकद का राज: इतनी बड़ी रकम का बैंक रिकॉर्ड न होना यह साबित करता है कि नशे का पूरा कारोबार पूरी तरह 'ब्लैक मनी' पर आधारित है।
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जारी रहेगा अभियान: एसएसपी राकेश रंजन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले में नशे के खिलाफ अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक रांची की गलियों से नशीले पदार्थों का खात्मा नहीं हो जाता।
अपराधियों के लिए खुली चेतावनी
नए साल की इस पहली बड़ी कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि रांची पुलिस अब 'जीरो टॉलरेंस' मोड में है। नुतून और अमन का सलाखों के पीछे जाना शहर के युवाओं के लिए एक बड़ी जीत है। पुलिस की इस मुस्तैदी ने साबित कर दिया है कि अपराधी चाहे कितनी भी सफाई से धंधा करें, कानून की नजरों से नहीं बच सकते।
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