Ranchi Exposed: रांची में छापेमारी! लोअर बाजार से प्रतिबंधित मांस के दो ट्रक जब्त, लाखों का अवैध नेटवर्क पकड़ा गया, जानें कौन हैं सरगना!
झारखंड में गोवंश पर प्रतिबंध के बावजूद रांची के लोअर बाजार में प्रतिबंधित मांस का इतना बड़ा जखीरा कैसे पहुंचा? पुलिस ने किन गुप्त सूचनाओं के आधार पर दो ट्रक जब्त किए? 2005 से लागू 'झारखंड गौवंशीय पशु हत्या प्रतिषेध अधिनियम' के बावजूद भी क्यों जारी है गुदड़ी बाजार और आजाद बस्ती जैसे इलाकों में यह अवैध कारोबार? कौन चला रहा है इस अंतरराज्यीय नेटवर्क को? पुलिस की जांच में क्या बड़ा खुलासा होगा? पूरी जानकारी के लिए पढ़ें!
रांची, 29 अक्टूबर 2025 – झारखंड की राजधानी रांची में अवैध कारोबारियों के खिलाफ एक बड़ी पुलिस कार्रवाई से सनसनी फैल गई है। लोअर बाजार थाना क्षेत्र में बुधवार को पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी करते हुए प्रतिबंधित पशु के मांस से भरे दो ट्रक जब्त किए हैं। बरामद किए गए मांस की भारी मात्रा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कानूनी प्रतिबंधों के बावजूद शहर में अवैध मांस का कारोबार एक बड़े नेटवर्क के तहत चलाया जा रहा था।
सूचना के आधार पर कार्रवाई: एक बड़ा और एक छोटा ट्रक जब्त
पुलिस को बुधवार की सुबह लोअर बाजार थाना क्षेत्र में बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित मांस लाए जाने की सूचना मिली। इस सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने बिना देर किए इलाके में घेराबंदी कर दी और छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम दिया।
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जब्ती: पुलिस ने मौके से मांस से लदे दो ट्रक जब्त किए। इनमें एक बड़ा और एक छोटा ट्रक शामिल है। जब्त किए गए मांस की मात्रा इतनी अधिक है कि यह स्पष्ट संकेत देता है कि यह कारोबार केवल स्थानीय खपत के लिए नहीं, बल्कि अंतरराज्यीय तस्करी के बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है।
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जांच शुरू: पुलिस ने जब्त मांस को कब्जे में लेने के बाद अब इस अवैध कारोबार में शामिल लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच तेज कर दी है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य इस पूरे अवैध नेटवर्क का पर्दाफाश करना और इसके सरगनाओं को कानून के कटघरे में लाना है।
झारखंड में 2005 से है प्रतिबंध: बंद वधशालाओं के बाद भी कैसे जारी है धंधा?
यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि झारखंड राज्य में 2005 से गोवंश की हत्या और उसके मांस के व्यापार पर सख्त प्रतिबंध लागू है।
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कानूनी आधार: यह प्रतिबंध 'झारखंड गौवंशीय पशु हत्या प्रतिषेध अधिनियम, 2005' के तहत लगाया गया था। इस कड़े कानून के लागू होने के बाद राजधानी रांची की डोरंडा और कांटाटोली स्थित वधशालाएं बंद कर दी गई थीं।
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अवैध गतिविधियाँ: हालांकि, सूत्रों के अनुसार, कानूनी सख्ती के बावजूद भी गुदड़ी बाजार और आजाद बस्ती समेत कुछ इलाकों में यह अवैध कारोबार चोरी-छिपे धड़ल्ले से जारी है। रांची पुलिस की यह बड़ी कार्रवाई अब इस बात पर मुहर लगाती है कि अवैध मांस का कारोबार केवल स्थानीय स्तर पर नहीं, बल्कि ट्रकों के माध्यम से बड़े पैमाने पर किया जा रहा था।
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया है कि इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया जा रहा है और जल्द ही इस अवैध नेटवर्क के मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। यह कार्रवाई उन सभी लोगों के लिए एक सख्त चेतावनी है जो कानून का उल्लंघन कर इस अवैध धंधे में शामिल हैं।
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