Ranchi Mystery: खौफनाक सेल्फी, रांची में युवक ने मौत को लगाया गले, मरने से ठीक पहले कैमरे में कैद हुआ अंतिम पल
रांची के गढ़ा टोली में एक युवक मो. इनायत ने बंद कमरे में सुसाइड कर लिया है। सुसाइड से ठीक पहले मोबाइल में ली गई उस आखिरी सेल्फी और कॉल डिटेल्स में छिपे मौत के राज की पूरी रोंगटे खड़े कर देने वाली रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी इस रहस्यमयी घटना के पीछे की असली कहानी कभी नहीं जान पाएंगे।
रांची, 6 जनवरी 2026 – झारखंड की राजधानी रांची के गढ़ा टोली इलाके में मंगलवार को उस वक्त सन्नाटा पसर गया, जब एक किराए के मकान में रह रहे युवक का शव फंदे से लटका मिला। मृतक की पहचान मो. इनायत के रूप में हुई है। यह सामान्य आत्महत्या का मामला नजर आ रहा था, लेकिन पुलिस को जांच के दौरान इनायत के मोबाइल से एक ऐसी 'सेल्फी' मिली है जिसने इस पूरी घटना को रहस्यमयी बना दिया है। मौत के चंद सेकंड पहले खुद की तस्वीर खींचना किसी गहरी मानसिक उथल-पुथल या किसी को संदेश देने की कोशिश की ओर इशारा कर रहा है। सदर थाना पुलिस अब इनायत के उस 'आखरी डिजिटल सबूत' के जरिए मौत की पहेली सुलझाने में जुट गई है।
बंद कमरे का राज: सेल्फी लेकर मौत को गले लगाया
घटना की जानकारी तब हुई जब काफी देर तक इनायत के कमरे का दरवाजा नहीं खुला। मकान मालिक और स्थानीय लोगों के शोर मचाने पर भी जब कोई जवाब नहीं मिला, तो पुलिस को सूचना दी गई।
-
पुलिस की कार्रवाई: सदर थाना पुलिस ने मौके पर पहुँचकर दरवाजा तोड़ा और देखा कि इनायत का शव फंदे से झूल रहा था। पुलिस ने तुरंत शव को नीचे उतारा और कमरे की तलाशी शुरू की।
-
मोबाइल में मिला सुराग: जांच टीम ने जब इनायत का फोन चेक किया, तो गैलरी में सबसे ऊपर एक सेल्फी फोटो थी। बताया जा रहा है कि यह फोटो आत्महत्या की प्रक्रिया शुरू करने से ठीक पहले ली गई थी।
-
कॉल डिटेल्स की जांच: पुलिस अब यह देख रही है कि सेल्फी लेने के बाद या उससे पहले इनायत ने आखिरी कॉल किसे की थी। क्या वह किसी से वीडियो कॉल पर था? या उसने यह फोटो किसी को भेजी थी?
गढ़ा टोली में शोक: इकलौते सफर का दुखद अंत
मो. इनायत इस इलाके में एक किराए के मकान में रहकर अपना गुजर-बसर कर रहा था। आसपास के लोगों के अनुसार वह शांत स्वभाव का था, लेकिन पिछले कुछ दिनों से कुछ परेशान नजर आ रहा था।
-
रिम्स भेजा गया शव: पुलिस ने पंचनामा तैयार कर शव को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स (RIMS) भेज दिया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक समय का पता चल पाएगा।
-
जब्त हुआ फोन: साइबर सेल की मदद से इनायत के सोशल मीडिया अकाउंट्स और व्हाट्सएप चैट को खंगाला जा रहा है।
-
वजह अब भी अज्ञात: पुलिस के आधिकारिक बयान के अनुसार, अभी तक कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। प्रेम प्रसंग, आर्थिक तंगी या पारिवारिक विवाद—पुलिस हर पहलू पर काम कर रही है।
रांची सुसाइड केस: अब तक के मुख्य तथ्य (Case Snapshot)
| विवरण | जानकारी (Details) |
| मृतक का नाम | मो. इनायत |
| स्थान | गढ़ा टोली, रांची (किराए का मकान) |
| अहम सबूत | मोबाइल फोन में मिली 'डेथ सेल्फी' |
| जांच टीम | सदर थाना पुलिस, रांची |
| पोस्टमार्टम | रिम्स (RIMS) अस्पताल |
इतिहास और समाज: रांची के गढ़ा टोली में बढ़ता 'अकेलापन'
रांची का गढ़ा टोली इलाका ऐतिहासिक रूप से छात्रों और नौकरीपेशा युवाओं का पसंदीदा ठिकाना रहा है क्योंकि यहाँ किफायती किराए के मकान उपलब्ध हैं। लेकिन पिछले एक दशक में यहाँ 'आइसोलेशन' (अकेलेपन) के कारण आत्महत्या के मामलों में बढ़ोत्तरी देखी गई है। 2022 में भी इसी क्षेत्र में एक प्रतियोगी छात्र ने अवसाद के चलते जान दी थी। मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि मरने से पहले सेल्फी लेना 'अटेंशन सीकिंग' या अपनी तकलीफ को दुनिया के सामने दर्ज कराने का एक आधुनिक डिजिटल तरीका है। इनायत की यह सेल्फी पुलिस के लिए केस सुलझाने की चाबी बन सकती है, क्योंकि अक्सर ऐसी तस्वीरों के पीछे कोई न कोई 'चेहरा' या 'वजह' छिपी होती है।
पुलिस की रडार पर 'आखरी कॉल': क्या था दबाव?
सदर थाना प्रभारी ने बताया कि मोबाइल फोन को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जा सकता है।
-
संदिग्धों से पूछताछ: पुलिस उन लोगों की सूची बना रही है जिनसे इनायत की पिछले 24 घंटों में बातचीत हुई थी।
-
स्थानीय बयान: गढ़ा टोली के स्थानीय निवासियों से भी पूछताछ की जा रही है कि क्या सोमवार रात को कमरे से किसी तरह के झगड़े या शोर की आवाज आई थी।
-
सोशल मीडिया ट्रेल: पुलिस यह भी देख रही है कि क्या उसने अपनी आखिरी सेल्फी फेसबुक या इंस्टाग्राम स्टोरी पर अपलोड की थी।
एक अनसुलझी दास्तां
मो. इनायत अब हमारे बीच नहीं है, लेकिन उसका मोबाइल फोन उन सारे राजों को दबाए बैठा है जिसने उसे मौत की दहलीज तक पहुँचाया। रांची पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, गढ़ा टोली के इस 'सेल्फी सुसाइड' का सच सामने आएगा।
What's Your Reaction?


