Coal Strike : रामगढ़ में कोयला माफिया पर सीसीएल का बड़ा प्रहार, 18 टन अवैध कोयला बरामद, ट्रेंच खोदकर बंद किए रास्ते
रामगढ़ के अरगडा क्षेत्र में सीसीएल सुरक्षा विभाग ने कोयला माफियाओं के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। सिरका इलाके में 18 टन अवैध कोयला जब्त करने के साथ ही जेसीबी से रास्तों को खोदकर तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया गया है। सुरक्षा बलों की इस बड़ी घेराबंदी की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
रामगढ़/झारखंड, 21 मार्च 2026 – झारखंड के कोयला बेल्ट रामगढ़ में अवैध खनन और तस्करी के खिलाफ प्रशासन ने अपनी सबसे घातक कार्रवाई शुरू कर दी है। अरगडा क्षेत्र के सिरका इलाके में सक्रिय कोयला माफियाओं के हौसले पस्त करते हुए सीसीएल (CCL) के क्षेत्रीय सुरक्षा विभाग ने शुक्रवार को एक बड़ा ऑपरेशन चलाया। इस छापेमारी के दौरान न केवल 18 टन अवैध कोयला बरामद किया गया, बल्कि माफियाओं द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले गुप्त रास्तों को जेसीबी (JCB) मशीनों की मदद से गहरे ट्रेंच खोदकर हमेशा के लिए बंद कर दिया गया। सुरक्षा विभाग की इस अचानक हुई कार्रवाई से अवैध कोयला कारोबारियों में भगदड़ मच गई है।
सिरका में घेराबंदी: जब गरजी जेसीबी की मशीनें
कोयला माफियाओं ने सीसीएल क्षेत्र के पास अपने पैर पसार लिए थे, जिसकी लगातार शिकायतें विभाग को मिल रही थीं।
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रणनीति के तहत हमला: क्षेत्रीय सुरक्षा अधिकारी दीपक कच्छप के नेतृत्व में एक विशेष रणनीति बनाई गई। शुक्रवार सुबह सुरक्षा बलों की टीम ने सिरका पुराना कांटा घर के पास धावा बोल दिया।
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रास्ते किए ब्लॉक: तस्करों के आवागमन को रोकने के लिए जेसीबी की मदद से तीन प्रमुख जगहों पर गहरी खाइयां (ट्रेंच) खुदवाई गईं। इसके साथ ही टोंगी रेलवे लाइन के पास बने अवैध बंकरों को भी मिट्टी और बोल्डर से भरकर सील कर दिया गया।
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बाउंड्री वाल की मरम्मत: सुरक्षा में सेंध लगाने के लिए माफियाओं ने सीएचपी (CHP) क्षेत्र की बाउंड्री वाल को जगह-जगह से तोड़ दिया था। सुरक्षा टीम ने तत्काल प्रभाव से इन दरारों को भरकर किलेबंदी मजबूत कर दी है।
18 टन 'काला सोना' बरामद: औद्योगिक इकाइयों को थी सप्लाई
जांच के दौरान पुलिस और सुरक्षा बलों को भारी मात्रा में छिपाकर रखा गया कोयला मिला।
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बरामदगी का विवरण: सीएचपी कोयला स्टॉक और रेलवे लाइन के पास झाड़ियों और गड्ढों में छिपाकर रखा गया करीब 18 टन अवैध कोयला जब्त किया गया।
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माफिया का मास्टरप्लान: जानकारी के अनुसार, असामाजिक तत्व इस कोयले को धीरे-धीरे इकट्ठा कर पास की औद्योगिक इकाइयों और भट्टों में अवैध तरीके से खपाने की तैयारी में थे।
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रिकवरी: बरामद किए गए पूरे कोयले को सुरक्षित तरीके से सीसीएल के सीएचपी स्टॉक में जमा करा दिया गया है, जिससे सरकारी राजस्व की बड़ी हानि होने से बच गई।
रामगढ़ का काला इतिहास और माफिया का जाल
रामगढ़ जिला दशकों से कोयला खनन का केंद्र रहा है, लेकिन इसके साथ ही यहाँ अवैध खनन का एक काला इतिहास भी जुड़ा है।
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सफेदपोशों का संरक्षण: कोयला चोरी अक्सर संगठित तरीके से की जाती है, जिसमें स्थानीय गुर्गों से लेकर बड़े सिंडिकेट तक शामिल होते हैं।
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नया सुरक्षा प्रोटोकॉल: सीसीएल ने अब तकनीक और मैनपावर दोनों को बढ़ा दिया है। इस कार्रवाई में जीएम यूनिट के एएसआई उमेश रविदास, जितेंद्र, राजू और होमगार्ड के जवानों ने जिस तरह तालमेल दिखाया, उसने माफियाओं के नेटवर्क को हिलाकर रख दिया है।
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निरंतर निगरानी: सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यह कार्रवाई एक बार की नहीं है। अब ड्रोन और गुप्तचरों के जरिए उन इलाकों पर नजर रखी जा रही है जहाँ से कोयला चोरी की संभावना सबसे ज्यादा है।
अगला कदम: एफआईआर और गिरफ़्तारी की तैयारी
कोयला बरामदगी के बाद अब सुरक्षा विभाग उन चेहरों को बेनकाब करने में जुटा है जो पर्दे के पीछे से इस खेल को चला रहे थे।
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नामजद शिकायत: जब्त किए गए कोयले और बंद किए गए रास्तों के आधार पर अज्ञात और कुछ चिन्हित तस्करों के खिलाफ स्थानीय थाने में मामला दर्ज कराया जा रहा है।
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स्थानीय दबिश: पुलिस उन लोगों की सूची तैयार कर रही है जो पहले भी कोयला चोरी के मामलों में जेल जा चुके हैं। अरगडा क्षेत्र में अब हर संदिग्ध गतिविधि पर सुरक्षा बलों की पैनी नजर है।
रामगढ़ में कोयला माफियाओं के खिलाफ सीसीएल की यह 'सर्जिकल स्ट्राइक' एक बड़ी जीत है। 18 टन कोयले की बरामदगी और रास्तों की घेराबंदी ने यह साबित कर दिया है कि अगर प्रशासन ठान ले, तो 'काले सोने' की लूट को रोका जा सकता है। सिरका और आसपास के इलाकों में अब शांति है, लेकिन माफिया के खिलाफ यह जंग अभी लंबी चलने वाली है। क्या इस सख्त कार्रवाई के बाद माफिया अपना रास्ता बदलेंगे या प्रशासन की यह मुस्तैदी परमानेंट रहेगी?
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