Palamu Arrest : चराई में दो हाइवा फूंकने वाला मोस्ट वांटेड कपिलदेव सिंह उर्फ विशाल दबोचा, लेवी सिंडिकेट का भंडाफोड़, पलामू में हड़कंप
पलामू के छतरपुर थाना क्षेत्र के चराई इलाके में लेवी के लिए दो हाइवा गाड़ियों को आग के हवाले करने वाले शातिर अपराधी कपिलदेव सिंह को पुलिस ने बरडीहा गांव से गिरफ्तार कर लिया है। एसडीपीओ प्रशांत कुमार के खुलासे की पूरी लाइव रिपोर्ट यहाँ देखें।
पलामू/छतरपुर, 22 मई 2026 – झारखंड के पलामू जिले से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली आपराधिक खबर सामने आ रही है। छतरपुर थाना पुलिस ने एक गुप्त और बेहद साहसिक ऑपरेशन चलाकर चराई खनन इलाके में लेवी (रंगदारी) वसूलने और दहशत फैलाने के उद्देश्य से दो भारी-भरकम हाइवा ट्रकों को फूंकने वाले मोस्ट वांटेड और शातिर अपराधी को उसके अपने ही गांव से दबोच लिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान बरडीहा गांव निवासी 25 वर्षीय कपिलदेव सिंह उर्फ कपिल सिंह उर्फ विशाल कुमार के रूप में हुई है। वह पिछले एक साल से पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहा था। छतरपुर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) प्रशांत कुमार ने एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बड़ी कामयाबी का आधिकारिक खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी कपिलदेव का पुराना खूंखार आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और उसकी गिरफ्तारी से पलामू के कोयला व खनन बेल्ट में सक्रिय लेवी सिंडिकेट को बहुत बड़ा झटका लगा है।
वारदात की इनसाइड स्टोरी: हथियार के बल पर रोके हाइवा, ड्राइवरों को पीटा और जिंदा फूंक दी गाड़ियां
छतरपुर एसडीपीओ प्रशांत कुमार और थाना प्रभारी सौरभ चौबे से मिली एक्सक्लूसिव और लाइव ग्राउंड इनपुट के अनुसार, यह मामला पलामू में सक्रिय अपराधी गिरोहों द्वारा जबरन वसूली के खौफनाक तरीके को बयां करता है।
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27 मई की वो काली रात: चराई खनन क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही चल रही थी। इसी दौरान करीब 10 नकाबपोश और आधुनिक हथियारों से लैस अपराधियों ने खनन कार्य में लगी दो हाइवा गाड़ियों को जबरन बीच रास्ते में रोक लिया।
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बंदूक की नोंक पर आतंक: अपराधियों ने दोनों हाइवा के ड्राइवरों को केबिन से बाहर खींच लिया और उनके सिर पर पिस्तौल सटाकर बेरहमी से मारपीट की। चालकों को बंधक बनाने के बाद, पूरे क्रशर और माइनिंग बेल्ट में अपना खौफ कायम करने और करोड़ों की लेवी वसूलने की नीयत से अपराधियों ने दोनों हाइवा में आग लगा दी। आग इतनी भीषण थी कि आसमान में धुएं का गुबार उठ खड़ा हुआ और दोनों कीमती गाड़ियां जलकर लोहे का कंकाल बन गईं।
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रामू गुप्ता के बयान पर एक्शन: इस भीषण अगजनी के बाद पीड़ित रामू कुमार गुप्ता के लिखित बयान पर छतरपुर थाने में 10 अज्ञात अपराधियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई थी।
प्रशासनिक रुख: एसपी की स्पेशल टीम का मिडनाइट छापा, 6 आरोपी पहले ही जा चुके हैं जेल
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पलामू एसपी के सख्त निर्देश पर एक हाई-टेक स्पेशल टीम का गठन किया गया था।
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तकनीकी सर्विलांस से लोकेशन ट्रेस: पुलिस ने मोबाइल टावर डंप डेटा और तकनीकी इनपुट के आधार पर फरार चल रहे कपिलदेव सिंह की लाइव लोकेशन उसके पैतृक गांव बरडीहा में ट्रैक की। छतरपुर थाना प्रभारी सौरभ चौबे, सब-इंस्पेक्टर राहुल कुमार, अनिल कुमार रजक और एएसआई मिथिलेश कुमार यादव की टीम ने आधी रात को पूरे गांव की घेराबंदी कर उसे लापता कर लिया।
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बाकी अपराधियों का काउंटडाउन शुरू: पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस वीभत्स कांड में शामिल 6 अन्य मुख्य अपराधियों को पुलिस पहले ही सलाखों के पीछे भेज चुकी है। कपिलदेव की गिरफ्तारी सातवीं बड़ी सफलता है, जबकि बचे हुए तीन अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए बिहार-झारखंड बॉर्डर के संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है।
माइनिंग कॉरिडोर्स में परमानेंट पुलिस पिकेट और सीसीटीवी नेटवर्क समय की मांग
पलामू पुलिस और छतरपुर थाने की टीम ने मोस्ट वांटेड कपिलदेव सिंह को जेल भेजकर कानून का इकबाल तो बुलंद किया है, लेकिन चराई खनन क्षेत्र में हुई यह अगजनी औद्योगिक सुरक्षा पर एक गंभीर सवालिया निशान है। पलामू जैसे संवेदनशील जिलों में जहां अरबों रुपये का माइनिंग और कंस्ट्रक्शन का कारोबार होता है, वहां ठेकेदारों और ड्राइवरों की सुरक्षा भगवान भरोसे नहीं छोड़ी जा सकती। जिला प्रशासन को तुरंत चराई और सभी प्रमुख माइनिंग रूटों पर 'परमानेंट पुलिस पिकेट' (सुरक्षा चौकियां) स्थापित करनी चाहिए। इसके साथ ही, खदानों के एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर हाई-डेफिनिशन नाइट-विज़न सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य करना होगा, ताकि रात के अंधेरे में तांडव मचाने वाले इन सफेदपोश और नकाबपोश अपराधियों को समय रहते सलाखों के पीछे धकेला जा सके।
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