Chaibasa Opium Bust : टेबो के जंगल से 20 किलो पोस्ता और 7 लाख नकद बरामद, तीन गिरफ्तार

चाईबासा के टेबो थाना क्षेत्र में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 20 किलो पोस्ता, 7 लाख नकद और दो बाइक बरामद, तीन तस्कर गिरफ्तार, जंगलों में छिपकर होती थी अफीम तस्करी।

May 22, 2026 - 17:26
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Chaibasa Opium Bust : टेबो के जंगल से 20 किलो  पोस्ता और 7 लाख नकद बरामद, तीन गिरफ्तार
Chaibasa Opium Bust : टेबो के जंगल से 20 किलो पोस्ता और 7 लाख नकद बरामद, तीन गिरफ्तार

चाईबासा: झारखंड के चाईबासा जिले में पुलिस ने अफीम तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई टेबो थाना क्षेत्र के रोगोद गांव में की गई। पुलिस ने मौके से 20 किलो पोस्ता, दो बाइक और 7 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं।

जंगल में तस्करों का इंतजार कर रही थी पुलिस

टेबो थाना प्रभारी सुशील कुमार मारांडी के नेतृत्व में चलाए गए सर्च अभियान के दौरान पुलिस को सूचना मिली थी कि रोगोद गांव में कुछ लोग अफीम की खरीदारी करने आने वाले हैं।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने जंगल इलाके में जाल बिछा दिया। जैसे ही तस्कर मौके पर पहुंचे, पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों को पकड़ लिया।

खास बात: आरोपी भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने दौड़ाकर उन्हें दबोच लिया। तस्करों की योजना थी कि जंगल के रास्ते अफीम को दूसरे राज्यों में भेजा जाए।

तीनों आरोपियों को जेल भेजा गया

गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं:

आरोपी उम्र गांव
बुद्धनाथ पूरती 38 वर्ष रोगोद, टेबो
सोमा हास्सा पूरती 26 वर्ष रोगोद, टेबो
मांगरा हुनी पूरती 22 वर्ष कोटागढ़ा, टेबो

पुलिस ने तीनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 27(a), 28 और 29 के तहत मामला दर्ज किया है। कार्रवाई के बाद सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

विवरण जानकारी
स्थान रोगोद गांव, टेबो थाना क्षेत्र, चाईबासा
बरामद पोस्ता 20 किलोग्राम
बरामद नकदी 7 लाख रुपये
बरामद बाइक 2 (तस्करी में इस्तेमाल)
गिरफ्तार 3 तस्कर
धाराएं NDPS 27(a), 28, 29
कार्रवाई का नेतृत्व थाना प्रभारी सुशील कुमार मारांडी

जंगलों में छिपकर होती है अफीम खेती

जानकारी के मुताबिक टेबो थाना क्षेत्र का बड़ा हिस्सा जंगलों से घिरा हुआ है। पुलिस का कहना है कि कई ग्रामीण जंगलों में छिपकर अफीम की खेती करते हैं और तस्करी से जुड़े नेटवर्क सक्रिय रहते हैं।

टेबो इलाका क्यों है खास?

  • घने जंगल – तस्करों के लिए छिपने की आसान जगह

  • बिहार-ओडिशा सीमा से सटा – अंतरराज्यीय तस्करी का रूट

  • कम पुलिस गश्त – इलाका दूरदराज होने के कारण निगरानी मुश्किल

टेबो में पिछली कार्रवाइयां

टेबो थाना क्षेत्र पिछले कुछ सालों में अफीम और पोस्ता तस्करी के लिए कुख्यात रहा है। पुलिस ने यहां पहले भी कई बार छापेमारी की है।

पिछली बड़ी बरामदगी:

वर्ष बरामदगी गिरफ्तारी
2023 15 किलो पोस्ता 2 तस्कर
2024 10 किलो अफीम 1 तस्कर
2025 20 किलो पोस्ता + 7 लाख 3 तस्कर

एसपी के निर्देश पर चलाया जा रहा अभियान

टेबो थाना प्रभारी सुशील कुमार मारांडी ने बताया कि एसपी के निर्देश पर इलाके में अवैध मादक पदार्थों के कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है।

उन्होंने कहा:

"नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। हमारी कोशिश है कि इस इलाके को पूरी तरह नशामुक्त किया जाए।"

इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ मामला

NDPS धारा अपराध सजा
27(a) नशीले पदार्थों का सेवन या व्यापार 1 से 3 साल की सजा
28 अफीम का अवैध व्यापार 10 से 20 साल की सजा
29 तस्करी में साझेदारी उतनी ही सजा जितनी मुख्य आरोपी को

इस मामले में: तीनों आरोपियों पर 10 से 20 साल तक की सजा का प्रावधान है।

क्यों खतरनाक है पोस्ता और अफीम?

पोस्ता और अफीम गंभीर नशीले पदार्थ हैं। इनका सेवन करने वाला व्यक्ति:

  • धीरे-धीरे अपना सब कुछ खो देता है

  • शारीरिक और मानसिक रूप से बीमार हो जाता है

  • परिवार से दूरियां बढ़ जाती हैं

  • अपराधों की तरफ बढ़ता है

इंटरैक्टिव भाग – क्या आपके इलाके में भी चलती है नशे की तस्करी?

क्या आपने कभी अपने आसपास अफीम या पोस्ता की तस्करी होते देखी है? क्या पुलिस समय पर कार्रवाई कर पाती है?

  • कमेंट में बताएं – आपके इलाके में नशे की क्या स्थिति है?

  • शेयर करें – इस खबर को अपने दोस्तों के साथ शेयर करें ताकि लोग नशे के खतरों को समझें

पुलिस की रणनीति – सूचना और घेराबंदी

इस कार्रवाई में पुलिस ने तीन स्तरों पर काम किया:

  1. गुप्त सूचना – पुलिस को पहले से पता चल गया था कि तस्कर आने वाले हैं

  2. जाल बिछाना – जंगल इलाके में पुलिस ने घात लगाकर इंतजार किया

  3. घेराबंदी – तस्करों को घेरकर पकड़ा गया, भागने की कोशिश नाकाम

आगे क्या होगा?

पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। तीनों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि:

  • यह पोस्ता कहां से आया था?

  • किन-किन लोगों को सप्लाई किया जाना था?

  • क्या इस इलाके में और भी तस्कर सक्रिय हैं?

प्रशासन का बयान: एसपी ने कहा कि इस तरह की कार्रवाइयां लगातार जारी रहेंगी। नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

सतर्क रहें, नशे से दूर रहें। अगर आपके आसपास कहीं भी नशीले पदार्थों की तस्करी होती दिखे, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। आपकी एक सूचना कई युवाओं की जान बचा सकती है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।