Jamshedpur NTTF: एनटीटीएफ में वार्षिक खेलकूद का शानदार समापन, सारिम और प्रगति बने बेस्ट एथलीट
जमशेदपुर के आरडी टाटा तकनीकी संस्थान (NTTF) गोलमुरी में वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता का समापन हो गया है। टाटा स्टील फाउंडेशन के ब्रजकिशोर सिंह ने विजेताओं को सम्मानित किया। सारिम मोहम्मद और प्रगति ने अपनी रफ्तार से बाजी मार ली है। एथलेटिक्स से लेकर कबड्डी तक के सभी विजेताओं की पूरी लिस्ट यहाँ देखें।
जमशेदपुर/लौहनगरी, 19 मार्च 2026 – शहर के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान एनटीटीएफ (NTTF) आरडी टाटा गोलमुरी में खेल भावना और अनुशासन का अनूठा संगम देखने को मिला। संस्थान के वार्षिक खेलकूद उत्सव का भव्य समापन कॉलेज कैंपस में हुआ, जहाँ छात्रों ने न केवल अपनी तकनीकी निपुणता बल्कि शारीरिक क्षमता का भी लोहा मनवाया। कार्यक्रम का उद्घाटन प्राचार्य प्रीता जॉन और मुख्य अतिथि ब्रजकिशोर सिंह (लीड इंस्टीट्यूशन, टाटा स्टील फाउंडेशन) द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस दौरान पूरा कैंपस तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा जब एथलीटों ने ट्रैक पर अपनी रफ्तार का जादू बिखेरा।
मैदान पर 'शॉर्टकट' नहीं, केवल संघर्ष: मुख्य अतिथि का संदेश
मुख्य अतिथि ब्रजकिशोर सिंह ने छात्रों को संबोधित करते हुए एक बेहद महत्वपूर्ण बात कही।
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सफलता का मंत्र: उन्होंने कहा कि जीवन में लक्ष्य हासिल करने का कोई शॉर्टकट नहीं होता। केवल दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर संघर्ष ही आपको सफलता के शिखर तक पहुँचा सकते हैं।
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ऊर्जा का संचार: खेल को जीवन की बुनियादी जरूरत बताते हुए उन्होंने कहा कि यह केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि शरीर और मन में नई ऊर्जा भरने का जरिया है।
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सम्मान: प्राचार्य प्रीता जॉन ने मुख्य अतिथि को पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया और छात्रों को बताया कि लीडरशिप और टीम स्पिरिट सीखने के लिए खेल का मैदान सबसे अच्छी पाठशाला है।
विजेताओं की पूरी सूची: किसने मारी बाजी?
प्रतियोगिता के विभिन्न इवेंट्स में छात्रों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली।
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100 मीटर रेस (लड़के): शेखर बोडला ने पहला स्थान झटका, जबकि सारिम मोहम्मद दूसरे और प्रीति सिंकू तीसरे स्थान पर रहे।
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100 मीटर रेस (लड़कियाँ): तनीषा प्रधान ने स्वर्ण पदक जीता, अर्पण लाकरा और सृष्टि राय ने क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त किया।
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भाला फेंक (Javelin Throw): लड़कों में आकाश यादव और लड़कियों में सृष्टि ने अपनी ताकत का प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया।
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सर्वश्रेष्ठ एथलीट: पूरे टूर्नामेंट में अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर सारिम मोहम्मद (लड़का) और प्रगति (लड़की) को 'बेस्ट एथलीट' के खिताब से नवाजा गया।
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हाउस चैंपियंस: अनुशासन में 'प्रीडेटर हाउस' अव्वल रहा, जबकि 'टर्मिनेटर' को ओवरऑल चैंपियन घोषित किया गया।
एनटीटीएफ और टाटा स्टील—जमशेदपुर की तकनीकी एवं खेल विरासत
एनटीटीएफ जमशेदपुर का इतिहास शहर की औद्योगिक पहचान के साथ गहराई से जुड़ा हुआ है।
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स्थापना और उद्देश्य: आरडी टाटा तकनीकी संस्थान (NTTF) की स्थापना का मुख्य उद्देश्य स्थानीय युवाओं को विश्व स्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करना था। लेकिन जमशेदपुर की संस्कृति में 'टाटा' का नाम जुड़ते ही खेल अपने आप इसका हिस्सा बन गए।
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खेलों का ऐतिहासिक महत्व: जमशेदपुर को 'भारत की खेल राजधानी' के रूप में भी जाना जाता है। ऐतिहासिक रूप से, जेआरडी टाटा स्वयं खेलों के बहुत बड़े प्रशंसक थे। उन्होंने ही टाटा स्टील के माध्यम से शहर में फुटबॉल, तीरंदाजी और एथलेटिक्स की अकादमियों की नींव रखी थी। एनटीटीएफ जैसे संस्थान इसी ऐतिहासिक परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं, जहाँ 'पढ़ाई के साथ खेल' (Work-Life Balance) के सिद्धांत को 1960 के दशक से ही महत्व दिया जाता रहा है।
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गोलमुरी का मैदान: गोलमुरी इलाका दशकों से खिलाड़ियों की नर्सरी रहा है। यहाँ के मैदानों से निकले कई छात्र आज देश-विदेश की बड़ी कंपनियों में न केवल इंजीनियर हैं, बल्कि कॉर्पोरेट स्पोर्ट्स में भी संस्थान का नाम रोशन कर रहे हैं। आज का यह आयोजन उसी गौरवशाली इतिहास की एक नई कड़ी है, जहाँ 'एटलस' और 'टर्मिनेटर' जैसे हाउस नाम भी आधुनिक तकनीकी और मजबूती का प्रतीक हैं।
टीम स्पिरिट का शानदार प्रदर्शन: कबड्डी और वॉलीबॉल
केवल एथलेटिक्स ही नहीं, बल्कि कबड्डी, वॉलीबॉल और रिले रेस जैसे टीम खेलों में भी छात्रों ने अपना दम दिखाया।
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समन्वय: उप प्राचार्य पलानी चौधरी ने खिलाड़ियों के अनुशासन की सराहना की।
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सहयोग: इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में रोहित सिंह, लक्ष्मण सोरेन, और दीपक ओझा का विशेष योगदान रहा। संस्थान के उप प्रबंधक प्रशासनिक अधिकारी वरुण कुमार ने कार्यक्रम के सुचारू संचालन की जिम्मेदारी निभाई।
एनटीटीएफ जमशेदपुर की यह वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता महज एक ईवेंट नहीं, बल्कि छात्रों के सर्वांगीण विकास का उत्सव थी। जब तकनीकी शिक्षा के साथ खेल का अनुशासन जुड़ता है, तभी एक बेहतर भविष्य का निर्माण होता है। विजेताओं के चेहरों पर जीत की खुशी और हारने वालों में अगली बार बेहतर करने का जज्बा यह साबित करता है कि जमशेदपुर की खेल विरासत सुरक्षित हाथों में है। क्या 'टर्मिनेटर' हाउस की यह जीत अगले साल भी बरकरार रहेगी या 'प्रीडेटर' बाजी मार ले जाएगा?
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