Latehar Maoists: 2 लाख के इनामी समेत जेजेएमपी के 2 एरिया कमांडर गिरफ्तार, क्या रच रहे थे साजिश
झारखंड पुलिस की बड़ी सफलता! लातेहार में उग्रवाद विरोधी अभियान में 2 लाख के इनामी समेत जेजेएमपी के 2 खूंखार एरिया कमांडर गिरफ्तार। पप्पू लोहरा की मौत के बाद संगठन को खड़ा करने की कोशिश नाकाम। जानें इन उग्रवादियों के आपराधिक मामले और आगे की पुलिस कार्रवाई।
लातेहार, 3 दिसंबर 2025 – लातेहार पुलिस ने उग्रवाद विरोधी अभियान में एक बड़ी सफलता हासिल की है। प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन झारखंड जन मुक्ति परिषद के 2 खूंखार एरिया कमांडर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इनमें से एक उग्रवादी पर 2 लाख रुपए का इनाम घोषित था। यह गिरफ्तारी संगठन की कमर तोड़ देने वाली मानी जा रही है।
पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव ने पत्रकार सम्मेलन करके इस महत्वपूर्ण कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार उग्रवादियों के नाम सुनील उरांव उर्फ मंटू (2 लाख का इनामी) और मुकेश लोहरा हैं, जो जेजेएमपी के एरिया कमांडर थे। सुनील उरांव तरवाडीह, नावाडीह (Latehar) का रहने वाला है, जबकि मुकेश लोहरा पुरनी पल्हैया, मनिका का निवासी है।
संगठन को पुनर्जीवित करने की साजिश
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जेजेएमपी का कुख्यात उग्रवादी पप्पू लोहरा के मारे जाने के बाद, ये दोनों एरिया कमांडर संगठन को फिर से खड़ा करने की कोशिशों में लगे हुए थे। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि ये दोनों किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं।
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विशेष छापामारी: इस सूचना की गंभीरता को देखते हुए लातेहार के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अरविंद कुमार के नेतृत्व में लातेहार और मनिका थाने की एक संयुक्त टुकड़ी ने विशेष छापामारी अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान ही इन दोनों खूंखार उग्रवादियों को सफलतापूर्वक गिरफ्तार किया गया।
गंभीर आपराधिक मामलों में थे शामिल
पुलिस अधीक्षक ने गिरफ्तार उग्रवादियों के अपराधिक इतिहास की जानकारी भी दी।
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सुनील उरांव पर 7 मामले: इनामी सुनील उरांव पर विभिन्न थानों में हत्या, रंगदारी, पुलिस पर हमला सहित 7 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं, मुकेश लोहरा पर भी 2 मुकदमे दर्ज हैं। इन दोनों की गिरफ्तारी से क्षेत्र में अशांति फैलाने की जेजेएमपी की योजनाओं पर ब्रेक लगा है।
पुलिस अधीक्षक ने यह भी बताया कि जेजेएमपी संगठन की शक्ति अब पूरी तरह टूट चुकी है और उसके मात्र 4-5 सदस्य ही बचे हैं। सदस्यों की संख्या कम होने के कारण ही ये लोग संगठित होकर काम नहीं कर पा रहे थे। उन्होंने कहा कि उग्रवादियों के विरुद्ध पुलिस का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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