Khunti Firing : पुल निर्माण साइट पर अपराधियों ने की ताबड़तोड़ गोलीबारी, मजदूरों के खदेड़ने पर अपाचे बाइक छोड़ भागे शूटर
खूंटी के तोरपा में सुंदारी पाकर टोली के पास पुल निर्माण स्थल पर तीन अपराधियों ने चार राउंड फायरिंग की है। मजदूरों के एकजुट होकर खदेड़ने और एएसपी क्रिस्तोफर केरकेट्टा की इस पूरी इनसाइड ग्राउंड रिपोर्ट यहाँ देखें।
खूंटी/तोरपा, 19 मई 2026 – झारखंड के उग्रवाद प्रभावित खूंटी जिले के तोरपा थाना क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाली और सनसनीखेज वारदात सामने आई है। सुंदारी पाकर टोली और गुड़गुड़ चुआं के बीच नाले पर बन रहे एक उच्च स्तरीय पुल निर्माण स्थल (Bridge Construction Site) पर अपराधियों ने लेवी (रंगदारी) वसूलने और दहशत फैलाने के उद्देश्य से ताबड़तोड़ फायरिंग की है। हालांकि, इस बार अपराधियों का पासा तब उल्टा पड़ गया जब निहत्थे मजदूरों ने अदम्य साहस दिखाते हुए हथियारों से लैस शूटरों को ही खदेड़ दिया। खुद को घिरता देख अपराधी अपनी बाइक छोड़कर जंगलों की ओर भाग खड़े हुए। घटना के बाद जिला पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और आनन-फानन में हाई-लेवल जांच टीम का गठन किया गया है।
वारदात की दास्तां: आधी रात अपाचे से आए तीन शूटर, ठेकेदार से मांगी लेवी और मजदूरों का पलटवार
यह पूरी फिल्मी और रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना रविवार की रात करीब 11:00 बजे तोरपा के सुदूर इलाके में घटित हुई।
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अंधेरे में चार राउंड फायरिंग: निर्माण स्थल पर जब काम चल रहा था, तभी एक ही अपाचे मोटरसाइकिल पर सवार तीन नकाबपोश अपराधी वहां पहुंचे। उन्होंने आते ही मुंशी और मजदूरों को डराने के लिए पिस्तौल से हवा में चार राउंड ताबड़तोड़ फायरिंग झोंक दी, जिससे पूरा इलाका गूंज उठा।
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ठेकेदार का मोबाइल कनेक्शन: फायरिंग के बाद अपराधियों ने वहां मौजूद एक मजदूर का मोबाइल फोन छीन लिया और मुंशी नयन तथा मजदूरों पर चिल्लाते हुए कहा, "तुरंत अपने ठेकेदार (कॉन्ट्रैक्टर) से हमारी बात कराओ, वरना अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहो।"
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मजदूरों का ऐतिहासिक पलटवार: घटना के समय साइट पर करीब 15 से 17 मजदूर मौजूद थे। अपराधियों की धमकियों से डरने के बजाय मजदूरों ने एकजुटता दिखाई और लाठी-डंडे लेकर 'जय श्रीराम' और स्थानीय नारे लगाते हुए अपराधियों की ओर दौड़ पड़े।
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अपाचे छोड़कर भागे अपराधी: मजदूरों के इस अप्रत्याशित और भारी विरोध को देखकर तीनों अपराधियों के होश उड़ गए। खुद को चारों तरफ से घिरता देख शूटर अपनी कीमती अपाचे मोटरसाइकिल वहीं छोड़कर घने जंगलों की तरफ भाग निकले। भागने की हड़बड़ी में वे मजदूर से छीना गया मोबाइल भी सड़क पर ही फेंक गए।
प्रशासनिक रुख: मौके पर पहुंचे एएसपी क्रिस्तोफर केरकेट्टा, दो खोखे बरामद
मजदूरों की सूचना पर तोरपा थाना पुलिस आधी रात को ही कमान संभालते हुए घटना स्थल पर पहुंची।
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एसआईटी (SIT) का गठन: खूंटी एसपी के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एएसपी क्रिस्तोफर केरकेट्टा के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है, जिसमें पुलिस इंस्पेक्टर अशोक कुमार सिंह को भी शामिल किया गया है।
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शूटरों की पहचान का दावा: सोमवार सुबह घटना स्थल का मुआयना करने पहुंचे एएसपी क्रिस्तोफर केरकेट्टा ने मजदूरों से पूछताछ के बाद बताया कि पुलिस ने मौके से दो जिंदा खोखे और अपराधियों की बाइक जब्त कर ली है। अपराधियों की शिनाख्त कर ली गई है और तोरपा व अड़की के जंगलों में लगातार छापेमारी की जा रही है। मुंशी नयन के लिखित बयान पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
विकास की राह में रोड़ा अटकाने वालों का खात्मा जरूरी
तोरपा के सुंदारी पाकर टोली नाले पर बनने वाला यह उच्च स्तरीय पुल इस ग्रामीण इलाके के आर्थिक विकास के लिए बेहद जरूरी है। मजदूरों ने जो साहस दिखाया है, उसकी जितनी सराहना की जाए कम है, लेकिन यह घटना पुलिस गश्त पर भी गंभीर सवाल उठाती है कि संवेदनशील निर्माण स्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं थे? एएसपी क्रिस्तोफर केरकेट्टा का यह दावा कि अपराधी जल्द जेल में होंगे, तभी कारगर माना जाएगा जब इन शूटरों को पकड़कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा ताकि ठेकेदार और मजदूर बिना किसी खौफ के इस पुल का निर्माण कार्य पूरा कर सकें।
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