Khunti Theft : खूंटी जेल के पास तीन दुकानों के ताले टूटे, चोरों ने सिर्फ नकदी पर किया हाथ साफ, स्कूल ड्रेस के पैसे भी ले गए

खूंटी कचहरी परिसर में जिला जेल के पास अज्ञात चोरों ने तीन दुकानों को निशाना बनाया है। बच्चों की स्कूल ड्रेस के लिए जमा पूंजी और कैश काउंटर से हजारों की चोरी की पूरी इनसाइड रिपोर्ट यहाँ देखें।

Apr 8, 2026 - 16:08
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Khunti Theft : खूंटी जेल के पास तीन दुकानों के ताले टूटे, चोरों ने सिर्फ नकदी पर किया हाथ साफ, स्कूल ड्रेस के पैसे भी ले गए
Khunti Theft : खूंटी जेल के पास तीन दुकानों के ताले टूटे, चोरों ने सिर्फ नकदी पर किया हाथ साफ, स्कूल ड्रेस के पैसे भी ले गए

खूंटी/झारखंड, 8 अप्रैल 2026 – भगवान बिरसा मुंडा की धरती खूंटी से एक ऐसी चोरी की वारदात सामने आई है जिसने पुलिस प्रशासन की चौकसी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले के सबसे संवेदनशील माने जाने वाले कचहरी परिसर में मंगलवार की रात अज्ञात चोरों ने एक साथ तीन दुकानों के शटर उखाड़ दिए। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह वारदात उस स्थान पर हुई है जहाँ से चंद कदमों की दूरी पर जिला जेल स्थित है और जहाँ 24 घंटे सुरक्षा का पहरा होने का दावा किया जाता है। शातिर चोरों ने दुकानों से कीमती सामान छोड़कर केवल नकद राशि पर हाथ साफ किया है।

निशाने पर 'कैश': ताले तोड़कर सिर्फ पैसे ले उड़े शातिर

मंगलवार की काली रात चोरों ने कचहरी परिसर में योजनाबद्ध तरीके से प्रवेश किया।

  • एक ही पैटर्न पर चोरी: चोरों ने दुकानों के शटर के ताले तोड़े और सीधे कैश काउंटर तक पहुँचे।

  • सामान को नहीं छुआ: आमतौर पर चोर दुकानों से कीमती उपकरण या सामान भी ले जाते हैं, लेकिन यहाँ चोरों ने किसी भी अन्य वस्तु को हाथ तक नहीं लगाया। इससे यह साफ है कि अपराधी केवल 'लिक्विड कैश' की तलाश में आए थे ताकि पकड़े जाने का जोखिम कम हो।

  • सुबह खुला राज: बुधवार सुबह जब दुकानदार अपनी दुकानें खोलने पहुँचे, तो टूटे हुए ताले देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।

पीड़ितों का दर्द: किसी की जमा पूंजी गई, तो किसी का स्कूल ड्रेस का सपना

इस चोरी ने छोटे दुकानदारों की कमर तोड़ दी है।

  1. सुधीर सिंह की व्यथा: पीड़ित दुकानदार सुधीर सिंह ने नम आंखों से बताया कि उन्होंने पाई-पाई जोड़कर ढाई हजार रुपये जमा किए थे। यह रकम उन्होंने अपने बच्चों के लिए नई स्कूल ड्रेस खरीदने के लिए रखी थी, जिसे चोर ले उड़े।

  2. प्रमोद तोपनो का नुकसान: दुकानदार प्रमोद तोपनो के कैश काउंटर से चोरों ने करीब साढ़े पांच हजार रुपये पार कर दिए।

  3. कुंडू जेरॉक्स: इसी परिसर में स्थित कुंडू जेरॉक्स नामक दुकान से भी चोरों ने ढाई हजार रुपये की नकदी पर हाथ साफ किया।

न्याय के केंद्र में अन्याय की धमक

खूंटी का कचहरी परिसर ऐतिहासिक और प्रशासनिक रूप से जिले का हृदय स्थल है।

  • संवेदनशील क्षेत्र: यहाँ न केवल कोर्ट और वकीलों के चैंबर हैं, बल्कि पास ही जिला जेल और अन्य सरकारी कार्यालय भी हैं। ब्रिटिश काल से ही यह क्षेत्र प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र रहा है।

  • सुरक्षा में चूक: जेल की निकटता के कारण यहाँ रात में पुलिस गश्त और संतरी का पहरा रहता है। इसके बावजूद चोरों का बेखौफ होकर तीन दुकानों के ताले तोड़ना स्थानीय सुरक्षा तंत्र की विफलता की ओर इशारा करता है।

  • बढ़ता अपराध ग्राफ: पिछले कुछ समय में खूंटी के शहरी इलाकों में छोटी चोरी की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है, जिससे व्यापारियों के बीच असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।

खूंटी पुलिस की जांच और बढ़ता दबाव

घटना की सूचना मिलते ही खूंटी पुलिस की टीम मौके पर पहुँची और साक्ष्य जुटाने शुरू किए।

  • पूछताछ शुरू: पुलिस आसपास के दुकानदारों और कचहरी कर्मियों से पूछताछ कर रही है। यह भी देखा जा रहा है कि क्या आसपास के किसी सीसीटीवी कैमरे में चोरों की तस्वीर कैद हुई है।

  • स्थानीय लोगों का आक्रोश: कचहरी परिसर जैसे सुरक्षित स्थान पर हुई इस चोरी ने पुलिस की गश्ती प्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। दुकानदारों ने मांग की है कि रात के वक्त गश्ती बढ़ाई जाए और चोरों को जल्द गिरफ्तार कर उनकी मेहनत की कमाई वापस दिलाई जाए।

  • सुरक्षा ऑडिट: व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि कचहरी परिसर में प्रवेश के रास्तों पर बेहतर लाइटिंग और नाइट विजन कैमरों की व्यवस्था की जाए।

खूंटी कचहरी परिसर में हुई यह चोरी केवल चंद रुपयों की क्षति नहीं है, बल्कि यह कानून के रखवालों के लिए एक खुली चुनौती है। जब जिला जेल के बगल में स्थित दुकानें सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या होगा? सुधीर सिंह के बच्चों की स्कूल ड्रेस के पैसे चोरी होना एक भावनात्मक चोट भी है। अब यह देखना होगा कि खूंटी पुलिस इन चोरों को कब तक सलाखों के पीछे पहुँचा पाती है। फिलहाल, शहर के व्यापारियों में भारी नाराजगी और चिंता देखी जा रही है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।