Jharkhand Weather : झारखंड में मोंथा तूफान का असर खत्म, उत्तराखंड की बर्फबारी से मार्च तक बढ़ेगी भयंकर ठंड, इन जिलों में तापमान गिरा
क्या आप जानते हैं कि झारखंड में मोंथा तूफान का असर खत्म होते ही ला-नीना प्रभाव के कारण ठंड इतनी तेज़ी से क्यों बढ़ी है? मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक मौसम शुष्क क्यों रहने की संभावना जताई है? रांची, खूंटी और गुमला में आज तापमान 12 डिग्री तक क्यों जा सकता है? इस साल सर्दी के दिन अधिक लंबे और रातें छोटी क्यों होंगी? उत्तराखंड की बर्फबारी का सीधा असर झारखंड पर क्यों पड़ेगा? पूरी जानकारी पढ़ें!
रांची, 6 नवंबर 2025 – बंगाल की खाड़ी में उठे मोंथा तूफान का असर अब पूरी तरह से झारखंड से समाप्त हो गया है, लेकिन इसके जाते ही राज्य में ठंड ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) की ओर से जारी अपडेट के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान में उतार-चढ़ाव देखा जाएगा, लेकिन दीर्घकालिक रूप से यह साल झारखंड के लिए 'सर्दी का लंबा दौर' लेकर आया है। मौसम विज्ञान केंद्र रांची ने स्पष्ट किया है कि उत्तराखंड और हिमालयी क्षेत्रों में होने वाली बड़ी बर्फबारी का सीधा और भयंकर असर झारखंड पर दिखेगा, जिसके कारण सर्दी मार्च के अंत तक बनी रहने की संभावना है।
तापमान का खेल: पहले बढ़ोतरी, फिर गिरावट का झटका
आईएमडी के अनुसार, राज्य में अगले पांच दिनों तक मौसम मुख्यतः शुष्क बना रहेगा।
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उतार-चढ़ाव: आने वाले दो दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की अस्थायी बढ़ोतरी देखी जा सकती है।
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ठंड का हमला: लेकिन इसके बाद न्यूनतम तापमान में पुनः 2 से 3 डिग्री की गिरावट होने की संभावना जताई गई है, जो ठिठुरन को और बढ़ाएगी।
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वर्तमान स्थिति: रांची में बुधवार को अधिकतम तापमान 26.6 और न्यूनतम 14.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जमशेदपुर (30.9), डाल्टनगंज (32.0), बोकारो (27.5) और चाईबासा (31.8) सहित सभी जिलों में रात के तापमान में गिरावट आने से ठिठुरन बढ़ गई है।
इन जिलों को होना होगा तैयार: कोहरे का असर
मौसम विभाग ने विशेष रूप से कुछ जिलों में आज ज्यादा ठंड पड़ने का अनुमान जताया है।
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सबसे ठंडे जिले: रांची, खूंटी, कोडरमा, गुमला और लातेहार जिलों में न्यूनतम तापमान 12 से 14 डिग्री सेल्सियस तक रहने का अनुमान है।
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दृश्यता: सुबह के समय इन इलाकों में घना कोहरा और धुंध देखने को मिलेगा, जिससे सड़क पर दृश्यता बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। दिन में हालांकि आसमान मुख्यतः साफ रहेगा।
ला-नीना इफेक्ट: क्यों लंबी होगी इस साल की सर्दी
मौसम विज्ञान केंद्र रांची के अनुसार, इस साल सर्दी के मौसम का सबसे बड़ा कारण ला-नीना प्रभाव (La Niña Effect) है।
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बर्फबारी का असर: ला-नीना प्रभाव के कारण उत्तराखंड और हिमालयी क्षेत्रों में अधिक बर्फबारी होने की संभावना है। चूंकि झारखंड में ठंडी और शुष्क हवाएं इन्हीं पहाड़ी इलाकों से आती हैं, इसलिए ठंड की तीव्रता बहुत ज्यादा बढ़ेगी।
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सर्दी का लंबा दौर: मौसम वैज्ञानिकों ने भविष्यवाणी की है कि इस साल सर्दी के दिन अधिक लंबे होंगे और रातें छोटी रहेंगी, और ठंडक मार्च के अंत तक बनी रहने की संभावना है।
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