Jamshedpur Bike Bust: जमशेदपुर में अंतर्राज्यीय बाइक चोर गिरोह का भंडाफोड़, 5 मोटरसाइकिल बरामद, शहर से चोरी कर ग्रामीण इलाकों में खपाते थे गाड़ियां

जमशेदपुर की उलीडीह पुलिस ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों से बाइक चोरी करने वाले गिरोह के सदस्यों को 5 मोटरसाइकिलों के साथ दबोचा है। शहर से चुराकर ग्रामीण इलाकों में गाड़ियां बेचने वाले इस सिंडिकेट की पूरी इनसाइड रिपोर्ट यहाँ देखें।

Apr 9, 2026 - 17:33
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Jamshedpur Bike Bust: जमशेदपुर में अंतर्राज्यीय बाइक चोर गिरोह का भंडाफोड़, 5 मोटरसाइकिल बरामद, शहर से चोरी कर ग्रामीण इलाकों में खपाते थे गाड़ियां
Jamshedpur Bike Bust: जमशेदपुर में अंतर्राज्यीय बाइक चोर गिरोह का भंडाफोड़, 5 मोटरसाइकिल बरामद, शहर से चोरी कर ग्रामीण इलाकों में खपाते थे गाड़ियां

जमशेदपुर/उलीडीह, 9 अप्रैल 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर में पिछले कुछ समय से दोपहिया वाहन स्वामियों की नींद उड़ाने वाले एक शातिर बाइक चोर गिरोह का उलीडीह थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में गिरोह के सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके पास से 5 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। उलीडीह थाना प्रभारी शारीक अली ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे रैकेट के काम करने के तरीके और इसमें शामिल अपराधियों के नाम उजागर किए। पुलिस की इस कार्रवाई से शहर में सक्रिय अन्य चोर गिरोहों के बीच हड़कंप मच गया है।

पुलिस की जाल में फंसे 'मास्टरमाइंड': शहर से गांव तक फैला था नेटवर्क

उलीडीह थाना पुलिस को लंबे समय से गुप्त सूचना मिल रही थी कि मानगो और आसपास के इलाकों से बाइक गायब करने वाला एक संगठित गिरोह सक्रिय है।

  • गिरफ्तारी की फेहरिस्त: गिरफ्तार अभियुक्तों में गोविंदपुर का रहने वाला बापी समद उर्फ ब्रह्मानंद सामद (45), बसंती समद (40), सुखदेव लोहरा (22) और मिथुन समद शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि बापी और बसंती को इस मामले में पूर्व में ही जेल भेजा जा चुका है।

  • बरामदगी: अपराधियों की निशानदेही पर पुलिस ने अलग-अलग स्थानों से चोरी की 5 मोटरसाइकिलें जब्त की हैं, जिन्हें बेचने की तैयारी चल रही थी।

  • गिरोह की ताकत: थाना प्रभारी ने बताया कि इस गिरोह में कुल 8 से 10 सदस्य शामिल हैं। पुलिस अब गिरोह के बाकी बचे सदस्यों की तलाश में जगह-जगह छापेमारी कर रही है।

चोरी का 'मोडस ऑपेरंडी': शहर में हाथ साफ, गांव में सौदा

पूछताछ में पकड़े गए चोरों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। इनका काम करने का तरीका पूरी तरह पेशेवर था।

  1. टारगेट एरिया: ये सदस्य जमशेदपुर के भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों, बाजारों और अस्पतालों के बाहर खड़ी बाइकों को अपना निशाना बनाते थे।

  2. सप्लाई चेन: शहर से बाइक चोरी करने के बाद, ये गिरोह के दूसरे सदस्यों को गाड़ियाँ सौंप देते थे। ये गाड़ियाँ तुरंत ईचागढ़, पटमदा, बोड़ाम और मुसाबनी जैसे ग्रामीण इलाकों में भेज दी जाती थीं।

  3. दूर-दराज में बिक्री: ग्रामीण क्षेत्रों में इन बाइकों को कम कीमतों पर बेच दिया जाता था, जहाँ कागजात की जांच कम होती है। इस तरह ये शहर की चोरी की गाड़ियों को ग्रामीण इलाकों के रास्तों पर हमेशा के लिए गायब कर देते थे।

जमशेदपुर और बाइक चोरी: अपराध का पुराना 'हॉटस्पॉट'

जमशेदपुर, जो अपने व्यापारिक और औद्योगिक विस्तार के लिए जाना जाता है, वहां बाइक चोरी की समस्या दशकों पुरानी है।

  • इतिहास की गूँज: मानगो और उलीडीह जैसे घनी आबादी वाले इलाके हमेशा से ही तस्करों और चोरों के लिए 'सेफ हेवन' माने जाते रहे हैं। अतीत में भी यहाँ से बड़े अंतर्राज्यीय गिरोहों को पकड़ा गया है जिनके तार बंगाल और ओडिशा से जुड़े थे।

  • अपराधिक रिकॉर्ड: पुलिस ने बताया कि बसंती को छोड़कर गिरफ्तार सभी सदस्यों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। ये पेशेवर अपराधी हैं जो जेल से छूटने के बाद दोबारा इसी धंधे में लग जाते हैं।

  • उलीडीह पुलिस की मुस्तैदी: हाल के दिनों में उलीडीह थाना क्षेत्र में पेट्रोलिंग और सूचना तंत्र को मजबूत किया गया है, जिसके सुखद परिणाम इस बरामदगी के रूप में सामने आए हैं।

अगली कार्रवाई: रडार पर हैं गिरोह के 6 अन्य सदस्य

पुलिस ने इस गिरोह के खिलाफ अपनी कार्रवाई और तेज कर दी है।

  • फरार सदस्यों की तलाश: पुलिस उन 5-6 अन्य सदस्यों के मोबाइल लोकेशन ट्रेस कर रही है जो चोरी की गाड़ियों को खपाने में मुख्य भूमिका निभाते थे।

  • सघन जांच: जब्त की गई 5 मोटरसाइकिलों के इंजन और चेसिस नंबर का मिलान शहर के विभिन्न थानों में दर्ज एफआईआर से किया जा रहा है ताकि उनके असली मालिकों का पता लगाया जा सके।

  • न्यायिक हिरासत: गुरुवार को सभी आरोपियों को औपचारिक पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

जमशेदपुर में बाइक चोरों के इस सिंडिकेट का टूटना वाहन स्वामियों के लिए एक बड़ी राहत है। बापी और मिथुन जैसे शातिर अपराधियों का जेल जाना पुलिस की कार्यकुशलता को दर्शाता है। हालांकि, गिरोह के बाकी सदस्यों का अभी भी बाहर होना एक चुनौती है। उलीडीह पुलिस की यह रेड उन लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है जो शहर की सड़कों को अपनी 'कमाई का जरिया' समझते हैं। अब जरूरत है कि लोग अपनी गाड़ियों में आधुनिक लॉक सिस्टम का उपयोग करें ताकि इन शातिर चोरों के मंसूबों को नाकाम किया जा सके। फिलहाल, उलीडीह पुलिस की इस कार्रवाई की पूरे शहर में सराहना हो रही है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।