Jamshedpur School Cooler: भीषण गर्मी के बीच कालीमाटी स्कूल को मिला वाटर कूलर, छात्रों को ठंडे पानी की सुविधा
कालीमाटी जेम्को स्कूल में प्रबुद्ध व्यक्ति ने भेंट किया वाटर कूलर, भीषण गर्मी में छात्रों को मिलेगा शीतल पेयजल, करनदीप सिंह के प्रयास से।
Jamshedpur Good News: उत्क्रमित उच्च विद्यालय कालीमाटी (जेम्को) में बढ़ती गर्मी और लू से छात्रों को राहत देने के लिए वाटर कूलर स्थापित किया गया है। यह वाटर कूलर विद्यालय के पोषक क्षेत्र के एक प्रबुद्ध एवं उदार व्यक्ति ने भेंट स्वरूप दिया है। अब छात्रों को भीषण गर्मी में ठंडा और स्वच्छ पेयजल मिल सकेगा।
करनदीप सिंह के प्रयास ने दिलाई छात्रों को राहत
विद्यालय प्रबंधन समिति के प्रतिनिधि सदस्य श्री करनदीप सिंह ने विद्यालय में शीतल पेयजल की आवश्यकता को देखते हुए पोषक क्षेत्र के एक उदार व्यक्ति से इस संबंध में आग्रह किया था। उनके इस निस्वार्थ प्रयास और दानदाता की उदारता के परिणामस्वरूप अब विद्यालय के छात्र-छात्राओं को ठंडा पानी पीने को मिलेगा।
प्रधानाचार्य ने जताया आभार
विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्री धनंजय श्रीवास्तव ने दानदाता एवं श्री करनदीप सिंह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, “पोषक क्षेत्र के लोगों का विद्यालय के प्रति ऐसा जुड़ाव और सहयोग शिक्षा के वातावरण को बेहतर बनाने में सहायक सिद्ध होता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह वाटर कूलर न सिर्फ प्यास बुझाएगा, बल्कि गर्मी से होने वाली बीमारियों से भी बचाएगा।
कालीमाटी और जेम्को क्षेत्र का परिचय
जमशेदपुर का कालीमाटी और जेम्को इलाका शहर के पुराने आवासीय क्षेत्रों में से एक है। जेम्को (JEMCO) का नाम जमशेदपुर इंजीनियरिंग एंड मैन्युफैक्चरिंग कंपनी से लिया गया है, जो कभी एक प्रमुख औद्योगिक इकाई हुआ करती थी। यह इलाका मुख्य रूप से कामगारों और मध्यम वर्गीय परिवारों की बस्ती है। कालीमाटी में उत्क्रमित उच्च विद्यालय दशकों से यहाँ के बच्चों को शिक्षा देने का कार्य कर रहा है। इस इलाके में स्कूलों में संसाधनों की कमी एक पुरानी समस्या रही है, लेकिन स्थानीय समुदाय के सहयोग से कई बार जरूरी सुविधाएं जुटाई जाती रही हैं।
40 डिग्री पार तापमान के बीच बड़ी मदद
जमशेदपुर इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। तापमान 40 डिग्री के पार है और लू चल रही है। स्कूलों में बच्चों को पीने का साफ पानी मिलना एक चुनौती है। अक्सर गर्मी और प्यास के कारण बच्चे बीमार पड़ जाते हैं या पढ़ाई में ध्यान नहीं लगा पाते। ऐसे में वाटर कूलर की स्थापना बच्चों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है।
स्वच्छता और ठंडे पानी की दोहरी सुविधा
यह वाटर कूलर न सिर्फ पानी को ठंडा करता है, बल्कि उसे फिल्टर भी करता है। इससे बच्चों को न सिर्फ ठंडा बल्कि शुद्ध पानी भी मिलेगा। गर्मियों में दूषित पानी पीने से टाइफाइड, हैजा और डायरिया जैसे रोग फैलने का खतरा रहता है। इस वाटर कूलर से उन बीमारियों से बचाव में भी मदद मिलेगी।
स्थानीय समुदाय की बड़ी भूमिका
इस वाटर कूलर की भेंट साबित करती है कि सरकारी सुविधाओं की कमी को अगर स्थानीय समुदाय मिलकर पूरा करे, तो बेहतर परिणाम आ सकता है। प्रबंधन समिति के सदस्य करनदीप सिंह ने एक उदार दानदाता से संपर्क साधा और विद्यालय के लिए यह सुविधा जुटाई। यह पहल दूसरे स्कूलों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है।
बच्चों की खुशी देखते ही बनती है
इस वाटर कूलर को देखकर बच्चों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। एक छात्र ने कहा, “पहले हम गर्म पानी पीते थे या फिर प्यासे ही रहते थे। अब हमें ठंडा पानी मिलेगा।” एक अन्य छात्रा ने कहा, “घर से पानी लेकर आना मुश्किल होता था। अब स्कूल में ही मिल जाएगा।”
एक छोटे कदम का बड़ा असर
यह वाटर कूलर अपने आप में एक छोटा उपकरण है, लेकिन इसका असर बच्चों के स्वास्थ्य और पढ़ाई पर बहुत बड़ा पड़ेगा। गर्मी कम होने के साथ ही छात्रों का ध्यान केंद्रित होगा और वे बार-बार पानी को लेकर परेशान नहीं होंगे। उम्मीद है कि अन्य स्कूलों में भी ऐसी सुविधाएं मुहैया कराने के लिए स्थानीय लोग आगे आएंगे।
आपकी राय क्या है – क्या आपके आसपास के सरकारी स्कूलों में पीने के पानी की समुचित व्यवस्था है? कमेंट में बताएं।
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