Chaibasa Kirtan Rally : गो सम्मान रैली ने नगर में लहराया भक्ति का झंडा, SDO को सौंपा ज्ञापन
गो सम्मान आह्वान अभियान के तहत भव्य संकीर्तन रैली, बाल मंडली से निकली, अनुमंडल कार्यालय पहुंची, SDO को ज्ञापन सौंपा, गौ माता को राष्ट्रीय माता बनाने की मांग।
Chaibasa Big Movement: गो सम्मान आह्वान अभियान के तहत चाईबासा में रविवार (27 अप्रैल 2026) को एक भव्य संकीर्तन रैली निकाली गई। यह रैली बाल मंडली, निमडीह चाईबासा से प्रारंभ होकर अनुमंडल कार्यालय, सदर चाईबासा तक पहुंची। रैली में सैकड़ों श्रद्धालुओं, संतों और नगरवासियों ने भाग लिया।
बैनर-पोस्टर के साथ निकली भव्य रैली
बैनर-पोस्टर और संकीर्तन दल के साथ यह रैली पूरे चाईबासा नगर में घूमी। हर आयु वर्ग के लोग इसमें शामिल हुए। महिलाएं, युवा और बच्चे – सभी ने गौ माता के सम्मान में गीत गाए और ‘गौ माता की जय’ के नारे लगाए। नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए रैली जब अनुमंडल कार्यालय पहुंची, तो पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बन गया।
गौ माता को ‘राष्ट्रीय माता’ बनाने की मांग
रैली के समापन पर अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) को एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में दो मुख्य मांगें रखी गईं:
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गौ माता के संरक्षण एवं सम्मान के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
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गौ माता को ‘राष्ट्रीय माता’ घोषित किया जाए।
आयोजकों ने कहा कि जब तक गौ माता को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान नहीं मिलेगा, तब तक उनके संरक्षण के प्रयास अधूरे रहेंगे।
गौ संरक्षण की परंपरा में चाईबासा का योगदान
चाईबासा पश्चिम सिंहभूम जिला मुख्यालय है। यह नगर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, झरनों और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है। चाईबासा कभी कोल्हान रियासत का हिस्सा था और यहाँ की आदिवासी परंपराओं में प्रकृति पूजा का विशेष स्थान रहा है। गौवंश को यहाँ हमेशा सम्मान की दृष्टि से देखा गया है। इस रैली ने उसी परंपरा को नई ऊर्जा दी है। निमडीह बाल मंडली से रैली शुरू करने का विशेष महत्व था, क्योंकि यह क्षेत्र सामाजिक आयोजनों का केंद्र रहा है।
मां कामधेनु सेवा समिति ने किया आयोजन
इस कार्यक्रम का आयोजन मां कामधेनु सेवा समिति द्वारा किया गया। समिति की अध्यक्ष श्रीमती कमला देवी और सचिव श्रीमती प्रेमा शर्मा ने कार्यक्रम का सफल संचालन किया। दोनों नेतृत्व में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। शहर के विभिन्न वर्गों से जुड़े लोग रैली में शामिल हुए।
इन लोगों ने रैली को बनाया सफल
रैली और ज्ञापन कार्यक्रम को सफल बनाने में निम्न लोगों का विशेष योगदान रहा:
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कार्यक्रम संयोजक सर्वेश प्रसाद
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सहसंयोजक दुवारिका शर्मा
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डॉली कर, रिंकू यादव, मंजू निषाद, परमिला देवी
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संजू देवी, मीरा देवी, चंद्र देवी, शोभा सह
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बिश्नोती देवी, दीपक गुप्ता, शुभम तिवारी
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अंकित साहू, हिमांशु पासवान, समीर पाल, संतोष सिंह, वरुण प्रजापति
सभी ने अपने स्तर पर कार्यक्रम को सफल बनाने में भूमिका निभाई।
सभी वर्गों के लोग हुए शामिल
इस रैली में चाईबासा नगर के सभी वर्गों के लोगों ने भाग लिया। चाहे युवा हो, बुजुर्ग या महिलाएं – सभी ने उत्साह दिखाया। यह रैली सिर्फ एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक जनजागरण अभियान था, जिसका उद्देश्य समाज में गौ माता के प्रति सम्मान, जागरूकता एवं संरक्षण का संदेश देना था।
“गौ माता राष्ट्र की माता” की गूंज
रैली के दौरान सबसे अधिक ‘गौ माता राष्ट्र की माता’ के नारे गूंजे। आयोजकों का कहना है कि गौवंश की रक्षा के लिए जब तक उसे राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान नहीं मिलता, तब तक तस्करी, हत्या और क्रूरता की घटनाओं पर पूरी तरह रोक नहीं लग पाएगी। उन्होंने सरकार से इस दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की।
आगे क्या होगा?
आयोजकों ने घोषणा की है कि यह सिर्फ शुरुआत है। जल्द ही अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से गौ सम्मान को लेकर आवाज उठाई जाएगी। अनुमंडल अधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन पर प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जाएगा। समिति का कहना है कि अगर मांगें नहीं मानी गईं, तो आगे आंदोलन तेज किया जाएगा।
आपकी राय क्या है – क्या गौ माता को राष्ट्रीय माता का दर्जा दिया जाना चाहिए? कमेंट में बताएं।
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