Parrot Smuggling: बड़ी कार्रवाई, साकची गोलचक्कर पर 100 तोते जब्त, कोलकाता से जुड़े तस्करी के तार, दो गिरफ्तार
जमशेदपुर के साकची गोलचक्कर पर वन विभाग ने एक बड़े तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए पेटी में बंद 100 से अधिक तोतों को आजाद कराया है। कोलकाता से ऑटो के जरिए लाए गए इन पक्षियों और पकड़े गए तस्करों के चौंकाने वाले कबूलनामे की पूरी रोंगटे खड़े कर देने वाली रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी शहर में चल रहे वन्यजीवों के इस काले कारोबार से अनजान रह जाएंगे।
जमशेदपुर, 12 जनवरी 2026 – लौहनगरी के सबसे व्यस्त इलाके साकची गोलचक्कर पर रविवार की शाम उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब वन विभाग की एक विशेष टीम ने फिल्मी अंदाज में घेराबंदी कर 100 से अधिक तोतों को तस्करों के चंगुल से छुड़ाया। कोलकाता से लाए गए इन मासूम पक्षियों को शहर के अलग-अलग हिस्सों में ऊंचे दामों पर बेचने की तैयारी थी। पेटी में ठूंस-ठूंस कर भरे गए इन तोतों की चीखें जैसे ही वन विभाग के अधिकारियों तक पहुँचीं, इस अवैध कारोबार का पर्दाफाश हो गया। पुलिस ने मौके से दो शातिर तस्करों को दबोच लिया है, जिनकी निशानदेही पर अब शहर के कई अन्य ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
साकची गोलचक्कर पर 'सर्जिकल स्ट्राइक': पेटी खोलते ही उड़े होश
वन विभाग को पहले ही गुप्त सूचना मिल चुकी थी कि कोलकाता से वन्यजीवों की एक बड़ी खेप जमशेदपुर में दाखिल होने वाली है।
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ऑटो से हो रही थी तस्करी: तस्करों ने पहचान छिपाने के लिए एक पैसेंजर ऑटो का इस्तेमाल किया था। जैसे ही ऑटो साकची गोलचक्कर के पास पहुँचा, डीएफओ सबा आलम अंसारी के नेतृत्व में टीम ने उसे रोक लिया।
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पेटी में कैद थी जिंदगी: तलाशी के दौरान ऑटो के पीछे रखी एक बड़ी पेटी को खोला गया, तो अंदर का नजारा देखकर अधिकारियों की रूह कांप गई। एक ही पेटी में 100 से अधिक तोतों को बेरहमी से बंद किया गया था।
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दो तस्कर गिरफ्तार: मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो इस रैकेट के मुख्य सूत्रधार माने जा रहे हैं।
कोलकाता कनेक्शन: जमशेदपुर के 'सेफ हाउस' में छिपे हैं और भी पक्षी?
गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में जो खुलासे किए हैं, उसने वन विभाग की नींद उड़ा दी है।
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बड़ा नेटवर्क: आरोपियों ने कबूल किया कि वे लंबे समय से कोलकाता से पक्षियों की तस्करी कर जमशेदपुर लाते रहे हैं।
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गुप्त ठिकाने: पूछताछ में पता चला है कि इस खेप के अलावा भी कई तोते और दुर्लभ पक्षी शहर के अलग-अलग इलाकों में छिपाकर रखे गए हैं।
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छापेमारी जारी: डीएफओ के निर्देश पर टीम अब उन 'सेफ हाउस' की तलाश में है जहाँ तस्करी के अन्य पक्षियों को रखे जाने की सूचना मिली है।
साकची तोता तस्करी कांड: मुख्य विवरण (Smuggling Snapshot)
| विवरण | जानकारी (Details) |
| जब्त किए गए पक्षी | 100 से अधिक तोते (Parrots) |
| पकड़े गए आरोपी | 02 मुख्य तस्कर |
| तस्करी का रूट | कोलकाता से जमशेदपुर (वाया ऑटो) |
| मुख्य अधिकारी | डीएफओ सबा आलम अंसारी |
| कानूनी धाराएं | वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (Wildlife Protection Act) |
इतिहास का पन्ना: कोल्हान में 'बर्ड स्मगलिंग' का पुराना जाल
जमशेदपुर और आसपास का इलाका ऐतिहासिक रूप से पक्षियों की अवैध मंडी के लिए कुख्यात रहा है। साल 2018 और 2022 में भी जुगसलाई और साकची के बाजारों से दुर्लभ प्रजाति के तोतों और पहाड़ी मैना की बरामदगी हुई थी। इतिहास गवाह है कि कोलकाता की 'गालिफ स्ट्रीट' जैसे पक्षी बाजारों से इन जीवों को चोरी-छिपे झारखंड और ओडिशा के बाजारों में खपाया जाता है। कोल्हान के जंगलों से भी कई बार दुर्लभ प्रजातियों को पकड़कर बाहर भेजा जाता रहा है। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत तोतों को पालना या बेचना एक गैर-जमानती अपराध है, लेकिन मुनाफे के लालच में तस्कर इन मासूमों की जान जोखिम में डालते हैं।
डीएफओ का कड़ा रुख: "बख्शे नहीं जाएंगे अपराधी"
डीएफओ सबा आलम अंसारी ने बताया कि विभाग अब इस पूरे चेन को तोड़ने की कोशिश कर रहा है।
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कड़ी कार्रवाई: आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्हें जेल भेजने की तैयारी की जा रही है।
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जनता से अपील: वन विभाग ने शहरवासियों से अपील की है कि वे तोतों या किसी भी वन्यजीव को खरीदने से बचें, क्योंकि उन्हें पालना कानूनन अपराध है।
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अगली कार्रवाई: गिरफ्तार तस्करों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं, जिनसे शहर के कई 'स्थानीय खरीदारों' के नाम सामने आने की उम्मीद है।
बेजुबानों की आजादी के लिए बड़ी जीत
साकची में हुई यह कार्रवाई उन लोगों के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो बेजुबान पक्षियों को अपनी तिजोरी भरने का जरिया समझते हैं। जब्त किए गए तोतों का मेडिकल चेकअप कराने के बाद उन्हें सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया जाएगा।
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